{"_id":"6a626431f60bebca570d1447","slug":"no-proposals-even-submitted-development-stalled-orai-news-c-224-1-ori1005-147218-2026-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: प्रस्ताव लिए ही नहीं...थमा विकास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: प्रस्ताव लिए ही नहीं...थमा विकास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- मार्च की बोर्ड बैठक में सिर्फ बजट हुआ था पास, अभी तक नहीं लिए गए सभासदों से प्रस्ताव
- सड़क, नाली और सफाई व्यवस्था बदहाल, कहीं दलदल में फंसी कार, कहीं गंदगी से पटे नाले
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। बारिश ने नगर पालिका की तैयारियों और विकास कार्यों की हकीकत सामने ला दी है। शहर में कहीं सड़कें दलदल बन गई हैं। कहीं गंदगी से नालियां और नाले चोक पड़े हैं तो कहीं बदबू और जलभराव से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। इन समस्याओं की वजह नगर पालिका की बोर्ड बैठक को लेकर चल रहा टकराव बताया जा रहा है। सभासदों का आरोप है कि पालिका प्रशासन ने अभी तक उनके वार्डों के विकास प्रस्ताव ही नहीं लिए जिससे जरूरी काम शुरू नहीं हो सके।
हर वर्ष मार्च में होने वाली बोर्ड बैठक में सभासद अपने-अपने वार्डों के विकास प्रस्ताव देते हैं और उसी आधार पर सड़क, नाली, जलनिकासी व अन्य बुनियादी कार्यों की योजना बनती है। इस बार 29 अप्रैल को बोर्ड बैठक तो बुलाई गई लेकिन उसमें केवल बजट पास करने की औपचारिकता पूरी कर दी गई। सभासदों को आश्वासन दिया गया कि उनके प्रस्ताव बाद में लिए जाएंगे लेकिन उसके बाद फिर बैठक नहीं हो सकी।
सभासदों का कहना है कि वे दो बार लिखित पत्र देकर बोर्ड बैठक बुलाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि यदि समय पर प्रस्ताव लेकर काम शुरू करा दिए जाते तो बारिश में शहर की यह बदहाल तस्वीर सामने नहीं आती। उधर पालिका और सभासदों के बीच जारी खींचतान का खामियाजा आम लोगों को सड़क, नाली, सफाई और जलभराव जैसी समस्याओं के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन
फोटो - 20 शांति नगर में बीच सड़क में धंसी कार। संवाद
केस-1-मुख्य सड़क पर दलदल, धंस गई कार
शांतिनगर में विद्या मंदिर स्कूल से मुख्य सड़क तक सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में पानी भरने से दलदल जैसी स्थिति बन गई है। बृहस्पतिवार को एक कार इसी दलदल में फंस गई जिसे दूसरे वाहन से खींचकर बाहर निकालना पड़ा। कुछ देर तक सड़क पर जाम की स्थिति भी बनी रही।
-- -- -- -- -- -- -- --
फोटो - 21 मुक्ति धाम के सामने गंदगी का लगा अंबार। संवाद
केस-2-मुक्तिधाम के सामने से निकलना मुश्किल
झांसी रोड चुंगी से बस स्टैंड जाने वाले मार्ग पर मुक्तिधाम के सामने गंदगी और जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। गड्ढों में भरे गंदे पानी और फैले कचरे से दुर्गंध उठ रही है, जिससे राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया है। यहां से रोजाना बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। बारिश में यह जगह कचरा डंपिंग साइट से कम नहीं लग रही।
फोटो - 22 उमराखेरा में गंदगी से पटा नाला। संवाद
केस-3-उमरार खेरा में गंदगी से पटे नाले
उमरार खेड़ा में नाला लंबे समय से गंदगी से पटा पड़ा है। आसपास सब्जी बाजार लगने के बावजूद नियमित सफाई नहीं हो रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई का टेंडर न होने से केवल दो सफाईकर्मियों के भरोसे पूरा वार्ड है और वे भी कभी-कभार ही सफाई करने पहुंचते हैं। ऐसे में बारिश के दौरान जलनिकासी की समस्या और गंभीर हो गई है।
वर्जन
नगर पालिका अधिकारियों को दो बार बैठक बुलाने के लिए पत्र दे चुके हैं। क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं का समाधान कैसे कराएं, जब पालिका प्रस्ताव लेने को ही तैयार नहीं। अगर बैठक समय पर होती तो यह स्थिति नहीं बनती।- विपिन सेठ, सभासद, तुलसीनगर पश्चिम
