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लगातार बैठे रहना कितना खतरनाक?: हर अतिरिक्त घंटा बढ़ाएगा कैंसर से मौत का खतरा; जानिए अध्ययन में क्या सामने आया
Fri, 04 Sep 2026 07:45 AM IST
निर्मल कांत
अमर उजाला नेटवर्क, लंदन।
अमर उजाला नेटवर्क, लंदन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 04 Sep 2026 07:45 AM IST
लंबे समय तक लगातार बैठे रहने वालों के लिए एक अध्ययन में चेतावनी दी गई है। हर अतिरिक्त एक घंटे तक लगातार बैठे रहने से कैंसर से मौत का खतरा 9% बढ़ा पाया गया। बैठने के समय को हल्की शारीरिक गतिविधि से कितना फायदा हुआ, बीच-बीच में उठना कितना बड़ा बचाव कर सकता है, पढ़िए रिपोर्ट-
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
लंबे समय तक बिना उठे बैठे रहना स्वास्थ्य के लिए सामान्य निष्क्रिय समय से अधिक नुकसानदेह हो सकता है।
एक बड़े अध्ययन में पाया गया है कि रोजाना लंबे समय तक लगातार बैठे रहने की अवधि में हर अतिरिक्त एक घंटा कैंसर से मौत के 9% अधिक जोखिम से जुड़ा है। वहीं, लगातार बैठे रहने के समय में एक घंटे की जगह हल्की शारीरिक गतिविधि करने पर कैंसर से मौत का जोखिम 12% कम पाया गया। यह अध्ययन ग्लासगो विश्वविद्यालय के फ्रेडरिक हो और उनके सहयोगियों ने किया है।
ये भी पढ़ें: स्मृति शेष: स्टाइनम ने गांधी से प्रेरणा ले अमेरिका में छेड़ा था आंदोलन; कैसे भारत में पदयात्रा से बदली थी सोच?
बीच-बीच में उठना फायदेमंद
अध्ययन में लगातार लंबे समय तक बैठे रहने का संबंध न केवल कैंसर से मौत के अधिक जोखिम से मिला, बल्कि कुल कैंसर होने, मोटापे से जुड़े कई कैंसर से इसका संबंध पाया गया। इनमें भोजन नली, यकृत, गुर्दे, अग्न्याशय, बड़ी आंत, स्तन, अंडाशय और थायरॉयड से जुड़े कैंसर शामिल थे। इसके उलट, जब बैठने की अवधि को बीच-बीच में हल्की गतिविधि से तोड़ा गया तो अध्ययन में जांचे गए सभी प्रमुख स्वास्थ्य परिणामों में जोखिम कम होने का संबंध मिला।
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एक बड़े अध्ययन में पाया गया है कि रोजाना लंबे समय तक लगातार बैठे रहने की अवधि में हर अतिरिक्त एक घंटा कैंसर से मौत के 9% अधिक जोखिम से जुड़ा है। वहीं, लगातार बैठे रहने के समय में एक घंटे की जगह हल्की शारीरिक गतिविधि करने पर कैंसर से मौत का जोखिम 12% कम पाया गया। यह अध्ययन ग्लासगो विश्वविद्यालय के फ्रेडरिक हो और उनके सहयोगियों ने किया है।
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बीच-बीच में उठना फायदेमंद
अध्ययन में लगातार लंबे समय तक बैठे रहने का संबंध न केवल कैंसर से मौत के अधिक जोखिम से मिला, बल्कि कुल कैंसर होने, मोटापे से जुड़े कई कैंसर से इसका संबंध पाया गया। इनमें भोजन नली, यकृत, गुर्दे, अग्न्याशय, बड़ी आंत, स्तन, अंडाशय और थायरॉयड से जुड़े कैंसर शामिल थे। इसके उलट, जब बैठने की अवधि को बीच-बीच में हल्की गतिविधि से तोड़ा गया तो अध्ययन में जांचे गए सभी प्रमुख स्वास्थ्य परिणामों में जोखिम कम होने का संबंध मिला।
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