Convocation: 'बेटियां विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत', राज्यपाल आनंदीबेन बोलीं- ज्ञान समाज के काम में लगाएं
Jaunpur News: वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शिक्षा को समाज और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बताया। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने बेटियों की उपलब्धियों की सराहना की। एनसीसी एडीजी मेजर गौरव गौतम ने अनुशासन, स्वच्छता और तकनीक के सकारात्मक उपयोग का संदेश दिया।
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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि रहीं। समारोह में उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी, एनसीसी के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर गौरव गौतम सहित विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक एवं उपाधियां प्रदान की गईं।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन की नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देना है। डिग्री तभी सार्थक होगी, जब उससे अर्जित ज्ञान का उपयोग समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में किया जाए।
उन्होंने कहा कि आज देश की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। शिक्षा, विज्ञान, चिकित्सा, प्रशासन, न्यायपालिका और शोध जैसे क्षेत्रों में उनकी बढ़ती भागीदारी विकसित भारत की मजबूत नींव है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे नवाचार, अनुसंधान और सामाजिक सरोकारों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं तथा पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और महिला सशक्तीकरण जैसे अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाएं। राज्यपाल ने कहा कि युवा यदि ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ेंगे तो वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।
उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता के पीछे उसके माता-पिता, गुरुजनों और विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में बेटियों का स्वर्ण पदक हासिल करना अत्यंत गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं और विशेष रूप से बेटियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। बेटियों की शिक्षा, प्रतिभा और आत्मविश्वास ही देश की दिशा और दशा तय करेंगे।
राज्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपनी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग उत्तर प्रदेश तथा देश के विकास के लिए करने का आह्वान किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को हरा-भरा बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, "देश हमें बहुत कुछ देता है, अब हमें भी देश को कुछ देना सीखना चाहिए।"
समारोह को संबोधित करते हुए एनसीसी के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर गौरव गौतम ने कहा कि दीक्षांत समारोह जीवन की नई शुरुआत का पड़ाव है। अब छात्र-छात्राएं समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और ज्ञान से योगदान देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना, ईमानदारी, सदाचार और अनुशासन का पालन करना आवश्यक है।
मेजर गौतम ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए कार्यबल में महिलाओं की अधिक भागीदारी जरूरी है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान का उल्लेख करते हुए युवाओं से तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने, सोशल मीडिया के अत्यधिक प्रयोग से बचने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अपने परिवार, समाज, प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।