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Hindi News ›   World ›   5.0 magnitude earthquake hits Tibet; epicenter 14 km below ground; no loss of life or property reported

तिब्बत में आया 5.0 तीव्रता का भूकंप: जमीन से 14 किमी नीचे था केंद्र; जानमाल का नुकसान नहीं, प्रशासन अलर्ट

Thu, 03 Sep 2026 03:25 PM IST
पवन पांडेय पीटीआई, ल्हासा
पीटीआई, ल्हासा Published by: पवन पांडेय Updated Thu, 03 Sep 2026 03:25 PM IST
सार
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तिब्बत में गुरुवार दोपहर 1:46 बजे 5.0 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र 14 किलोमीटर की गहराई में था। फिलहाल किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। वहीं इसके बाद प्रशासन और संबंधित एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं।

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5.0 magnitude earthquake hits Tibet; epicenter 14 km below ground; no loss of life or property reported
तिब्बत में आया 5.0 तीव्रता का भूकंप - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

तिब्बत में गुरुवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 मापी गई। भूकंप के झटके दोपहर करीब 1:46 बजे दर्ज किए गए। भूकंप का केंद्र 31.479 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 80.370 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। इसकी गहराई जमीन के अंदर करीब 14 किलोमीटर बताई गई है। भूकंप का लोकेशन तिब्बत क्षेत्र में दर्ज किया गया। फिलहाल भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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पहले ही त्रासदी की मार झेल रहा तिब्बत
26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने के बाद तिब्बत में भूकंप के झटके महसूस हुए थे, वहीं इसके बाद तिब्बत को बाढ़ की मार झेलनी पड़ी है। चीन सीमा से जुड़े इलाके में बड़े पैमाने पर तबाही देखने को मिली है।


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तिब्बत में करीब 100 नेपाली लापता
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई भीषण बाढ़ के बाद तिब्बत में करीब 100 नेपाली नागरिकों के लापता होने की खबर है। नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने इसकी जानकारी दी। नेपाल में इस बाढ़ से अब तक 1,200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4,875 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। बाढ़ के एक सप्ताह बाद भी कई इलाकों में राहत और बचाव का काम जारी है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, रसुवा जिले की भोटेकोशी नदी में बह गए कम से कम 19 लोगों के शव भारत में मिले हैं। ये शव भोटेकोशी नदी से बहकर त्रिशूली और नारायणी नदी के रास्ते भारत पहुंचे। शव नेपाल की सीमा से लगे भारत के रुपन्देही और नवलपरासी पश्चिम इलाकों में मिले हैं। इन्हें नेपाल को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है।

कारोबार और तीर्थयात्रा के लिए तिब्बत गए थे नेपाली नागरिक
प्रवक्ता ने बताया कि करीब 3,000 नेपाली नागरिक कारोबार और तीर्थयात्रा के लिए तिब्बत गए थे, जो बाढ़ के कारण वहां फंस गए। इनमें से 2,500 से ज्यादा लोग सुरक्षित नेपाल लौट चुके हैं। उन्होंने हिल्सा और तातोपानी सीमा चौकियों के जरिए वापसी की, जबकि कुछ लोग हवाई मार्ग से भी लौटे। फिलहाल करीब 1,500 नेपाली नागरिक तिब्बत के केरुंग सीमा क्षेत्र में फंसे हुए हैं। दोनों देशों के अधिकारी उन्हें सुरक्षित नेपाल लाने के लिए बातचीत कर रहे हैं। यह भीषण बाढ़ 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के बड़े हिस्से के खिसकने के बाद आई थी। इसने नेपाल के उत्तरी और मध्य हिस्सों के कई शहरों और गांवों में भारी तबाही मचाई है।
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