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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: आधी रात को जन्मे कन्हाई, चहुं ओर गूंजा...नंद घर आनंद भए, जय कन्हैयालाल की
Sat, 05 Sep 2026 10:53 AM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Sat, 05 Sep 2026 10:53 AM IST
रात में घड़ी की दोनों सुइयां 12 पर पहुंचते ही मंदिरों और घरों में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। इसके साथ ही घंटे-घड़ियाल बज उठे और नंद के आनंद भये, जय कन्हैया लाल की के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सजा जोगिया स्थित बिहारी जी मंदिर
- फोटो : संवाद
विस्तार
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर 4 सितंबर को पूरा हाथरस शहर आस्था और श्रद्धा में सराबोर हो गया। घरों और मंदिरों में कान्हा के स्वागत के लिए आकर्षक सजावट की गई। भोग के लिए मीठे और नमकीन व्यंजन तैयार किए गए। आधी रात को अजन्मा का जन्म होते ही शहर में बधाई गीतों की गूंज शुरू हो गई।
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मंदिरों में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर रात तक चलता रहा। घरों में भी श्रद्धालुओं ने लड्डू गोपाल की पूजा-अर्चना कर जन्मोत्सव की तैयारियां कीं। बच्चों को राधाकृष्ण के रूप में सजाया गया। रात में घड़ी की दोनों सुइयां 12 पर पहुंचते ही मंदिरों और घरों में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। इसके साथ ही घंटे-घड़ियाल बज उठे और नंद के आनंद भये, जय कन्हैया लाल की के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।
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श्रद्धालुओं ने खीरे से गर्भ से लड्डू गोपाल की प्रतिमाओं को बाहर निकाला, पंचामृत से अभिषेक कराया, नई पोशाक और आभूषण धारण कराए और फिर पूरे परिवार सहित आरती की। भगवान को लड्डू, मठरी, मिंगी पाग, पंजीरी, पंचामृत व अन्य व्यंजनों से भोग लगाया। 5 सितंबर को शहर में नंदोत्सव की धूम रहेगी।
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