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किसी का इस्तीफा तो कोई बर्खास्त...: महिलाओं को बाहर कर रहा डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन; आखिर इसकी वजह क्या है?

Sat, 17 Oct 2026 06:20 AM IST
निर्मल कांत एरिका एल ग्रीन, द न्यूयॉर्क टाइम्स, वाशिंगटन।
एरिका एल ग्रीन, द न्यूयॉर्क टाइम्स, वाशिंगटन। Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 17 Oct 2026 06:20 AM IST
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सार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में महिला अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर फैसले चर्चा में हैं। कहीं इस्तीफे की नौबत आई है, तो कहीं महिलाओं को पद से हटाया गया है। इन घटनाओं के बीच ट्रंप प्रशासन के रवैये और फैसलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आखिर महिलाओं को लेकर प्रशासन की नीति पर विवाद क्यों गहरा रहा है? पढ़िए इस रिपोर्ट में। 
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trump administration removes women some resign others fired questions over double standards
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल से एक असामान्य पैटर्न सामने आ रहा है। प्रशासन के शीर्ष एवं कैबिनेट स्तर के पदों से महिला अधिकारियों के बाहर होने का सिलसिला लगातार जारी है, चाहे उन्होंने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया हो या फिर जब बर्खास्तगी की गई हो। सबसे बड़ी बात यह है कि जिन पदों से महिला अधिकारियों को हटाया गया है, वहां कमान पुरुषों को सौंपी जा रही है।


इससे ट्रंप प्रशासन के दोहरे रवैये को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। ताजा मामला ग्रीस में अमेरिकी राजदूत किम्बर्ली गिलफॉयल का है, जिन्हें लाइव टीवी पर व्हाइट हाउस प्रेस सचिव की ब्रीफिंग के दौरान ही पद से हटा दिया गया। ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन की वरिष्ठ शोधकर्ता कैथरीन डन टेनपास का कहना है कि रीगन युग के बाद से किसी भी अमेरिकी प्रशासन में ऐसा नहीं देखा गया, जहां शुरुआती सभी कैबिनेट इस्तीफे या बर्खास्तगी केवल महिलाओं के हुए हों।


तीन महीने में पांच महिला अधिकारियों को गंवानी पड़ी कुर्सी


किम्बर्ली गिलफॉयल: अमेरिकन एक्सप्रेस बिल चुकाने के लिए एक डोनर से 1,00,000 डॉलर मांगने के आरोपों के बाद सरकार ने इस्तीफा मांग लिया।

पाम बोंडी: पूर्व अटॉर्नी जनरल को एपस्टीन फाइलों से निपटने के तरीके व संसदीय सुनवाई में बयानों को लेकर ट्रंप की नाराजगी के कारण हटना पड़ा।

क्रिस्टी एल. नोएम: एपस्टीन फाइलों से जुड़े बयानों को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप पूर्व आंतरिक सुरक्षाा मंत्री से नाखुश थे। इसीलिए पद गंवाना पड़ गया।

तुलसी गबार्ड: पूर्व राष्ट्रीय खुफिया निदेशक को ईरान के खतरे पर संसदीय गवाही देने से इन्कार करने के कारण इस्तीफा देना पड़ा।

लोरी शावेज-डिरेमर: श्रम मामलों की मंत्री को प्रशासनिक फेरबदल और नई नीतिगत प्राथमिकताओं के चलते पद छोड़ना पड़ा।

लेकिन पुरुष अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई
  • रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ : एक निजी मैसेजिंग ऐप पर गोपनीय युद्ध योजनाओं को लीक करने के खुलासे के बावजूद पद पर बने हुए हैं।
  • वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटानिक : यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के निजी द्वीप पर जाने वाले लोगों में नाम आया।
  • एफबीआई निदेशक काश पटेल : व्यक्तिगत आचरण से जुड़े विवादों के बावजूद पद पर बने हुए हैं।

व्हाइट हाउस बोला, योग्यता देखी
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता टेलर रोजर्स ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है राष्ट्रपति ट्रंप ने किसी पहचान की राजनीति या लिंग के आधार पर नहीं, बल्कि केवल योग्यता और क्षमताओं के आधार पर अपनी टीम चुनी है।

व्हाइट हाउस प्रेस सचिव बार परीक्षा में फेल, फिर भी खुद को बताया वकील 
व्हाइट हाउस की नई प्रेस सचिव केटी जकारिया मुश्किलों में घिर गई हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने पिछले दो वर्षों में कम से कम 15 ऐसी सोशल मीडिया पोस्ट शेयर की हैं, जिनमें उन्हें अटॉर्नी बताया गया था, जबकि सच यह है कि वह कैलिफोर्निया बार परीक्षा में फेल हो चुकी हैं। अब चार दिन पहले ही प्रेस सचिव बनीं जकारिया को हटाने के संकेट ट्रंप ने दिए हैं।

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केटी जकारिया
केटी जकारिया ने 2011 में पेपेरडाइन यूनिवर्सिटी कारूसो स्कूल से लॉ डिग्री पूरी की थी, लेकिन वह कैलिफोर्निया बार परीक्षा पास नहीं कर पाईं और उन्होंने कभी दोबारा परीक्षा नहीं दी। जकारिया ने अप्रैल 2025 से सितंबर 2026 के बीच एक्स और ट्रुथ सोशल पर फॉक्स न्यूज और वन अमेरिका न्यूज के ऐसे कई पोस्ट शेयर किए, जिनमें उन्हें 'अटॉर्नी' कहा गया था।



कैलिफोर्निया के नियमों के अनुसार, राज्य में कानून की प्रैक्टिस करने के लिए बार पास होना अनिवार्य है और बिना लाइसेंस खुद को वकील बताना गैरकानूनी है। जकारिया ने सफाई देते हुए कहा कि लॉ पूरा करने के बाद वह चीन चली गईं, जहां उन्होंने बीजिंग की एक लॉ फर्म में काम किया।
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