स्मार्टफोन की कीमतों में आएगी गिरावट, GST घटाकर 5% करने की हुई मांग!
मोबाइल फोन उद्योग के संगठन इंडियन सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) ने देश में स्मार्टफोन और मोबाइल फोन की घरेलू मांग में आई कमजोरी को देखते हुए सरकार से जीएसटी दर में बड़ी कटौती करने की मांग की है। संगठन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मोबाइल फोन पर लगने वाले माल एवं सेवा कर (GST) को मौजूदा 18 प्रतिशत से घटाकर केवल 5 प्रतिशत करने का आग्रह किया है। ICEA का कहना है कि घरेलू बाजार में मोबाइल फोन की खपत कमजोर पड़ रही है और इस स्थिति पर बढ़ती मेमोरी चिप की कीमतों का भी असर पड़ रहा है। संगठन के अनुसार, यदि मोबाइल फोन को अधिक किफायती बनाया जाता है तो घरेलू मांग को फिर से गति दी जा सकती है और इससे देश के मोबाइल विनिर्माण क्षेत्र की आगे की वृद्धि को मजबूती मिलेगी।
ICEA ने 2 सितंबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक पत्र भेजकर अपनी मांग रखी। पत्र में संगठन ने भारत के मोबाइल फोन विनिर्माण क्षेत्र की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया है। ICEA के मुताबिक, भारत मात्रा के लिहाज से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन चुका है। इतना ही नहीं, वित्त वर्ष 2025-26 में मोबाइल फोन देश का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद भी रहा। इसका मतलब है कि भारत में मोबाइल फोन का उत्पादन और निर्यात तेजी से बढ़ा है, लेकिन घरेलू बाजार में उसी अनुपात में मांग नहीं बढ़ी है। संगठन का मानना है कि उत्पादन और निर्यात की तेज वृद्धि के बावजूद अगर घरेलू खपत कमजोर रहती है तो आने वाले समय में उद्योग के विकास की रफ्तार प्रभावित हो सकती है।
मोबाइल फोन निर्माताओं के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाले ICEA ने कहा है कि देश में हैंडसेट की खपत में कमी आई है और उपभोक्ता अब अपने पुराने फोन को पहले की तुलना में लंबे समय तक इस्तेमाल कर रहे हैं। यानी फोन बदलने का औसत समय बढ़ गया है। इसका सीधा असर नए मोबाइल फोन की बिक्री पर पड़ रहा है। खासतौर पर किफायती स्मार्टफोन यानी बजट सेगमेंट पर दबाव अधिक दिखाई दे रहा है। बढ़ती कीमतों और उपभोक्ताओं की सावधानी के कारण इस वर्ग की मांग प्रभावित हो रही है। इसके अलावा मेमोरी चिप की कीमतों में वृद्धि भी मोबाइल फोन की लागत बढ़ाने वाली एक महत्वपूर्ण वजह बन रही है, जिससे उपभोक्ताओं के लिए नए फोन खरीदना महंगा हो सकता है।
ICEA के चेयरमैन पंकज मोहिंद्रू ने वित्त मंत्री को लिखे पत्र में कहा कि भारत के मोबाइल विनिर्माण क्षेत्र और घरेलू बाजार के बीच पैदा हुआ यह असंतुलन चिंता का विषय है। उनका कहना है कि जब तक भारत अपने घरेलू बाजार में दोबारा मांग और खपत की गति नहीं बढ़ाता, तब तक मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ के अगले चरण पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से ICEA ने सरकार से मोबाइल फोन पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का आग्रह किया है। संगठन ने केवल तैयार मोबाइल फोन पर ही नहीं, बल्कि मोबाइल फोन के कलपुर्जों पर लगने वाली कर दरों को भी तर्कसंगत बनाने की मांग की है। ICEA का मानना है कि जीएसटी में कमी से मोबाइल फोन की कीमतों पर राहत मिल सकती है, जिससे उपभोक्ताओं की खरीदारी बढ़ेगी, फोन बदलने की अवधि कम हो सकती है और घरेलू बाजार में मांग को दोबारा मजबूती मिल सकती है। इससे लंबे समय में भारत के मोबाइल विनिर्माण, घरेलू बिक्री और निर्यात क्षेत्र को भी फायदा पहुंचने की उम्मीद है।