फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   fast fashion Eve Ogden Schaub grows flax makes linen clothes vermont

फास्ट फैशन से दूरी: अमेरिका में खुद फ्लेक्स उगाकर कपड़े बना रहीं ईव ओग्डेन शब, क्यों चुना पुराना तरीका?

Mon, 31 Aug 2026 06:17 AM IST
निर्मल कांत एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन। Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 31 Aug 2026 06:17 AM IST
सार
Register For Event

अमेरिका की ईव ओग्डेन शब ने फास्ट फैशन से दूरी बनाने का अनोखा तरीका अपनाया है। वह अपने घर के बगीचे में अलसी उगाती हैं और उसी से लिनन का कपड़ा बनाकर परिधान तैयार करती हैं। वह पूरी प्रक्रिया सोशल मीडिया पर साझा कर रही हैं। क्या उनका यह तरीका बढ़ते कपड़ा कचरे और पर्यावरण को नुकसान से बचने का रास्ता दिखा रहा है? पढ़िए रिपोर्ट

विज्ञापन
fast fashion Eve Ogden Schaub grows flax makes linen clothes vermont
ईव ओग्डेन शब - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/इंस्टाग्राम/ईव ओग्डेन शब

विस्तार

बाजार आज जहां ऐसे परिधानों से पटा पड़ा है जिसमें सिंथेटिक कपड़ों का इस्तेमाल किया जाता है, वहीं अमेरिका के वरमोंट में रहने वाली ईव ओग्डेन शब फास्ट फैशन से दूरी बनाने की अनूठी पहल कर रही हैं। अपने घर के पीछे बगीचे में खुद फ्लेक्स उगाती है, जिसका इस्तेमाल लिनन बनाने में होता है। फसल तैयार होने के बाद वह इसका सूत निकालती हैं और उससे अपने परिधान तैयार करती हैं।
विज्ञापन


शब का कहना है कि वह चाहती थी कि लोग स्लो फैशन के बारे में जाने-समझें। प्राकृतिक तरीके से कपड़े तैयार करने का उनका यह प्रोजेक्ट अप्रैल 2025 में शुरू हुआ था। शब ने अपने 600 वर्ग फीट के सब्जी के बगीचे को फ्लेक्स या अलसी की खेती के लिए तैयार किया। पहली फसल के बाद, उन्होंने फिर बुआई की। पूरी प्रक्रिया वह अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए दुनिया के साथ साझा कर रही हैं। यह देखकर लोगों को पारंपरिक और पुराने तरीके याद आ जाते हैं जो आधुनिक मशीनी युग में लगभग गायब हो चुके हैं। शब कहती हैं कि बाजार के चमकदार कपड़े अब उन्हें आकर्षित नहीं करते। उन्हें अपने पुराने कपड़ों की कद्र करना और उन्हें रफू करके पहनना ज्यादा बेहतर लगता है। 
विज्ञापन


दुर्भाग्य से हम सब आज ज्यादातर समय प्लास्टिक के थैले पहनकर घूम रहे हैं और हमें इसका अहसास तक नहीं है। क्या वास्तव में हमें ऐसे कपड़ों की जरूरत है जो पर्यावरण को तबाह कर रहे हैं? -ईव ओग्डेन शब
विज्ञापन
विज्ञापन

 

 

 

 

 

View this post on Instagram

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

A post shared by Eve Ogden Schaub (@eveoschaub)




काफी जटिल है कपड़ा बनाने की प्रक्रिया
शब के लिए ये परिधान तैयार करना आसान काम नहीं है। फ्लेक्स को काटने के बाद पहले उसको सड़ने के लिए छोड़ा जाता है। फिर कूटकर उसका रेशा निकाला जाता है और सूत कातकर उसे साफ किया जाता है। आखिर में प्राकृतिक रंगों से धागे को रंगा जाता है। रंगाई के लिए उन्होंने बगीचे में इंडिगो प्लांट भी लगाए हैं। धागा पूरी तरह तैयार होने पर वह एक विशाल करघे पर लिनन के कपड़े की बुनाई करती हैं और फिर तैयार होती है उनकी खास ड्रेस।

ये भी पढ़ें: पश्चिम एशिया तनाव: अमेरिका के खिलाफ मुस्लिम एकता का आह्वान, खामेनेई ने किससे और क्यों की ऐसी अपील; हालात कैसे?

उपभोक्तावाद को करारा जवाब
शब का यह कदम आधुनिक उपभोक्तावाद को एक करारा जवाब है। फास्ट फैशन पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी आपदा बन चुका है। भारत जैसी जगहों की रीसाइक्लिंग फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। यही नहीं, तमाम पिछड़े देशों में कपड़ों के बड़े-बड़े कचरे के ढेर लग रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed