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अमेरिका: भारतीय मूल के अकाउंटेंट को 41 महीने की जेल, अमेरिकी जिला जज ने सुनाई सजा; जानिए क्या है आरोप
Fri, 30 Oct 2026 02:16 PM IST
अमन मौर्या
पीटीआई, ह्यूस्टन, अमेरिका
पीटीआई, ह्यूस्टन, अमेरिका
Published by: अमन मौर्या
Updated Fri, 30 Oct 2026 02:16 PM IST
अमेरिका में भारतीय मूल के अकाउंटेंट अरुण मागो को कोविड-19 राहत फंड में धोखाधड़ी और ड्रग तस्करी के पैसों की मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 41 महीने की संघीय जेल की सजा सुनाई गई है।
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जेल में बंद (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : iStock
विस्तार
अमेरिका में भारतीय मूल के एक व्यक्ति को 41 महीने की संघीय जेल की सजा सुनाई गई है। उस पर महामारी के दौरान राहत फंड में धोखाधड़ी करने और ड्रग तस्करी से मिले पैसों की मनी लॉन्ड्रिंग (अवैध लेनदेन) करने का आरोप है। ऑस्टिन में अमेरिकी जिला न्यायाधीश रॉबर्ट पिटमैन ने बुधवार को अकाउंटेंट अरुण मागो को बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई। अदालत ने मागो को हर्जाने के तौर पर नौ लाख अमेरिकी डॉलर ( आठ करोड़, 55 लाख भारतीय रुपए से ज्यादा) से अधिक का भुगतान करने और 250,000 अमेरिकी डॉलर (2 करोड़ 37 लाख भारतीय रुपए से ज्यादा) का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया।
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अरुण मागो पर क्या हैं आरोप?
अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, मागो ने अक्तूबर 2023 से जुलाई 2024 के बीच कोकीन की बिक्री से मिले 150,000 अमेरिकी डॉलर (1 करोड़ 42 लाख भारतीय रुपए से ज्यादा) की मनी लॉन्ड्रिंग की। इन अवैध लेनदेन के अलावा, मागो ने कोविड-19 महामारी के दौरान लोन धोखाधड़ी की एक योजना भी रची। इसके तहत उसने कई व्यावसायिक इकाइयों के नाम पर 'पेचेक प्रोटेक्शन प्रोग्राम' (पीपीपी) और 'इकोनॉमिक इंजरी डिजास्टर लोन' (ईआईडीएल) के जरिए लगभग एक मिलियन अमेरिकी डॉलर हासिल किए। इस आपातकालीन फंड का इस्तेमाल कर्मचारियों के वेतन भुगतान या वैध व्यावसायिक खर्चों को पूरा करने के बजाय, मागो ने इस रकम को अपने निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिया और इसका इस्तेमाल रियल एस्टेट (संपत्ति) खरीदने में किया।
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अधिकारियों ने क्या बताया?
अधिकारियों ने बताया कि मागो ने पहले एक किताब लिखी थी, जिसमें 'ब्लैक मनी' (काला धन) नाम का एक अध्याय था। इसमें उसने दावा किया था कि मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी के तरीकों का पता लगाना पूरी तरह से असंभव है। टेक्सास के पश्चिमी जिले के अमेरिकी अटॉर्नी जस्टिन आर. सिमंस ने कहा कि मागो ने न केवल महामारी के दौरान संघीय सरकार के साथ धोखाधड़ी की, बल्कि ड्रग तस्करी से मिले भारी-भरकम पैसों की मनी लॉन्ड्रिंग करके अपनी आपराधिक गतिविधियों को भी जारी रखा। यह सजा मागो द्वारा इस साल की शुरुआत में अपना अपराध स्वीकार कर लेने के बाद सुनाई गई है। इसके साथ ही, आईआरएस क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन के टेक्सास फील्ड ऑफिस और टेक्सास अटॉर्नी जनरल कार्यालय द्वारा की गई संयुक्त जांच पूरी हो गई है।
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अरुण मागो पर क्या हैं आरोप?
अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, मागो ने अक्तूबर 2023 से जुलाई 2024 के बीच कोकीन की बिक्री से मिले 150,000 अमेरिकी डॉलर (1 करोड़ 42 लाख भारतीय रुपए से ज्यादा) की मनी लॉन्ड्रिंग की। इन अवैध लेनदेन के अलावा, मागो ने कोविड-19 महामारी के दौरान लोन धोखाधड़ी की एक योजना भी रची। इसके तहत उसने कई व्यावसायिक इकाइयों के नाम पर 'पेचेक प्रोटेक्शन प्रोग्राम' (पीपीपी) और 'इकोनॉमिक इंजरी डिजास्टर लोन' (ईआईडीएल) के जरिए लगभग एक मिलियन अमेरिकी डॉलर हासिल किए। इस आपातकालीन फंड का इस्तेमाल कर्मचारियों के वेतन भुगतान या वैध व्यावसायिक खर्चों को पूरा करने के बजाय, मागो ने इस रकम को अपने निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिया और इसका इस्तेमाल रियल एस्टेट (संपत्ति) खरीदने में किया।
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अधिकारियों ने क्या बताया?
अधिकारियों ने बताया कि मागो ने पहले एक किताब लिखी थी, जिसमें 'ब्लैक मनी' (काला धन) नाम का एक अध्याय था। इसमें उसने दावा किया था कि मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी के तरीकों का पता लगाना पूरी तरह से असंभव है। टेक्सास के पश्चिमी जिले के अमेरिकी अटॉर्नी जस्टिन आर. सिमंस ने कहा कि मागो ने न केवल महामारी के दौरान संघीय सरकार के साथ धोखाधड़ी की, बल्कि ड्रग तस्करी से मिले भारी-भरकम पैसों की मनी लॉन्ड्रिंग करके अपनी आपराधिक गतिविधियों को भी जारी रखा। यह सजा मागो द्वारा इस साल की शुरुआत में अपना अपराध स्वीकार कर लेने के बाद सुनाई गई है। इसके साथ ही, आईआरएस क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन के टेक्सास फील्ड ऑफिस और टेक्सास अटॉर्नी जनरल कार्यालय द्वारा की गई संयुक्त जांच पूरी हो गई है।