वाराणसी: सात दिनों में 63 सेंटीमीटर बढ़ सकता है गंगा का जलस्तर, पानी घटने से बढ़ी समस्याएं; गंदगी और मलबा
गंगा का जलस्तर तीन दिनों से घट रहा है, लेकिन केंद्रीय जल आयोग ने अगले सात दिनों में अधिकतम 63 सेंटीमीटर बढ़ोतरी का अनुमान जताया है। जलस्तर 70.75 मीटर तक पहुंच सकता है। यह खतरे के निशान से 51 सेंटीमीटर नीचे रहेगा, लेकिन चेतावनी स्तर पार होने पर निचले इलाकों और घाटों पर असर पड़ेगा।
विस्तार
गंगा का जलस्तर पिछले तीन दिनों से लगातार घट रहा है, लेकिन आने वाले सात दिनों में फिर बढ़ोतरी का अनुमान है। केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी बाढ़ पूर्वानुमान के अनुसार अगले सात दिनों में गंगा के जलस्तर में अधिकतम 0.63 मीटर यानी 63 सेंटीमीटर की वृद्धि हो सकती है। ऐसे में जलस्तर 70.12 मीटर से बढ़कर 70.75 मीटर तक पहुंचने का अनुमान है।
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार वाराणसी में गंगा का चेतावनी स्तर 70.26 मीटर और खतरे का स्तर 71.262 मीटर है। अनुमानित अधिकतम जलस्तर खतरे के निशान से करीब 51 सेंटीमीटर नीचे रहेगा। हालांकि, जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी के बीच बाढ़ जैसे हालात बने रहने की आशंका है। वर्तमान में गंगा का जलस्तर 70.12 मीटर है, जो चेतावनी बिंदु से नीचे है।
चेतावनी बिंदु पार होने के बाद नदी किनारे और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ जाएगा। इसके साथ ही घाटों के डूबने और लोगों के जनजीवन के प्रभावित होने की आशंका रहेगी। केंद्रीय जल आयोग का कहना है कि सात दिन का पूर्वानुमान मौसम की स्थिति और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से आने वाले पानी के आधार पर बदल सकता है।
आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार गंगा के जलस्तर में तत्काल बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। यदि पानी चेतावनी बिंदु के आसपास या उससे ऊपर बना रहता है तो नदी किनारे बसे इलाकों पर लगातार दबाव बना रहेगा।
हालांकि, बीते तीन दिनों से जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है। शनिवार को पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 52 सेंटीमीटर की गिरावट आई। शनिवार रात 8:50 बजे तक जलस्तर 70.04 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु से 22 सेंटीमीटर नीचे था।
जलस्तर में मौजूदा गिरावट के बावजूद अगले सप्ताह संभावित बढ़ोतरी ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। लोगों को जलस्तर पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।