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अफगानिस्तान में भूकंप के झटके: रिक्टर पैमाने पर 4.1 रही तीव्रता, जान-माल के नुकसान की खबर नहीं
Mon, 07 Sep 2026 06:43 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 07 Sep 2026 06:43 AM IST
अफगानिस्तान में 4.1 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। फिलहाल बड़े नुकसान की खबर नहीं है। भूकंप कैसे आते हैं और इसकी तीव्रता कैसे मापी जाती है? पढ़िए रिपोर्ट
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हिमाचल में महसूस हुए भूकंप
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अफगानिस्तान में भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.1 मापी गई। फिलहाल भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जानमाल के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है।
क्यों आते हैं भूकंप?
धरती के भीतर सात प्लेट्स हैं, जो लगातर घूमती रहती हैं। जिस स्थान पर प्लेट्स की टक्कर होती है, उस जगह को फॉल्ट लाइन कहा जाता है। पृथ्वी के अंदर स्थित टेक्टोनिक प्लेटों के खिसकने, आपस में टकराने या रगड़ खाने से ऊर्जा उत्पन्न होती है। जब प्लेटों के टकराने से ज्यादा ऊर्जा निकलती है, तो धरती की सतह पर कंपन पैदा होता है। जिस स्थान पर प्लेट्स टकराती हैं, उस स्थान पर सबसे अधिक भूकंप का असर होता है। लेकिन जब भूकंप की तीव्रता अधिक होती है तो इसके झटके काफी दूर तक महसूस किए जाते हैं।
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कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता
वैज्ञानिक भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल करते हैं। जब भूकंप आता है, पृथ्वी के नीचे से ऊर्जा तरंगे बाहर आती हैं। उन्हें रिक्टर स्केल से मापा जाता है। इसके बाद ही यह पता लगता है कि भूकंप की तीव्रता कितनी थी और इसका केंद्र कहां पर था।
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क्यों आते हैं भूकंप?
धरती के भीतर सात प्लेट्स हैं, जो लगातर घूमती रहती हैं। जिस स्थान पर प्लेट्स की टक्कर होती है, उस जगह को फॉल्ट लाइन कहा जाता है। पृथ्वी के अंदर स्थित टेक्टोनिक प्लेटों के खिसकने, आपस में टकराने या रगड़ खाने से ऊर्जा उत्पन्न होती है। जब प्लेटों के टकराने से ज्यादा ऊर्जा निकलती है, तो धरती की सतह पर कंपन पैदा होता है। जिस स्थान पर प्लेट्स टकराती हैं, उस स्थान पर सबसे अधिक भूकंप का असर होता है। लेकिन जब भूकंप की तीव्रता अधिक होती है तो इसके झटके काफी दूर तक महसूस किए जाते हैं।
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कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता
वैज्ञानिक भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल करते हैं। जब भूकंप आता है, पृथ्वी के नीचे से ऊर्जा तरंगे बाहर आती हैं। उन्हें रिक्टर स्केल से मापा जाता है। इसके बाद ही यह पता लगता है कि भूकंप की तीव्रता कितनी थी और इसका केंद्र कहां पर था।