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Chamoli News: बदरीनाथ की सीमा से बाहर किए जाएं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
Tue, 25 Aug 2026 06:04 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 25 Aug 2026 06:04 PM IST
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बदरीश संयुक्त संघर्ष समिति ने बैठक कर समस्याओं पर की चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
बदरीनाथ। बदरीश संयुक्त संघर्ष समिति ने बदरीनाथ धाम में बामणी गांव, अलकनंदा व ऋषिगंगा नदी के संगम पर बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को हटाकर धाम की सीमा से बाहर बनाने की मांग की है। साथ ही धाम में भवनों की ऊंचाई के मानकों को अन्य नगरों की भांति करने की मांग रखी है।
मंगलवार को बदरीनाथ धाम में चल रहे मास्टर प्लान के कार्यों से उत्पन्न समस्याओं को लेकर बदरीश संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक हुई। इसमें धाम में बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों को हटाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई। समिति के सदस्यों ने कहा कि बदरीनाथ धाम जैसे स्थान पर सीवर ट्रीटमेंट प्लांट संगम पर बना है। इससे स्थानीय लोगों व श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं। इसलिए इन प्लांटों को धाम की सीमा से बाहर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ में सरकारी भवनों की ऊंचाई 9.5 मीटर और निजी भवनों की ऊंचाई में 6.5 मीटर के मानक तय किए गए हैं जबकि बदरीनाथ को छोड़कर अन्य नगरों में यह मानक 15 मीटर का है। धाम में भी भवनों को 15 मीटर तक बनाने की अनुमति दी जाए। इसके अलावा व्यावसायिक भवनों में पार्किंग एरिया शुल्क में पूरी छूट देने, परियोजना से विस्थापित होने पर मिलने वाले भवन या भूमि की संबंधित व्यक्ति के नाम पर रजिस्ट्री करने सहित 13 बिंदुओं पर चर्चा की गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदरीनाथ। बदरीश संयुक्त संघर्ष समिति ने बदरीनाथ धाम में बामणी गांव, अलकनंदा व ऋषिगंगा नदी के संगम पर बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को हटाकर धाम की सीमा से बाहर बनाने की मांग की है। साथ ही धाम में भवनों की ऊंचाई के मानकों को अन्य नगरों की भांति करने की मांग रखी है।
मंगलवार को बदरीनाथ धाम में चल रहे मास्टर प्लान के कार्यों से उत्पन्न समस्याओं को लेकर बदरीश संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक हुई। इसमें धाम में बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों को हटाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई। समिति के सदस्यों ने कहा कि बदरीनाथ धाम जैसे स्थान पर सीवर ट्रीटमेंट प्लांट संगम पर बना है। इससे स्थानीय लोगों व श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं। इसलिए इन प्लांटों को धाम की सीमा से बाहर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ में सरकारी भवनों की ऊंचाई 9.5 मीटर और निजी भवनों की ऊंचाई में 6.5 मीटर के मानक तय किए गए हैं जबकि बदरीनाथ को छोड़कर अन्य नगरों में यह मानक 15 मीटर का है। धाम में भी भवनों को 15 मीटर तक बनाने की अनुमति दी जाए। इसके अलावा व्यावसायिक भवनों में पार्किंग एरिया शुल्क में पूरी छूट देने, परियोजना से विस्थापित होने पर मिलने वाले भवन या भूमि की संबंधित व्यक्ति के नाम पर रजिस्ट्री करने सहित 13 बिंदुओं पर चर्चा की गई।
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