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'यूके छोड़ने पर कानूनी रोक': विजय माल्या बोले- मैं भगोड़ा नहीं; भारत सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, क्या है मामला?

Wed, 09 Sep 2026 08:29 AM IST
राकेश कुमार एएनआई, लंदन।
एएनआई, लंदन। Published by: राकेश कुमार Updated Wed, 09 Sep 2026 08:29 AM IST
सार
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विजय माल्या ने एक बार फिर खुद को ‘भगोड़ा’ कहे जाने पर आपत्ति जताई है। उनका दावा है कि वह ब्रिटेन छोड़ने की स्थिति में नहीं हैं और भारत सरकार ने उनके साथ अन्याय किया है। माल्या ने यह भी दावा किया है कि उनसे 14,100 करोड़ रुपये से ज्यादा की वसूली हो चुकी है। वहीं, भारत सरकार उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर चुकी है और बॉम्बे हाईकोर्ट भी उन्हें अदालती कार्यवाही से बचने पर फटकार चुका है। क्या है पूरा मामला? जानिए...

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vijay mallya not fugitive uk legal bar india case
विजय माल्या, भगोड़ा कारोबारी - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

शराब कारोबारी विजय माल्या ने एक बार फिर खुद को ‘भगोड़ा’ कहे जाने पर सवाल उठाया है। माल्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि मैं भारत लौटने से भाग नहीं रहा हूं। मुझे भगोड़ा कहने वालों को समझना चाहिए कि मैं 1992 से यूके यानी ब्रिटेन का स्थायी निवासी हूं। फिलहाल कानूनी तौर पर देश छोड़ने पर रोक है। भारत सरकार ने मेरे साथ घोर अन्याय किया।
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भारत में माल्या को भगोड़ा क्यों कहा जाता है?
भारत सरकार के रिकॉर्ड में विजय माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा चुका है। अक्टूबर 2025 में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया था कि भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत 15 लोगों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है। इस सूची में विजय माल्या और नीरव मोदी समेत कई चर्चित नाम शामिल हैं।
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यही वजह है कि भारत में माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी के तौर पर देखा जाता है। हालांकि, माल्या अब इसी पहचान पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि ब्रिटेन में उनका रहना किसी तरह भारत से भागने की कोशिश नहीं है, बल्कि उनके खिलाफ चल रही कानूनी स्थिति का नतीजा है।
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भारत सरकार माल्या की वापसी पर क्या कह चुकी है?
भारत सरकार का रुख इस मामले में पहले से साफ रहा है। दिसंबर 2025 में विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत में कानून के तहत वांछित लोगों को देश वापस लाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मंत्रालय ने माना था कि ऐसे मामलों में कई कानूनी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि सरकार इस मामले में कई देशों के साथ बातचीत कर रही है और प्रक्रिया जारी है। उनका कहना था कि सरकार की कोशिश है कि आर्थिक अपराध के मामलों में वांछित लोग भारत लौटें और यहां की अदालतों में मुकदमे का सामना करें।

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माल्या ने 14,131 करोड़ रुपये की वसूली का दावा क्यों किया?
विजय माल्या ने मंगलवार को एक और पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दाखिल एक कथित हलफनामे का हवाला दिया। माल्या का दावा है कि इस हलफनामे के एक हिस्से में 2021 में उनसे 14,131.60 करोड़ रुपये की वसूली का जिक्र है।

माल्या ने सवाल उठाया कि अगर उनसे इतनी बड़ी रकम वसूल की जा चुकी है, तो उन्हें अब भी बैंक धोखाधड़ी के आरोपी के तौर पर क्यों पेश किया जाता है। उन्होंने एक स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट की तालिका भी साझा की। इसके जरिए उन्होंने कहा कि अब सवाल यह होना चाहिए कि उन्हें उनकी रकम वापस कब मिलेगी।

विजय माल्या ने यह भी दावा किया कि ईडी ने उनके अटैच फंड से 350 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम किंगफिशर कर्मचारियों को भुगतान करने के लिए जारी की थी। उनका कहना है कि उनकी संपत्तियां और फंड अटैच होने के कारण वह खुद कर्मचारियों का भुगतान नहीं कर सके।




माल्या के मामले में अदालत का रुख क्या?
विजय माल्या के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट भी सख्त रुख अपना चुका है। फरवरी 2026 में अदालत ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा था कि वह जानबूझकर अदालती कार्यवाही से बच रहे हैं। अदालत ने कहा था कि ऐसी स्थिति में वह समानता के आधार पर राहत की मांग नहीं कर सकते।

उच्च अदालत ने माल्या को यह स्पष्ट करने का अंतिम मौका भी दिया था कि क्या वह भारत लौटने का इरादा रखते हैं। माल्या की याचिका भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम की सांविधानिक वैधता और उन्हें भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई को चुनौती देती है। मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा था कि वह यह दर्ज करने के पक्ष में है कि माल्या अदालत के अधिकार क्षेत्र से बच रहे हैं। ऐसे में वह अपनी याचिका में राहत की उम्मीद नहीं कर सकते।

मामले से जुड़ी बड़ी बातें
  • माल्या का दावा है कि वह 1992 से ब्रिटेन के स्थायी निवासी हैं और फिलहाल कानूनी तौर पर ब्रिटेन छोड़ने पर रोक है।
  • अक्टूबर 2025 में सरकार ने लोकसभा में बताया था कि 15 लोगों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है, जिनमें माल्या और नीरव मोदी शामिल हैं।
  • दिसंबर 2025 में विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत वांछित आर्थिक अपराधियों को वापस लाने के लिए अलग-अलग देशों के साथ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।
  • माल्या ने ईडी के कथित हलफनामे का हवाला देते हुए 2021 तक 14,131.60 करोड़ रुपये की वसूली का दावा किया है।
  • विजय माल्या ने अगस्त में भी दावा किया था कि बैंकों और सरकार ने उनसे 14,100 करोड़ रुपये वसूल किए हैं, जबकि जजमेंट डेट 6,203 करोड़ रुपये है।
  • माल्या का दावा है कि ईडी ने उनके अटैच फंड से किंगफिशर कर्मचारियों को भुगतान के लिए 350 करोड़ रुपये से ज्यादा जारी किए थे।
  • फरवरी 2026 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने माल्या को अदालती कार्यवाही से बचने पर फटकार लगाई और भारत लौटने के इरादे पर स्पष्ट जवाब मांगा था।
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