कोडीन सिरप कांड: ट्रांसपोर्टरों की कुंडली खंगाल रही एएनटीएफ, चार साल से चल रहा था खेल, दूसरे राज्य में भी दबिश
Kanpur News: ट्रांसपोर्ट नगर स्थित राजधानी इंटरस्टेट ट्रांसपोर्ट के गोदाम से 2.97 करोड़ रुपये मूल्य की 25 हजार कोडीन युक्त कफ सिरप की खेप बरामद होने के बाद एएनटीएफ ने शिकंजा कस दिया है। गिरफ्तार आरोपी मिहिर कुमार ठाकुर से पूछताछ में चार साल से चल रहे अवैध भंडारण और आपूर्ति का खुलासा हुआ है।
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कानपुर के टीपी नगर में राजधानी इंटरस्टेट ट्रांसपोर्ट के गोदाम से कोडीन युक्त कफ सिरप की 25 हजार शीशियां बरामद होने के बाद ट्रांसपोर्ट नगर में खलबली मच गई है। आरोपी मिहिर कुमार ठाकुर से पूछताछ में चार साल से सिरप के भंडारण और अलग-अलग स्थानों पर आपूर्ति की जानकारी मिलने के बाद एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) सक्रिय हो गई है। कानपुर और लखनऊ इकाई की संयुक्त टीम ट्रांसपोर्टरों की भूमिका खंगाल रही है। जांच में इंटेलीजेंस की मदद ली जा रही है।
वहीं, यूपी से सटे एक प्रदेश में भी टीम भेजी गई है, जहां से बड़ी बरामदगी की उम्मीद जताई जा रही है। एएनटीएफ ने गुरुवार देर रात ट्रांसपोर्ट नगर के ढकनापुरवा स्थित मकान के गोदाम पर छापा मारकर कोडीन युक्त टर्बो-टी कफ सिरप के 250 कार्टन बरामद किए थे। इनमें करीब 25 हजार शीशियां थीं। बरामद सिरप की कीमत 2.97 करोड़ रुपये बताई गई है। मौके से बिहार के मधुबनी जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के मगरपट्टी निवासी मिहिर कुमार ठाकुर को पकड़ा गया था।
संयुक्त टीम ने गतिविधियों की पड़ताल शुरू कर दी
शुक्रवार सुबह एएनटीएफ की लखनऊ इकाई की सीओ नित्या गोस्वामी के नेतृत्व में टीम कानपुर पहुंची और आरोपी से पूछताछ की। मिहिर ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर में राजधानी इंटरस्टेट ट्रांसपोर्ट के गोदाम में चार साल से कोडीन सिरप का भंडारण कर अलग-अलग स्थानों पर भेजा जा रहा था। उसने टीपी नगर के कुछ ट्रांसपोर्टरों के नाम भी बताए, जिनकी इस धंधे में संलिप्तता की आशंका है। इसके बाद संयुक्त टीम ने उनकी गतिविधियों की पड़ताल शुरू कर दी।
जहां रात भर रहती थी हलचल, वहां लगे ताले
एएनटीएफ स्थानीय मुखबिरों की मदद से संदिग्ध ट्रांसपोर्टरों की जानकारी जुटा रही है। जांच में सामने आया कि कुछ ट्रांसपोर्टों पर छापेमारी के बाद ताले लटक गए हैं, जबकि पहले वहां रात में भी ट्रकों की आवाजाही होती थी। ऐसे ट्रांसपोर्टरों की सूची तैयार की जा रही है।
पुराने मामले से भी जुड़ सकते तार
एएनटीएफ दरोगा अमन सिंह की तहरीर पर बाबूपुरवा थाने में मिहिर, आशुतोष तिवारी, सुमित यादव और पंकज धीर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि मामले की विवेचना स्थानीय थाने के बजाय क्राइम ब्रांच करेगी। इससे पहले औषधि की आड़ में एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं की आपूर्ति के मामले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने छापेमारी की थी। जांच के बाद फीलखाना के पटकापुर निवासी अग्रवाल ब्रदर्स के मालिक विनोद अग्रवाल, उनके बेटे शिवम समेत 11 आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इस मामले में क्राइम ब्रांच पांच हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। अब दोनों मामलों के बीच संभावित संबंधों की भी जांच की जाएगी।
एलआईयू की निगरानी पर उठे सवाल
करीब 2.97 करोड़ रुपये की सिरप बरामद होने के बाद स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि चार साल से प्रतिबंधित दवाओं का भंडारण और परिवहन हो रहा था, लेकिन एलआईयू को इसकी भनक तक नहीं लगी।