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तिब्बत में भूकंप से कांपी धरती: रिक्टर पैमाने पर 7.0 तीव्रता के बाद चार घंटे में लगे 15 और झटके, दहशत का माहौल
Fri, 23 Oct 2026 12:58 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ल्हासा।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ल्हासा।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 23 Oct 2026 12:58 AM IST
तिब्बत में 7.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इसके बाद चार घंटे में 4.3 से 5.2 तीव्रता तक के कई झटके रिकॉर्ड हुए।
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भूकंप
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
तिब्बत में गुरुवार, 22 अक्तूबर की रात भूकंप के तेज झटके दर्ज किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में 7.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसके बाद भी कई बार धरती कांपी। एनसीएस के अनुसार, 16 भूकंपीय घटनाएं दर्ज हैं, जिनमें सबसे तेज झटका 7.0 तीव्रता का था।
केंद्र के मुताबिक, 22 अक्तूबर की रात 8:03 बजे 7.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसके करीब 26 मिनट बाद, रात 8:29 बजे, 5.2 तीव्रता का एक और झटका रिकॉर्ड हुआ। इसके बाद रातभर 5.0 और उससे कम तीव्रता के कई झटके दर्ज किए गए। 23 अक्तूबर को रात 12:01 बजे 4.3 तीव्रता का झटका भी रिकॉर्ड हुआ। वहीं चीन में भी कई बार भूकंप के झटके महसूस हुए।
देखें कब और कितनी बार कांपी धरती
पिछले महीने भी आया था भूकंप
तीन सितंबर को भी तिब्बत में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। तब भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 मापी गई गई थी। भूकंप के झटके दोपहर करीब 1:46 बजे दर्ज किए गए। भूकंप का केंद्र 31.479 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 80.370 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। इसकी गहराई जमीन के अंदर करीब 14 किलोमीटर बताई गई। भूकंप का लोकेशन तिब्बत क्षेत्र में दर्ज किया गया।
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पहले ही त्रासदी की मार झेल रहा तिब्बत
26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने के बाद तिब्बत में भूकंप के झटके महसूस हुए थे, वहीं इसके बाद तिब्बत को बाढ़ की मार झेलनी पड़ी है। चीन सीमा से जुड़े इलाके में बड़े पैमाने पर तबाही देखने को मिली है।
ये भी पढ़ें: नेतन्याहू की पीएम मोदी से बात: इस्राइली स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता, कैप्टन मच्छार होंगे साथ
जनवरी 2025 में भी भूकंप ने मचाई थी तबाही
जनवरी 2025 में तिब्बत में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किये गये थे। इस भीषण भूकंप में 120 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे। चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र (सीईएनसी) के अनुसार, सुबह 9:05 बजे आए भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 6.8 मापी गयी थी।
क्यों आते हैं भूकंप?
धरती के भीतर सात प्लेट्स हैं, जो लगातर घूमती रहती हैं। जिस स्थान पर प्लेट्स की टक्कर होती है, उस जगह को फॉल्ट लाइन कहा जाता है। पृथ्वी के अंदर स्थित टेक्टोनिक प्लेटों के खिसकने, आपस में टकराने या रगड़ खाने से ऊर्जा उत्पन्न होती है। जब प्लेटों के टकराने से ज्यादा ऊर्जा निकलती है, तो धरती की सतह पर कंपन पैदा होता है। जिस स्थान पर प्लेट्स टकराती हैं, उस स्थान पर सबसे अधिक भूकंप का असर होता है। लेकिन जब भूकंप की तीव्रता अधिक होती है तो इसके झटके काफी दूर तक महसूस किए जाते हैं।
कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता
वैज्ञानिक भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल करते हैं। जब भूकंप आता है, पृथ्वी के नीचे से ऊर्जा तरंगे बाहर आती हैं। उन्हें रिक्टर स्केल से मापा जाता है। इसके बाद ही यह पता लगता है कि भूकंप की तीव्रता कितनी थी और इसका केंद्र कहां पर था।
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केंद्र के मुताबिक, 22 अक्तूबर की रात 8:03 बजे 7.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसके करीब 26 मिनट बाद, रात 8:29 बजे, 5.2 तीव्रता का एक और झटका रिकॉर्ड हुआ। इसके बाद रातभर 5.0 और उससे कम तीव्रता के कई झटके दर्ज किए गए। 23 अक्तूबर को रात 12:01 बजे 4.3 तीव्रता का झटका भी रिकॉर्ड हुआ। वहीं चीन में भी कई बार भूकंप के झटके महसूस हुए।
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देखें कब और कितनी बार कांपी धरती
| भूकंप की टाइमिंग (भारतीय समयानुसार) | तीव्रता | स्थान |
| रात 08:03 बजे (22 अक्तूबर) | 7.0 | तिब्बत |
| रात 08:29 बजे (22 अक्तूबर) | 5.2 | चीन |
| रात 08:42 बजे (22 अक्तूबर) | 5.0 | तिब्बत |
| रात 09:09 बजे (22 अक्तूबर) | 5.0 | तिब्बत |
| रात 09:15 बजे (22 अक्तूबर) | 5.0 | तिब्बत |
| रात 09:27 बजे (22 अक्तूबर) | 5.0 | चीन |
| रात 09:47 बजे (22 अक्तूबर) | 4.8 | तिब्बत |
| रात 09:51 बजे (22 अक्तूबर) | 4.6 | तिब्बत |
| रात 10:15 बजे (22 अक्तूबर) | 4.9 | चीन |
| रात 10:20 बजे (22 अक्तूबर) | 4.7 | तिब्बत |
| रात 10:28 बजे (22 अक्तूबर) | 4.7 | तिब्बत |
| रात 10:40 बजे (22 अक्तूबर) | 4.6 | तिब्बत |
| रात 11:17 बजे (22 अक्तूबर) | 4.3 | तिब्बत |
| रात 11:36 बजे (22 अक्तूबर) | 4.8 | तिब्बत |
| रात 11:55 बजे (22 अक्तूबर) | 4.4 | तिब्बत |
| रात 12:01 बजे (23 अक्तूबर) | 4.3 | तिब्बत |
पिछले महीने भी आया था भूकंप
तीन सितंबर को भी तिब्बत में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। तब भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 मापी गई गई थी। भूकंप के झटके दोपहर करीब 1:46 बजे दर्ज किए गए। भूकंप का केंद्र 31.479 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 80.370 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। इसकी गहराई जमीन के अंदर करीब 14 किलोमीटर बताई गई। भूकंप का लोकेशन तिब्बत क्षेत्र में दर्ज किया गया।
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पहले ही त्रासदी की मार झेल रहा तिब्बत
26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने के बाद तिब्बत में भूकंप के झटके महसूस हुए थे, वहीं इसके बाद तिब्बत को बाढ़ की मार झेलनी पड़ी है। चीन सीमा से जुड़े इलाके में बड़े पैमाने पर तबाही देखने को मिली है।
ये भी पढ़ें: नेतन्याहू की पीएम मोदी से बात: इस्राइली स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता, कैप्टन मच्छार होंगे साथ
जनवरी 2025 में भी भूकंप ने मचाई थी तबाही
जनवरी 2025 में तिब्बत में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किये गये थे। इस भीषण भूकंप में 120 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे। चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र (सीईएनसी) के अनुसार, सुबह 9:05 बजे आए भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 6.8 मापी गयी थी।
क्यों आते हैं भूकंप?
धरती के भीतर सात प्लेट्स हैं, जो लगातर घूमती रहती हैं। जिस स्थान पर प्लेट्स की टक्कर होती है, उस जगह को फॉल्ट लाइन कहा जाता है। पृथ्वी के अंदर स्थित टेक्टोनिक प्लेटों के खिसकने, आपस में टकराने या रगड़ खाने से ऊर्जा उत्पन्न होती है। जब प्लेटों के टकराने से ज्यादा ऊर्जा निकलती है, तो धरती की सतह पर कंपन पैदा होता है। जिस स्थान पर प्लेट्स टकराती हैं, उस स्थान पर सबसे अधिक भूकंप का असर होता है। लेकिन जब भूकंप की तीव्रता अधिक होती है तो इसके झटके काफी दूर तक महसूस किए जाते हैं।
कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता
वैज्ञानिक भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल करते हैं। जब भूकंप आता है, पृथ्वी के नीचे से ऊर्जा तरंगे बाहर आती हैं। उन्हें रिक्टर स्केल से मापा जाता है। इसके बाद ही यह पता लगता है कि भूकंप की तीव्रता कितनी थी और इसका केंद्र कहां पर था।