बागेश्वर: जैसर-सिमार में पशुओं में सर्रा बीमारी का प्रकोप, महिला पशुपालकों की आर्थिकी चरमराई
बागेश्वर के जैसर और सिमार गांव में पशुओं में सर्रा बीमारी फैल गई है, जिससे महिला पशुपालक बेहाल हैं। उनका पूरा समय बीमार मवेशियों की तीमारदारी में बीत रहा है, वहीं दूध उत्पादन घटने से उनकी आर्थिकी पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
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बागेश्वर जिले के जैसर और सिमार गांव में इन दिनों पशुओं में फैल रही सर्रा बीमारी से पशुपालक महिलाएं परेशान हैं। तड़के उठकर खेतों से चारा पत्ती लाने समेत पशुओं की सेवा करने वाली महिलाओं का पूरा समय बीमार मवेशियों की तीमारदारी में बीत रहा है। दूध उत्पादन घटने से पशुपालकों की आर्थिकी भी प्रभावित हो रही है।
पशुपालन विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर पशुओं का इलाज कर रही हैं। ग्राम प्रधान रानी भरड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से त्वरित इलाज और पीड़ित महिला पशुपालकों को वित्तीय सहायता देने की मांग की है।
हम महिलाओं के लिए मवेशी सिर्फ पशु नहीं, परिवार के सदस्य जैसे हैं। अब पशु बीमार हैं तो रसोई चलाने से लेकर बच्चों की जरूरतों को पूरा करने का संकट खड़ा हो गया है। - चंपा देवी, पशुपालक
रात-दिन बीमार बेजुबान को दर्द में तड़पते देखना बहुत भारी पड़ता है। समय पर दवा दे रहे हैं, काढ़ा पिला रहे हैं। अगर मवेशी नहीं रहे तो हम ग्रामीण महिलाओं की जमापूंजी और मेहनत सब बेकार चली जाएगी।
संक्रमण फैलने के डर से मवेशियों को चराने के लिए जंगल या खेतों की तरफ भी नहीं ले जा पा रहे हैं। दिनभर उन्हें गोशाला में ही रखना पड़ रहा है। -सरुली देवी, पशुपालक
गांव में फिलहाल एक भैंस के सर्रा बीमारी से ग्रसित होने की सूचना है जिसका चिकित्सक टीम की ओर से लगातार उपचार किया जा रहा है। हालांकि उसकी स्थिति में बहुत तेजी से सुधार नहीं दिख रहा है। विभाग की टीम पूरी स्थिति पर सतर्कता से नजर रखे हुए है। - डॉ. शिव कुमार पशुचिकित्साधिकारी, गरुड़