फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Trader Murder Case: Shalu to be Released After 22 Days

दवा कारोबारी हत्याकांड: 22 दिन बाद... दाग, दर्द और बेबसी लेकर जेल से निकली शालू

Mon, 28 Sep 2026 05:33 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Shikha Pandey Updated Mon, 28 Sep 2026 05:33 PM IST
सार
Register For Event

Trader Murder Case: दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में जेल भेजी गई शालू आज 22 दिन बाद जेल से बाहर आएगी। 

विज्ञापन
Trader Murder Case: Shalu to be Released After 22 Days
दवा कारोबारी हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दवा कारोबारी ससुर विनीत मिनोचा की हत्या के गलत आरोप में 22 दिन तक जेल की सलाखों के पीछे रहने वाली बेबस शालू सोमवार शाम करीब 7:30 बजे जेल में रहने के दाग और दर्द के साथ बाहर निकली। भीतर से शालू की बहन सोनिया उन्हें लेकर बाहर निकली तो सामने भाई धीरज को देख शालू उनसे लिपटकर फफक पड़ी। इसके बाद परिवार के साथ कार में बैठकर सीधे लखनऊ के लिए रवाना हो गई।

विज्ञापन


इंद्रानगर निवासी कारोबारी विनीत मिनोचा की पांच सितंबर की देर रात चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। विनीत के हत्यारोपी पुराने नौकर विशाल ने जब शालू पर सुपारी देने का आरोप लगाया तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर सात सितंबर को जेल भेज दिया था। ऐसा लग रहा था कि शालू के दामन पर लगा हत्या का दाग अभी नहीं मिट पाएगा लेकिन पुलिस की जांच जारी रही। वह दिन भी आया जब शालू की जगह उसका पति सुब्रत गुनहगार साबित हुआ। पुलिस ने उसे जेल भेजकर शालू की रिहाई के प्रयास शुरू किए।
विज्ञापन


पांच सितंबर की रात शायद शालू की खुशियों की वह आखिरी रात थी जब वह सुब्रत व बेटे जय के साथ पार्टी में थी। क्या पता था कि घर से पार्टी के लिए निकलते ही उसके जीवन का सुख और पापा विनीत अब दोबारा नहीं मिलेंगे। घर लौटी तो खून से फर्श लाल मिली और कुछ ही देर में पुलिस का जमावड़ा भी लग गया था। वह अभी कुछ समझ पाती इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें हत्या का साजिशकर्ता ठहरा कर जेल भेज दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


जेल में उसे किसी भी दिन यह सोचकर चैन नहीं मिला कि सात जन्मों का साथ निभाने की कसम खाने वाले सुब्रत को भी उस पर भरोसा नहीं रहा। सुब्रत जेल में तो उससे मिलने आया नहीं लेकिन जब मिला तो किस्मत ने ऐसा खेल खेला कि शालू के बाहर आने का रास्ता तो साफ हो गया पर सुब्रत सलाखों के पीछे पहुंच गया। सोमवार सुबह से ही शालू के भाई-बहन कोर्ट पहुंच गए थे। सुनवाई करते हुए कोर्ट ने भी शालू की बेगुनाही देख उन्हें तत्काल रिहा करने का आदेश दिया। इसके बाद देर शाम शालू को रिहाई मिली।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed