फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   nepal-5-2-magnitude-earthquake-know-reason-amid-flood-landslide-disaster-157-dead-hundreds-missing

नेपाल में बाढ़ के बाद आया था भूकंप?: 5.2 की तीव्रता वाले झटके हुए महसूस, जानें क्यों कांपी धरती

Thu, 27 Aug 2026 12:10 AM IST
Devesh Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो Published by: Devesh Tripathi Updated Thu, 27 Aug 2026 12:10 AM IST
सार
Register For Event

नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से जारी तबाही के बीच बुधवार को 5.2 तीव्रता की कंपन वाली घटना ने प्रभावित क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी। शुरुआती तौर पर इसे भूकंप माना गया, लेकिन अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण के आकलन में यह हलचल बड़े भूस्खलन से जुड़ी बताई गई। आपदा के कारण नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।

विज्ञापन
nepal-5-2-magnitude-earthquake-know-reason-amid-flood-landslide-disaster-157-dead-hundreds-missing
नेपाल से तिब्बत तक तबाही का मंजर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

नेपाल में बुधवार शाम को 5.2 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। यह भूकंप के झटके ऐसे समय महसूस किए गए, जब देश में अचानक आई बाढ़ से 150 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इससे कुछ घंटे पहले कम तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
विज्ञापन


अमेरिकी विभाग ने नेपाल में भूकंप को लेकर क्या कहा?
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, इलाके में जिस कंपन को शुरुआत में 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया गया था, वह वास्तव में भूस्खलन की वजह से पैदा हुआ था। यूएसजीएस ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि भूस्खलन की ताकत 5.2 तीव्रता के बराबर दर्ज की गई। इससे पहले नेपाल के एक अधिकारी ने कहा था कि संभव है कि भूकंप की वजह से भूस्खलन हुआ हो।
विज्ञापन


बाढ़ में 150+ लोगों की मौत, 750 से ज्यादा लापता
तिब्बत से अचानक आई बाढ़ ने बुधवार को मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई। बाढ़ में 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 750 से अधिक लोग लापता हैं। लापता लोगों में 133 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। बाढ़ में कई महत्वपूर्ण पुल बह गए और करीब एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद को बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह 8:37 बजे तिब्बत क्षेत्र में भूकंप आया था और इसके तीन मिनट बाद अचानक बाढ़ की सूचना मिली। इससे संकेत मिलता है कि भूकंप के झटकों से ग्लेशियर से अचानक पानी निकलने की घटना हुई हो सकती है, जिससे बाढ़ आई। अधिकारियों के अनुसार, भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ से तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा और धादिंग जिले प्रभावित हुए हैं।

क्यों आई नेपाल में बाढ़?
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, चट्टान खिसकने और नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बहने वाली ल्हेंदे नदी में पानी बढ़ने के कारण रसुवा जिले के सीमावर्ती शहर टिमुरे में भोटे कोशी नदी के रास्ते बाढ़ का पानी त्रिशूली नदी में पहुंचा। इसके बाद बाढ़ नदी के रास्ते नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहूं और नवलपरासी पूर्व जैसे अन्य जिलों तक फैल गई। ये इलाके काठमांडू से करीब 70 किलोमीटर से लेकर लगभग 200 किलोमीटर तक की दूरी पर हैं।


नेपाल सरकार ने बताया कि 100 से ज्यादा शव बरामद किए गए हैं और करीब 750 से ज्यादा लोग लापता हैं। वहीं, चीन के सरकारी समाचार चैनल सीजीटीएन ने बताया कि सीमा के चीनी हिस्से में तीन लोगों की मौत हुई है और 265 लोग लापता हैं। प्रभावित इलाकों के वीडियो में कीचड़, चट्टानों और मलबे के साथ तेज बहाव का पानी दिखाई दे रहा है। लोग बाढ़ के पानी से बचने के लिए भागते नजर आए। पानी इमारतों और वाहनों की ओर तेजी से बढ़ रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed