प्रणवपत अपहरण कांड: करोड़ों की संपत्ति हड़पने में नामी बिल्डर का नाम, अनूप-सुयश थे गुर्गे, CDR से अहम खुलासा
Kanpur News: कारोबारी प्रणवपत सिंघानिया को बंधक बनाकर उनकी 140 करोड़ की संपत्ति हड़पने के हाई प्रोफाइल मामले में शहर के एक नामी बिल्डर की संदिग्ध भूमिका सामने आई है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि फजलगंज स्थित जेके कॉटन मिल की जमीन छह करोड़ में रजिस्ट्री कराने और उस पर मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनाने का खेल इसी बिल्डर के इशारे पर रचा गया था। होटल में बंधक बनाने वाले आरोपी अनूप और सुयश बिल्डर के ही गुर्गे निकले।
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कानपुर शहर के करोड़पति कारोबारी प्रणवपत सिंघानिया की 140 करोड़ की संपत्ति हथियाने के मामले में शहर के नामी बिल्डर की भूमिका संदिग्ध मिली है। पुलिस की जांच में पता चला कि उसी की शह पर कारोबारी प्रणवपत को बंधक बनाकर पूरा खेल रचा गया। फजलगंज स्थित जेके कॉटन की जिस जमीन की छह करोड़ रुपये में रजिस्ट्री कराई गई। उसपर मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनाने की तैयारी थी।
हालांकि, कारोबारी की मां अंबिका के विरोध पर उनके मंसूबे कामयाब नहीं हो सके। पुलिस अब उसे बिल्डर को नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है। प्रणवपत को होटल में रखकर बंधक बनाने के लिए जिस अनूप और सुयश ने अपने नाम पर कमरे बुक किए वो इसी बिल्डर के गुर्गे हैं। सीडीआर में इस बात की पुष्टि हुई है। उधर मामले में जेल गए मेडिकल स्टोर संचालक रमित मिश्रा उर्फ श्री राम की बहन पूर्णिमा ने पुलिस आयुक्त को तहरीर दी है।
छह करोड़ रुपये की रजिस्ट्री कराई गई थी
उसमें कुलदीप नाम के एक प्रॉपर्टी डीलर पर तीन हजार वर्गगज जमीन दिखाकर रजिस्ट्री कराने और कब्जा दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये लेने की बात कही है। इसी पूर्णिमा के नाम पर ही छह करोड़ रुपये की रजिस्ट्री कराई गई थी। पांडुनगर कृष्णकृति अपार्टमेंट निवासी पूर्णिमा दीक्षित की ओर पुलिस आयुक्त को दी गई तहरीर के मुताबिक उसकी कलाकृति कलेक्शन के नाम से कपड़े की शॉप है। इसमें कुलदीप नाम के युवक का आना-जाना था।
प्रणवपत की मां अंबिका ने हंगामा कर दिया
वो खुद को प्रॉपर्टी डीलर बताता था। उसने सस्ते दाम पर जमीन दिलाने की बात कहते हुए फजलगंज स्थित जेके कॉटन मिल की जमीन दिखाई। पसंद आने पर छह करोड़ रुपये में सौदा तय हुआ था। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री के बाद जब वह कब्जा लेने पहुंची, तो प्रणवपत की मां अंबिका ने हंगामा कर दिया। इसपर कुलदीप ने कहा कि वह कब्जा दिला देगा। इसके एवज में उसने 20 लाख रुपये ऑनलाइन लिए। हालांकि, कब्जा नहीं मिल सका। पुलिस आयुक्त ने कुलदीप को उठाकर पूछताछ करने और मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
सभी के तार नामी बिल्डर से ही जुड़े
प्रणवपत को होटलों में बंधक बनाकर रखने वाले अनूप और सुयश अस्थाना पुलिस की जांच में बिल्डर के ही गुर्गे मिले। दोनों सस्ते-मद्दे दाम पर जमीन खरीदकर बिल्डर को बेचते थे। वहीं, जिस कुलदीप का जिक्र पूर्णिमा ने अपनी तहरीर में किया है वह भी इन दोनों के लिए काम करता है। पुलिस को आशंका है कि पूर्णिमा दीक्षित को इस कांड में टूल के रूप में इस्तेमाल किया गया है।
होटल संचालकों-कर्मियों की भूमिका संदिग्ध
स्वरूपनगर स्थित होटल रॉयल क्लिफ और हर्षनगर स्थित रीजेंटा में पुलिस के छापे के बाद जांच में संचालक और होटलकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। पुलिस के मुताबिक इतने लंबे समय तक किसी को कमरे में रखा गया। इसके बाद भी होटल प्रबंधन और स्टाफ को इसकी जानकारी न होना संदिग्ध है। उधर पुलिस ने जो कॉल डिटेल निकलवाई है। उसमें प्रणवपत सिंघानिया, सुयश, अनूप, रमित और बृजेंद्र से बीच हुई लंबी बातचीत के रिकार्ड भी मिले हैं। आरोपियों और कुछ बिल्डरों की बातचीत की रिकॉर्डिंग भी पुलिस के हाथ लगी।
डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में फजलगंज इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय, स्वरूपनगर इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह को प्रकरण की जांच सौंपी गई है। जांच में तथ्य सही पाए जाने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -रघुबीर लाल, पुलिस आयुक्त