हल्द्वानी: पुलिस ने चेन बनाकर कांग्रेसियों को रोका, शुद्धीकरण मामले को लेकर आक्रोश; पुलिस ने मांगा समय
हल्द्वानी में शुद्धीकरण मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता बारिश में भी डीएम कार्यालय पहुंच गए। पुलिस ने गेट बंद कर चेन बनाकर कार्यकर्ताओं को रोका। काफी नोकझोंक और तीखी बहस के बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं को अंदर भेजा गया।
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हल्द्वानी शहर के रामलीला मैदान में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली के बाद किए गए शुद्धीकरण मामले में प्राथमिकी दर्ज न होने से नाराज कांग्रेसी मंगलवार को बारिश के बीच एक बार फिर पुलिस बहुउद्देशीय भवन पहुंच गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए चेन बनाई और भवन के गेट बंद कर दिए। कांग्रेसियों और पुलिस के बीच काफी देर तक नोकझोंक और नारेबाजी होती रही। करीब एक घंटे तक माहौल तनावपूर्ण रहा। बाद में अधिकारियों से बातचीत के बाद कांग्रेसियों को अंदर जाने दिया गया। पुलिस ने दो दिन का समय मांगा।
शुद्धीकरण मामले में अधिवक्ता मंजू की तरफ से पुलिस को 15 अगस्त को तहरीर दी गई थी। पखवाड़े भर बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई तो सोमवार को कांग्रेस नेता पुलिस बहुउद्देशीय भवन पहुंच गए थे। लंबी बातचीत के बाद एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इस पर अधिवक्ता गोविंद बिष्ट की ओर से नई तहरीर दी गई। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने प्राथमिकी दर्ज न होने पर मंगलवार को दोबारा घेराव करने की चेतावनी दी थी।
मंगलवार को हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश के साथ अधिवक्ता मंजू व कार्यकर्ता फिर बहुउद्देशीय भवन पहुंचे तब उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। पुलिस और कांग्रेसियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद अधिकारियों की अनुमति मिलने पर उन्हें अंदर बुलाया। सीओ अमित कुमार सैनी से बातचीत के बाद पुलिस ने दो दिन का समय मांगा। तीन सितंबर तक कार्रवाई करने का आश्वासन मिला। कांग्रेसियों का कहना है कि अगर दो दिन में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई तो कोतवाली और बहुउद्देशीय भवन पर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
फोरेंसिक जांच के लिए भेजी वीडियो
रामलीला मैदान में शुद्धीकरण के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई थी। इसमें कुछ लोग धार्मिक नारेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के बारे में सोमवार को हंगामे के दौरान जब सवाल-जबाव किया गया तब एसएसपी भी कोई जवाब नहीं दे पाए और जांच का हवाला देते रहे। पुलिस के अनुसार वीडियो को देहरादून स्थित फोरेंसिक लैब भेजा गया है। यहां से अगर चीजों की पुष्टि नहीं होती है तो शिमला या चंडीगढ़ स्थित लैब भेजा जाएगा।
कांग्रेस की ओर से दी गई तहरीर पर जांच की जा रही है। दो दिन में उच्चाधिकारियों के निर्देश से आगे की कार्रवाई की जाएगी। एआई वीडियो मामले में वीडियो को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। -मनोज कुमार कत्याल, एसपी सिटी