तिब्बत में आया 5.0 तीव्रता का भूकंप: जमीन से 14 किमी नीचे था केंद्र; जानमाल का नुकसान नहीं, प्रशासन अलर्ट
तिब्बत में गुरुवार दोपहर 1:46 बजे 5.0 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र 14 किलोमीटर की गहराई में था। फिलहाल किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। वहीं इसके बाद प्रशासन और संबंधित एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
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EQ of M: 5.0, On: 03/09/2026 13:46:38 IST, Lat: 31.479 N, Long: 80.370 E, Depth: 14 Km, Location: Tibet.
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पहले ही त्रासदी की मार झेल रहा तिब्बत
26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने के बाद तिब्बत में भूकंप के झटके महसूस हुए थे, वहीं इसके बाद तिब्बत को बाढ़ की मार झेलनी पड़ी है। चीन सीमा से जुड़े इलाके में बड़े पैमाने पर तबाही देखने को मिली है।
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तिब्बत में करीब 100 नेपाली लापता
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई भीषण बाढ़ के बाद तिब्बत में करीब 100 नेपाली नागरिकों के लापता होने की खबर है। नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने इसकी जानकारी दी। नेपाल में इस बाढ़ से अब तक 1,200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4,875 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। बाढ़ के एक सप्ताह बाद भी कई इलाकों में राहत और बचाव का काम जारी है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, रसुवा जिले की भोटेकोशी नदी में बह गए कम से कम 19 लोगों के शव भारत में मिले हैं। ये शव भोटेकोशी नदी से बहकर त्रिशूली और नारायणी नदी के रास्ते भारत पहुंचे। शव नेपाल की सीमा से लगे भारत के रुपन्देही और नवलपरासी पश्चिम इलाकों में मिले हैं। इन्हें नेपाल को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है।
कारोबार और तीर्थयात्रा के लिए तिब्बत गए थे नेपाली नागरिक
प्रवक्ता ने बताया कि करीब 3,000 नेपाली नागरिक कारोबार और तीर्थयात्रा के लिए तिब्बत गए थे, जो बाढ़ के कारण वहां फंस गए। इनमें से 2,500 से ज्यादा लोग सुरक्षित नेपाल लौट चुके हैं। उन्होंने हिल्सा और तातोपानी सीमा चौकियों के जरिए वापसी की, जबकि कुछ लोग हवाई मार्ग से भी लौटे। फिलहाल करीब 1,500 नेपाली नागरिक तिब्बत के केरुंग सीमा क्षेत्र में फंसे हुए हैं। दोनों देशों के अधिकारी उन्हें सुरक्षित नेपाल लाने के लिए बातचीत कर रहे हैं। यह भीषण बाढ़ 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के बड़े हिस्से के खिसकने के बाद आई थी। इसने नेपाल के उत्तरी और मध्य हिस्सों के कई शहरों और गांवों में भारी तबाही मचाई है।