Kannauj: पढ़ाई चौपट तो ट्रांसफर करो... पीएम श्री विद्यालय में प्रधानाध्यापक के खिलाफ सड़क पर उतरे मासूम
Kannauj News: पीएम श्री विद्यालय गुगरापुर में गुरुवार को प्रधानाध्यापक के खिलाफ बच्चों और अभिभावकों का विरोध देखने को मिला। आक्रोशित बच्चों और अभिभावकों ने प्रधानाध्यापक राकेंद्र सक्सेना की कार को स्कूल गेट पर ही रोक लिया और उन्हें अंदर नहीं जाने दिया।
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विस्तार
पीएम श्री विद्यालय गुगरापुर में उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब स्कूल के छात्र-छात्राओं ने अपने ही प्रधानाध्यापक राकेंद्र सक्सेना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आक्रोशित बच्चों और उनके साथ आए अभिभावकों ने प्रधानाध्यापक की कार को स्कूल के मुख्य गेट पर ही रोक लिया और उन्हें परिसर के अंदर नहीं जाने दिया। बच्चों की साफ मांग थी कि जब तक जिलाधिकारी मौके पर आकर उनकी समस्याएं नहीं सुनेंगे, वे पीछे नहीं हटेंगे।
पढ़ाई चौपट है, तुरंत ट्रांसफर करो
प्रदर्शन कर रहे बच्चों और अभिभावकों का गंभीर आरोप है कि विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी है और प्रधानाध्यापक बच्चों के साथ भेदभाव करते हैं। देखते ही देखते स्कूल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) संदीप कुमार मौके पर पहुंचे और किसी तरह बच्चों व अभिभावकों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
पुरस्कार के आवेदन ने सुलगाई विरोध की चिंगारी
बताया जा रहा है कि प्रधानाध्यापक राकेंद्र सक्सेना ने जैसे ही 'राज्य अध्यापक पुरस्कार' के लिए आवेदन किया, वैसे ही उनके खिलाफ विरोध की ज्वाला और भड़क उठी। न सिर्फ बच्चे और अभिभावक, बल्कि विद्यालय के अन्य शिक्षक भी उनके विरोध में उतर आए। विवाद बढ़ता देख जिला प्रशासन ने तुरंत उनका आवेदन निरस्त कर दिया है।
विवादों से रहा है पुराना नाता
प्रधानाध्यापक राकेंद्र सक्सेना का विवादों से पुराना नाता रहा है:
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2011 (तालग्राम): खबरामऊ पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनाती के दौरान शिक्षण कार्य ठेके पर देने के गंभीर आरोप में वे निलंबित हो चुके हैं।
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तालग्राम मुंडाला: स्कूल भवन निर्माण में वित्तीय और ढांचागत अनियमितताओं के चलते भी उन्हें निलंबन का सामना करना पड़ा था।
प्रधानाध्यापक की सफाई
फिलहाल, स्कूल परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है और ग्रामीण प्रधानाध्यापक के तत्काल तबादले की मांग पर अड़े हैं। वहीं मामले में प्रधानाध्यापक राकेंद्र सक्सेना का कहना है कि कुछ लोग उनके खिलाफ राजनीति कर फर्जी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं और बच्चों व अभिभावकों को भड़का रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद भी अपने ट्रांसफर के लिए उच्च अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं।