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अल्मोड़ा: स्टाइपेंड की मांग के लिए सड़कों पर उतरे नर्सिंग छात्र, सरकार के खिलाफ निकाला जुलूस

Tue, 22 Sep 2026 12:37 PM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Published by: गायत्री जोशी Updated Tue, 22 Sep 2026 12:37 PM IST
सार
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बीएससी नर्सिंग छात्रों ने अनिवार्य इंटर्नशिप के दौरान स्टाइपेंड की मांग को लेकर सोमवार को प्रदर्शन किया। राजकीय नर्सिंग कॉलेज के छात्रों ने गांधी पार्क में धरना देने के बाद शिखर तिराहे तक जुलूस निकाला और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

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Nursing students took to the streets and held a procession to demand a stipend
अल्मोड़ा में जुलूस निकालते नर्सिंग के छात्र-छात्राएं। - फोटो : संवाद

विस्तार

स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले बीएससी नर्सिंग के छात्र अनिवार्य इंटर्नशिप स्टाइपेंड की मांग के लिए सोमवार को सड़कों पर उतर आए। राजकीय नर्सिंग कॉलेज के सैकड़ों विद्यार्थियों ने बाहों पर काली पट्टी बांधकर सरकार की वायदाखिलाफी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना देने के बाद छात्रों ने शिखर तिराहे तक विशाल जुलूस निकाला और सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए।

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छात्रों ने साफ चेतावनी दी है कि अस्पतालों में नियमित सेवाएं देने के बावजूद उन्हें हक से महरूम रखा जा रहा है जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरने के दौरान हुई सभा में छात्र-छात्राओं ने सरकार और शासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कहा कि जुलाई 2023 में देहरादून और हल्द्वानी सहित पूरे प्रदेश के नर्सिंग छात्रों ने इस मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया था। इसके बाद फरवरी 2024 में शासन स्तर पर स्टाइपेंड देने की प्रक्रिया शुरू करने का दिलासा दिया गया। तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर सभी नर्सिंग कॉलेजों से छात्रों का डेटा भी जुटाया गया और जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया गया था लेकिन लंबा समय गुजर जाने के बाद भी नतीजा सिफर रहा जिससे छात्रों में भारी आक्रोश है।

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छात्रों का कहना है कि छह महीने की अनिवार्य इंटर्नशिप के दौरान वे अस्पतालों में डॉक्टरों की तरह ही नियमित शिफ्ट करते हैं। मरीजों की देखभाल से लेकर हर गंभीर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाते हैं। ऐसे में बिना किसी आर्थिक भत्ते के उनसे काम कराना पूरी तरह से अन्याय है। छात्रों ने दो टूक कहा कि जब तक सरकार स्टाइपेंड जारी करने का शासनादेश जारी नहीं करती, उनका आंदोलन थमने वाला नहीं है। जुलूस और धरने में आयुष, सक्षम, शुभम, कनिष्का, दीक्षा, गर्विता, हर्षिता, आकांक्षा आदि शामिल रहे।

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एम्स की तर्ज पर 13,150 देने की मांग

नर्सिंग छात्रों ने केंद्रीय संदर्भ का हवाला देते हुए कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के छह जुलाई 2022 के आदेश के बाद एम्स नई दिल्ली में बीएससी नर्सिंग छात्रों का इंटर्नशिप स्टाइपेंड बढ़ाकर 13,150 रुपये प्रतिमाह किया जा चुका है। इसी आधार पर उत्तराखंड के छात्र भी प्रतिमाह 13,150 रुपये स्टाइपेंड की मांग कर रहे हैं।

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