वर्जन
अभी बोर्ड बैठक के संबंध में कोई तैयारी नहीं है। सभासदों से चर्चा करने के बाद बैठक कराई जाएगी। - राम अचल कुरील, ईओ नगर पालिका।
विज्ञापन
- सड़क, नाली और सफाई व्यवस्था बदहाल, कहीं दलदल में फंसी कार, कहीं गंदगी से पटे नाले
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। बारिश ने नगर पालिका की तैयारियों और विकास कार्यों की हकीकत सामने ला दी है। शहर में कहीं सड़कें दलदल बन गई हैं। कहीं गंदगी से नालियां और नाले चोक पड़े हैं तो कहीं बदबू और जलभराव से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। इन समस्याओं की वजह नगर पालिका की बोर्ड बैठक को लेकर चल रहा टकराव बताया जा रहा है। सभासदों का आरोप है कि पालिका प्रशासन ने अभी तक उनके वार्डों के विकास प्रस्ताव ही नहीं लिए जिससे जरूरी काम शुरू नहीं हो सके।
हर वर्ष मार्च में होने वाली बोर्ड बैठक में सभासद अपने-अपने वार्डों के विकास प्रस्ताव देते हैं और उसी आधार पर सड़क, नाली, जलनिकासी व अन्य बुनियादी कार्यों की योजना बनती है। इस बार 29 अप्रैल को बोर्ड बैठक तो बुलाई गई लेकिन उसमें केवल बजट पास करने की औपचारिकता पूरी कर दी गई। सभासदों को आश्वासन दिया गया कि उनके प्रस्ताव बाद में लिए जाएंगे लेकिन उसके बाद फिर बैठक नहीं हो सकी।
विज्ञापन
सभासदों का कहना है कि वे दो बार लिखित पत्र देकर बोर्ड बैठक बुलाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि यदि समय पर प्रस्ताव लेकर काम शुरू करा दिए जाते तो बारिश में शहर की यह बदहाल तस्वीर सामने नहीं आती। उधर पालिका और सभासदों के बीच जारी खींचतान का खामियाजा आम लोगों को सड़क, नाली, सफाई और जलभराव जैसी समस्याओं के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन
फोटो - 20 शांति नगर में बीच सड़क में धंसी कार। संवाद
केस-1-मुख्य सड़क पर दलदल, धंस गई कार
शांतिनगर में विद्या मंदिर स्कूल से मुख्य सड़क तक सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में पानी भरने से दलदल जैसी स्थिति बन गई है। बृहस्पतिवार को एक कार इसी दलदल में फंस गई जिसे दूसरे वाहन से खींचकर बाहर निकालना पड़ा। कुछ देर तक सड़क पर जाम की स्थिति भी बनी रही।
फोटो - 21 मुक्ति धाम के सामने गंदगी का लगा अंबार। संवाद
केस-2-मुक्तिधाम के सामने से निकलना मुश्किल
झांसी रोड चुंगी से बस स्टैंड जाने वाले मार्ग पर मुक्तिधाम के सामने गंदगी और जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। गड्ढों में भरे गंदे पानी और फैले कचरे से दुर्गंध उठ रही है, जिससे राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया है। यहां से रोजाना बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। बारिश में यह जगह कचरा डंपिंग साइट से कम नहीं लग रही।
फोटो - 22 उमराखेरा में गंदगी से पटा नाला। संवाद
केस-3-उमरार खेरा में गंदगी से पटे नाले
उमरार खेड़ा में नाला लंबे समय से गंदगी से पटा पड़ा है। आसपास सब्जी बाजार लगने के बावजूद नियमित सफाई नहीं हो रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई का टेंडर न होने से केवल दो सफाईकर्मियों के भरोसे पूरा वार्ड है और वे भी कभी-कभार ही सफाई करने पहुंचते हैं। ऐसे में बारिश के दौरान जलनिकासी की समस्या और गंभीर हो गई है।
वर्जन
नगर पालिका अधिकारियों को दो बार बैठक बुलाने के लिए पत्र दे चुके हैं। क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं का समाधान कैसे कराएं, जब पालिका प्रस्ताव लेने को ही तैयार नहीं। अगर बैठक समय पर होती तो यह स्थिति नहीं बनती।- विपिन सेठ, सभासद, तुलसीनगर पश्चिम
वर्जन
अभी बोर्ड बैठक के संबंध में कोई तैयारी नहीं है। सभासदों से चर्चा करने के बाद बैठक कराई जाएगी। - राम अचल कुरील, ईओ नगर पालिका।