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मलयेशिया: भारतीय उच्चायोग ने क्यों जारी की एडवाइजरी? वीजा-फ्री एंट्री को लेकर लोगों को चेताया; कही ये बड़ी बात
Tue, 22 Sep 2026 02:17 PM IST
अमन तिवारी
पीटीआई, कुआलालंपुर
पीटीआई, कुआलालंपुर
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 22 Sep 2026 02:17 PM IST
भारतीय उच्चायोग ने भारतीय नागरिकों को मलयेशिया की 30 दिनों की वीजा-मुक्त सुविधा का इस्तेमाल नौकरी तलाशने के लिए न करने की सलाह दी है। उच्चायोग ने लोगों को फर्जी एजेंटों के झांसे में न आने की सख्त चेतावनी दी है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि बिना वैध वर्क परमिट या आवश्यक कार्य वीजा के रोजगार के सिलसिले में मलयेशिया की यात्रा बिल्कुल न करें।
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भारत और मलयेशिया का झंडा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत ने मंगलवार को अपने नागरिकों को आगाह किया है कि वे मलयेशिया की 30 दिनों की 'वीजा-फ्री' (बिना वीजा) प्रवेश सुविधा का इस्तेमाल नौकरी खोजने के लिए न करें। कुआलालंपुर स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक परामर्श (एडवाइजरी) जारी कर कहा कि ऐसे भारतीय नागरिकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखी गई है, जो फर्जी एजेंटों के झांसे में आकर झूठे नौकरी के वादों के सहारे मलयेशिया पहुंच रहे हैं। उच्चायोग ने स्पष्ट किया कि 30 दिनों की वीजा-मुक्त सुविधा केवल पर्यटन और सामाजिक यात्राओं (घूमने-फिरने और रिश्तेदारों से मिलने) के लिए है। इस सुविधा के तहत किसी भी तरह का काम या नौकरी करने की अनुमति नहीं है।
एजेंटों के झूठे वादों से बचने की सलाह
भारतीय उच्चायोग ने अपनी पोस्ट में कहा- मलयेशिया में 30 दिनों की वीजा-मुक्त सुविधा का उपयोग करके नौकरी की तलाश में आने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कुआलालंपुर स्थित भारतीय उच्चायोग उन भारतीय नागरिकों को आगाह करता है जो पर्यटक वीजा पर मलयेशिया जाकर काम ढूंढ रहे हैं।
एडवाइजरी में आगे कहा गया कि कई भारतीय धोखेबाज एजेंटों के झूठे नौकरी के झांसे में आ जाते हैं। इसके चलते वे तय समय से ज्यादा रुक जाते हैं (ओवरस्टे), वहां उनकी स्थिति अवैध हो जाती है, उनका शोषण होता है और उन्हें हिरासत में लिए जाने के साथ कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। यह मलयेशियाई आव्रजन (इमिग्रेशन) नियमों का खुला उल्लंघन है।
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असली पर्यटकों के लिए जरूरी दस्तावेज
इसके साथ ही उच्चायोग ने परामर्श में बताया गया है कि असली पर्यटकों को मलयेशिया पहुंचने पर किसी भी इमिग्रेशन समस्या से बचने के लिए जरूरी और सत्यापित दस्तावेज साथ रखने चाहिए। इनमें शामिल हैं:
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एजेंटों के झूठे वादों से बचने की सलाह
भारतीय उच्चायोग ने अपनी पोस्ट में कहा- मलयेशिया में 30 दिनों की वीजा-मुक्त सुविधा का उपयोग करके नौकरी की तलाश में आने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कुआलालंपुर स्थित भारतीय उच्चायोग उन भारतीय नागरिकों को आगाह करता है जो पर्यटक वीजा पर मलयेशिया जाकर काम ढूंढ रहे हैं।
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एडवाइजरी में आगे कहा गया कि कई भारतीय धोखेबाज एजेंटों के झूठे नौकरी के झांसे में आ जाते हैं। इसके चलते वे तय समय से ज्यादा रुक जाते हैं (ओवरस्टे), वहां उनकी स्थिति अवैध हो जाती है, उनका शोषण होता है और उन्हें हिरासत में लिए जाने के साथ कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। यह मलयेशियाई आव्रजन (इमिग्रेशन) नियमों का खुला उल्लंघन है।
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असली पर्यटकों के लिए जरूरी दस्तावेज
इसके साथ ही उच्चायोग ने परामर्श में बताया गया है कि असली पर्यटकों को मलयेशिया पहुंचने पर किसी भी इमिग्रेशन समस्या से बचने के लिए जरूरी और सत्यापित दस्तावेज साथ रखने चाहिए। इनमें शामिल हैं:
- कन्फर्म वापसी का टिकट
- होटल की बुकिंग का प्रमाण
- मलयेशिया पहुंचने की तारीख से तीन दिन पहले भरा गया ऑनलाइन 'मलयेशिया डिजिटल अराइवल कार्ड' (एमजीएसी)
- कम से कम छह महीने की वैधता वाला पासपोर्ट