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Uttarkashi News: तकनीकी शिक्षा नहीं ले पा रहे छात्र-छात्राएं
Wed, 14 Oct 2026 05:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 14 Oct 2026 05:48 PM IST
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मोबाइल टावर बना हुआ शोपीस, लोग हो रहे हैं परेशान
उत्तरकाशी। केलशू घाटी के अगोड़ा गांव में भारत संचार निगम लिमिटेड की ओर से दो वर्ष पूर्व मोबाइल टावर स्थापित किया गया था लेकिन पिछले एक वर्ष से इसकी मशीनें खराब होने के कारण इसका संचालन बंद पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि नेटवर्क नहीं होने के कारण उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ता है। विद्यालयों में छात्र-छात्राएं कंप्यूटर की शिक्षा नहीं ले पा रहे हैं। साथ ही आपातकालीन स्थिति में सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय निवासी संजय पंवार ने बताया कि बीएसएनएल की ओर से दो वर्ष पूर्व मोबाइल टावर लगाया गया था। लेकिन उसका संचालन कुछ दिन होने के बाद वह बंद पड़ा हुआ है। स्थिति यह है कि एक वर्ष से टावर की मशीनें खराब होने के बावजूद भी उसे ठीक नहीं करवाया है। कहा कि मोबाइल का नेटवर्क न होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कहा कि यह क्षेत्र पूरा आपदा प्रभावित क्षेत्र है। साथ ही जंगली जानवरों की हमलों की घटनाएं कई बार होती हैं। इस दौरान प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं के नंबरों पर संपर्क नहीं हो पाता है। कई बार ग्रामीणों ने इस संबंध में बीएसएनएल के अधिकारियों को सूचना दी लेकिन उसके बावजूद किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो रही है। विद्यालयों में कंप्यूटर तो लगा दिए गए लेकिन नेटवर्क नहीं होने के कारण उनका प्रयोग नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में बीएसएनएल के एसडीओ से फोन पर संपर्क करने पर उनकी ओर से कॉल रिसीव नहीं की गई।
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उत्तरकाशी। केलशू घाटी के अगोड़ा गांव में भारत संचार निगम लिमिटेड की ओर से दो वर्ष पूर्व मोबाइल टावर स्थापित किया गया था लेकिन पिछले एक वर्ष से इसकी मशीनें खराब होने के कारण इसका संचालन बंद पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि नेटवर्क नहीं होने के कारण उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ता है। विद्यालयों में छात्र-छात्राएं कंप्यूटर की शिक्षा नहीं ले पा रहे हैं। साथ ही आपातकालीन स्थिति में सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय निवासी संजय पंवार ने बताया कि बीएसएनएल की ओर से दो वर्ष पूर्व मोबाइल टावर लगाया गया था। लेकिन उसका संचालन कुछ दिन होने के बाद वह बंद पड़ा हुआ है। स्थिति यह है कि एक वर्ष से टावर की मशीनें खराब होने के बावजूद भी उसे ठीक नहीं करवाया है। कहा कि मोबाइल का नेटवर्क न होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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कहा कि यह क्षेत्र पूरा आपदा प्रभावित क्षेत्र है। साथ ही जंगली जानवरों की हमलों की घटनाएं कई बार होती हैं। इस दौरान प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं के नंबरों पर संपर्क नहीं हो पाता है। कई बार ग्रामीणों ने इस संबंध में बीएसएनएल के अधिकारियों को सूचना दी लेकिन उसके बावजूद किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो रही है। विद्यालयों में कंप्यूटर तो लगा दिए गए लेकिन नेटवर्क नहीं होने के कारण उनका प्रयोग नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में बीएसएनएल के एसडीओ से फोन पर संपर्क करने पर उनकी ओर से कॉल रिसीव नहीं की गई।
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