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Lalitpur News: एक ही बीमारी में 15 दिन में दूसरी बार भर्ती हाेने पर आयुष्मान कार्ड हो सकता है नाकाम
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ललितपुर। आयुष्मान कार्ड से एक ही बीमारी में एक ही अस्पताल में 15 दिन में दूसरी बार भर्ती होने में परेशानी हो सकती है। कारण कई बार पोर्टल पर डेटा संदिग्ध श्रेणी में आने के चलते स्वीकृति नहीं मिल पाती है। ऐसे में मरीजों को समस्या हो जाती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ऐसे में मरीज दूसरे अस्पतालों में पहुंच कर उपचार करा सकते हैं। उपचार में बाधा नहीं आएगी। निर्धन व जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क उपचार के लिए आयुष्मान योजना चलाई गई है। इसमें पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा है। योजना का लाभ लेने के लिए व्यक्ति किसी भी सीएचसी, ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक के पास और नगर पालिका के निवासी मेडिकल कॉलेज में पहुंच कर अपना आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं। आपात स्थिति में पात्र व्यक्ति उपचार के समय अपने दस्तावेज साथ लेकर जाएं। अस्पताल में भी कार्ड जारी हो जाएगा।
जानकारों के अनुसार एक ही बीमारी के लिए 15 दिन में दूसरी बार उसी अस्पताल में भर्ती होने पर समस्या हो सकती है। कारण आयुष्मान के नियमों के अनुसार बीमारी में भर्ती के दौरान स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया जाता है। इसके बाद 15 दिन में एक ही अस्पताल में उसी बीमारी के लिए भर्ती हो रहे हैं तो संदिग्ध की स्थिति में आ सकते हैं। ऐसे में कार्ड को पोर्टल पर स्वीकृति नहीं मिल पाती है। इससे अस्पतालों का क्लेम रुक जाता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि डिस्चार्ज होने के बाद 15 दिन में उसी बीमारी की समस्या हुई है तो उच्च अस्पताल में पहुंच कर उपचार लें। अन्य बीमारी होने पर डिस्चार्ज के 15 दिन के भीतर भी दूसरी बार भर्ती होकर उपचार करा सकते हैं।
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अस्पतालों को एक ही बीमारी में 15 दिन में दोबारा भर्ती होने पर तकनीकी समस्या हो जाती है। ऐसे में उच्च या अन्य अस्पताल में उपचार लें।
- डॉ. वीरेंद सिंह, प्रभारी सीएमओ
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जानकारों के अनुसार एक ही बीमारी के लिए 15 दिन में दूसरी बार उसी अस्पताल में भर्ती होने पर समस्या हो सकती है। कारण आयुष्मान के नियमों के अनुसार बीमारी में भर्ती के दौरान स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया जाता है। इसके बाद 15 दिन में एक ही अस्पताल में उसी बीमारी के लिए भर्ती हो रहे हैं तो संदिग्ध की स्थिति में आ सकते हैं। ऐसे में कार्ड को पोर्टल पर स्वीकृति नहीं मिल पाती है। इससे अस्पतालों का क्लेम रुक जाता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि डिस्चार्ज होने के बाद 15 दिन में उसी बीमारी की समस्या हुई है तो उच्च अस्पताल में पहुंच कर उपचार लें। अन्य बीमारी होने पर डिस्चार्ज के 15 दिन के भीतर भी दूसरी बार भर्ती होकर उपचार करा सकते हैं।
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अस्पतालों को एक ही बीमारी में 15 दिन में दोबारा भर्ती होने पर तकनीकी समस्या हो जाती है। ऐसे में उच्च या अन्य अस्पताल में उपचार लें।
- डॉ. वीरेंद सिंह, प्रभारी सीएमओ