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होर्मुज के पास डूबा कंटेनर जहाज: ईरान के हमलों में तेजी से बढ़ा समुद्री खतरा, तेल आपूर्ति पर गहराया संकट

Wed, 14 Oct 2026 10:53 PM IST
देवेश त्रिपाठी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Wed, 14 Oct 2026 10:53 PM IST
सार
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होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक कंटेनर जहाज डूब गया, जबकि दूसरे मालवाहक जहाज के भी डूबने की खबर है। ब्रिटेन के समुद्री व्यापार संचालन विभाग के अनुसार, 48 घंटों में इस क्षेत्र में कम से कम पांच घटनाएं हुईं। समुद्री सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि सिंगापुर के झंडे वाला जीएफएस प्राइड मंगलवार के हमले के बाद डूबा।

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होर्मुज में जहाजों पर हमले तेज - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक कंटेनर जहाज डूब गया, जबकि एक अन्य मालवाहक जहाज के भी डूबने की खबर है। अमेरिका और इस्राइल के ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से समुद्री जहाजों पर ईरानी हमलों में सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। समुद्री सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में इस क्षेत्र में कई वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया गया है।
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ब्रिटेन के समुद्री व्यापार संचालन विभाग (यूकेएमटीओ) ने बुधवार को बताया कि पिछले 48 घंटों में होर्मुज क्षेत्र के आसपास टैंकरों और अन्य वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाकर कम से कम पांच घटनाएं हुईं। इनमें ड्रोन हमले भी शामिल हैं। एक समुद्री सुरक्षा सूत्र ने कहा, "हमलों की गति बढ़ी है और ऐसा लगता है कि यह जानबूझकर किया जा रहा है।"
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दो जहाजों को नुकसान, एक डूबा
समुद्री सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, सिंगापुर के झंडे वाला कंटेनर जहाज जीएफएस प्राइड मंगलवार को हुए हमले के बाद बुधवार को डूब गया। एक अन्य घटना में एंटीगुआ और बारबुडा के झंडे वाला केप दाओ भी जलडमरूमध्य के पास डूबता हुआ बताया गया। इस जहाज पर 23 सितंबर को एक प्रक्षेप्य से हमला हुआ था।
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ईरान ने जीएफएस प्राइड का नाम लिए बिना दावा किया कि एक मालवाहक जहाज जलडमरूमध्य से अनधिकृत मार्ग पर गुजरते समय समुद्री बारूदी सुरंग से टकरा गया था। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के बयान के हवाले से कहा कि जहाज "अवैध और खतरनाक मार्ग" से जा रहा था।

वीडियो में पानी में एक ओर झुके और घने धुएं से घिरे जहाज की तस्वीर दिखाई गई। रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज पर 2,500 कंटेनर थे। हालांकि, यूकेएमटीओ ने संकेत दिया कि दोनों जहाजों को अज्ञात प्रक्षेप्यों से निशाना बनाया गया था। इससे ईरान के दावे पर सवाल उठे हैं।

होर्मुज से तेल की आवाजाही प्रभावित
ईरान लगातार जहाजों को चेतावनी दे रहा है कि वे उसकी अनुमति के बिना होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश न करें। वहीं, अमेरिकी सेना इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों को ओमान के तट के नजदीक वाले मार्ग से ले जा रही है।

यूकेएमटीओ की निगरानी के अनुसार, हाल के दिनों में इस क्षेत्र में हमलों की तीव्रता बढ़ी है। रविवार को ही छह जहाजों पर हमले हुए। फाइनेंशियल टाइम्स के विश्लेषण के मुताबिक, 11 अक्टूबर तक के दो सप्ताह में 24 जहाजों को निशाना बनाया गया। इनमें परिष्कृत तेल उत्पाद ले जाने वाले तीन टैंकर और कच्चा तेल ले जाने वाले दो टैंकर शामिल थे।

हमलों में तेजी के कारण जलडमरूमध्य से तेल की ढुलाई में भारी गिरावट आने की आशंका है। होर्मुज दुनिया के प्रमुख ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक है। इस रास्ते पर बढ़ते खतरे से वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

अमेरिकी चुनाव से पहले दबाव बनाने की कोशिश?
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के बढ़ते हमलों को अमेरिका में तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने दबाव बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इन चुनावों से तय होगा कि अमेरिकी कांग्रेस पर किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप के ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के बाद से अमेरिका में ईंधन की कीमतें लगभग 70 प्रतिशत बढ़ गई हैं। इससे रिपब्लिकन पार्टी को चुनाव में नुकसान होने की आशंका है।

दो ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, ईरान ने हाल में उन जहाजों के खिलाफ हमलों के नए तरीके अपनाने शुरू किए हैं, जिन्हें वह अपने प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाला मानता है। अधिकारियों ने कहा कि हमलों के प्रकार और उनकी गति में बदलाव किया गया है। इसका एक उद्देश्य अमेरिकी चुनाव के नतीजों को प्रभावित करना भी है।

एक अधिकारी ने रॉयटर्स से कहा, "इसका उद्देश्य अमेरिका और उसके सहयोगियों की वैश्विक तेल कीमतें कम करने की कोशिशों को विफल करना है।" अधिकारियों के मुताबिक, नई रणनीति अपनाने का फैसला ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने लिया और इसे देश की शासन व्यवस्था के विभिन्न हिस्सों के बीच समन्वय के साथ लागू किया जा रहा है।

छोटी नौकाओं से निगरानी कर रहा ईरान
एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ईरान ने हमलों के तरीके में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अधिकारी के अनुसार, अमेरिका की ओर से ईरान की रडार क्षमता के बड़े हिस्से को नष्ट किए जाने के बाद आईआरजीसी संभावित लक्ष्यों की पहचान के लिए छोटी नौकाओं में बिना हथियारों वाले निगरानीकर्मियों का इस्तेमाल कर रहा है। इन लक्ष्यों में अमेरिकी नौसेना के जहाज भी शामिल हो सकते हैं।

अधिकारी ने बताया कि पिछले सप्ताह एक ऐसी घटना हुई थी, जिसकी पहले सार्वजनिक जानकारी नहीं दी गई थी। अमेरिकी सेना को पता चला कि ईरानी निगरानीकर्मी एक पारंपरिक नौका से आईआरजीसी को संभावित लक्ष्यों की जानकारी दे रहे थे। 

इसके बाद अमेरिकी बलों ने नौका का सामना किया, उसमें सवार लोगों को जहाज छोड़ने के लिए कहा और फिर नौका को नष्ट कर दिया। अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
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