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निर्वासन के 10 महीने बाद लौटीं मचाडो: मादुरो की सत्ता जाने के बाद चुनाव नहीं; वेनेजुएला में लोकतंत्र पर संकट?

Sun, 25 Oct 2026 10:59 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काराकास।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काराकास। Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 25 Oct 2026 10:59 PM IST
सार
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वेनेजुएला की विपक्षी नेता और नोबेल पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो 10 महीने से अधिक समय तक निर्वासन में रहने के बाद देश लौट आई हैं। निकोलस मादुरो की सत्ता खत्म होने के बाद भी चुनाव की तारीख तय नहीं हुई है और कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज तय समय से अधिक पद पर बनी हुई हैं। ऐसे में क्या वेनेजुएला में लोकतंत्र का भविष्य और अनिश्चित हो गया है? पढ़िए रिपोर्ट में। 

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Venezuela's opposition leader Machado returns after months in exile, as doubts over democracy deepen
मारिया कोरिना मचाडो - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

वेनेजुएला की विपक्षी नेता और नोबेल पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो रविवार को देश में फिर से नजर आईं। दिसंबर के बाद यह पहली बार है, जब वह वेनेजुएला लौटी हैं। उनकी वापसी ऐसे समय हुई है, जब देश में लोकतंत्र के भविष्य और उसमें अमेरिका की भूमिका को लेकर संदेह बढ़ रहे हैं। अमेरिकी सेना ने देश के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटा दिया था।
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मचाडो ने सोशल मीडिया पर अपनी वापसी की घोषणा की। उन्होंने लिखा, मैं यहां हूं। आपके साथ। 

इस बीच, वेनेजुएला के विपक्षी नेता एडमुंडो गोंजालेज ने भी एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने पुष्टि की कि मचाडो देश लौट आई हैं। उन्होंने कहा कि वह भी 'बहुत जल्द' उनके साथ होंगे। गोंजालेज ने लिखा, आज वेनेजुएला के लोगों के लिए बहुत अहम दिन है। मचाडो की वापसी के साथ ही देश के लोगों की आवाज भी लौट आई है। वह इस प्रक्रिया का नेतृत्व करेंगी और इसे आगे बढ़ाएंगी। आप जानते हैं, यह लड़ाई आखिरी दम तक जारी रहेगी। 
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कितने समय बाद लौटीं मचाडो?
मचाडो 10 महीने से ज्यादा समय तक निर्वासन में रहने के बाद अपने देश लौटी हैं। उनकी वापसी ऐसे समय हुई है, जब वेनेजुएला में लोकतंत्र के भविष्य को लेकर संदेह बढ़ रहे हैं। इस प्रक्रिया में अमेरिका की भूमिका को लेकर भी सवाल गहरा रहे हैं।
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मादुरो के हटने के बाद किसके हाथ में सत्ता?
मादुरो को सत्ता से हटाए जाने के बाद से वेनेजुएला का शासन कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज चला रही हैं। वह लंबे समय से मादुरो की सहयोगी रही हैं। मादुरो की जगह उन्हें कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाने के फैसले को ट्रंप प्रशासन की मंजूरी मिली थी।

चुनाव की तारीख तय नहीं
रोड्रिगेज को मादुरो की गिरफ्तारी के बाद कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में जितने समय तक पद पर रहने की अनुमति दी गई थी, वह अवधि बीत चुकी है। इसके बावजूद वह पद पर बनी हुई हैं। देश में अब तक किसी चुनाव की तारीख भी तय नहीं की गई है।

विपक्षी कार्यकर्ताओं ने वेनेजुएला सरकार पर मचाडो की वापसी रोकने का आरोप लगाया। वेनेजुएला के अधिकारियों ने इस आरोप से इनकार किया है। कुछ अन्य लोगों ने यह सवाल भी उठाया है कि क्या ट्रंप प्रशासन भी उनकी वापसी रोकने की कोशिशों में शामिल था।

ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने इनकार किया है कि वे मचाडो को लौटने से रोक रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा है कि कुछ मौकों पर सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण मचाडो को वापस नहीं लौटने की सलाह दी गई थी।

मादुरो को सत्ता से हटाए जाने के बाद वेनेजुएला की सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि रोड्रिगेज अधिकतम 90 दिनों तक कार्यवाहक राष्ट्रपति रह सकती हैं। इस अंतरिम नियुक्ति को नेशनल असेंबली अगले 90 दिनों के लिए बढ़ा सकती थी। लेकिन सत्तारूढ़ दल के नियंत्रण वाली असेंबली ने उनका कार्यकाल बढ़ाने के लिए कभी मतदान नहीं किया।


मचाडो और उनके सहयोगियों ने रोड्रिगेज सरकार से राष्ट्रपति चुनाव की तारीख तय करने की मांग की है। सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में रोड्रिगेज ने कहा था कि वेनेजुएला के लोग ही अगले चुनाव के लिए 'सही समय' तय करेंगे।

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि नए चुनाव कराने से पहले वेनेजुएला को अपनी अर्थव्यवस्था स्थिर करनी होगी। उसे अदालतों और चुनाव परिषद समेत अपने संस्थानों का दोबारा निर्माण भी करना होगा। हालांकि, इस महीने की शुरुआत में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रुबियो ने कहा था कि मचाडो को जब भी अपने देश लौटना हो, उन्हें वहां जाने का पूरा अधिकार है। मचाडो के समर्थकों ने उनकी वापसी की मांग को लेकर काराकास में प्रदर्शन भी किए हैं।
 
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