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क्या भारत बनेगा एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग हब?: लॉकहीड मार्टिन का बड़ा प्लान, देश में ही बनाएगी विमान
Sun, 04 Oct 2026 12:01 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
पीटीआई, वाशिंगटन।
पीटीआई, वाशिंगटन।
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Sun, 04 Oct 2026 12:01 PM IST
लॉकहीड मार्टिन को भारत के 60 मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का कॉन्ट्रैक्ट मिलने पर कंपनी देश में अपना प्रोडक्शन बढ़ाएगी। कंपनी ने विमान भारत में बनाने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही मौजूदा C-130J विमानों को अपग्रेड करने की भी योजना है।
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भारत में बढ़ेगा एयरक्राफ्ट प्रोडक्शन
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ एआई
विस्तार
एयरोस्पेस कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अगर लॉकहीड मार्टिन को भारतीय सशस्त्र बलों के लिए मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सप्लाई करने का कॉन्ट्रैक्ट मिलता है, तो वह भारत में अपनी प्रोडक्शन क्षमता को और बढ़ाएगी। अगस्त में, भारत ने 10.5 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से 60 मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट खरीदने के लिए टेंडर जारी किया था।
कॉन्ट्रैक्ट के लिए कौन सी कंपनियां होड़ में हैं?
इस कॉन्ट्रैक्ट के लिए पांच भारतीय कंपनियां होड़ में हैं। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL), महिंद्रा ग्रुप, अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और रिलायंस डिफेंस । उम्मीद है कि वे इस प्रोग्राम में ग्लोबल एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरर्स को शामिल करेंगी।
सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ने क्या बताया?
लॉकहीड मार्टिन में ग्लोबल बिजनेस डेवलपमेंट और स्ट्रैटेजी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डैन टेनी ने समाचार एजेंसी पीटीआईके एक सवाल के जवाब में कहा, 'टाटा के साथ हमारी लंबी पार्टनरशिप है, जो C-130J एयरक्राफ्ट के पार्ट्स और एम्पेनेज (एयरक्राफ्ट का पिछला हिस्सा) बनाती है। यह एक बहुत मजबूत क्षमता है जिसे हमारी मौजूदा बोली में और बढ़ाया जाएगा।'
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'हम इसे लेकर बहुत उत्साहित हैं'
उन्होंने कहा, 'हम भारत में प्रोडक्शन और अन्य चीजों के साथ उस क्षमता को बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।' टीएएसएल ने लॉकहीड मार्टिन के साथ पार्टनरशिप की है, जबकि महिंद्रा ने इस कॉन्ट्रैक्ट के लिए ब्राजील की एम्ब्रेयर के साथ हाथ मिलाया है। टेनी ने कहा, 'इसलिए हम इसे लेकर बहुत उत्साहित हैं। भारत उस एयरक्राफ्ट और उससे आगे की एडवांस्ड क्षमताओं को सक्षम करने में एक बेहतरीन पार्टनर रहा है।'
कितने एयरक्राफ्ट बनाए जाएंगे?
उन्होंने कहा कि अगर लॉकहीड मार्टिन और टीएएसएल उस बोली में सफल होते हैं, तो नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। टेनी ने कहा, 'इसलिए हम ऐसा करने की सोच रहे हैं।' लॉकहीड मार्टिन ने कहा कि उसके प्रस्ताव में 12 एयरक्राफ्ट 'फ्लाई-अवे' कंडीशन (उड़ने के लिए तैयार हालत) में और 48 भारत में बनाए जाएंगे।
कंपनी ने भारतीय वायु सेना (IAF) के मौजूदा 12 C-130J एयरक्राफ्ट के बेड़े को भी उसी एडवांस्ड कॉन्फिगरेशन में अपग्रेड करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे वायु सेना को संभावित रूप से 72 एयरक्राफ्ट का एक कॉमन बेड़ा मिल सकता है।
आईएएफ के मौजूदा C-130J बेड़े ने 58,000 से अधिक उड़ान घंटे पूरे कर लिए हैं। इसका इस्तेमाल लद्दाख में ऊंचाई वाले इलाकों में ऑपरेशन, नेपाल में बाढ़ के दौरान मानवीय मिशन और 2023 में सूडान से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए किया गया है।
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कॉन्ट्रैक्ट के लिए कौन सी कंपनियां होड़ में हैं?
इस कॉन्ट्रैक्ट के लिए पांच भारतीय कंपनियां होड़ में हैं। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL), महिंद्रा ग्रुप, अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और रिलायंस डिफेंस । उम्मीद है कि वे इस प्रोग्राम में ग्लोबल एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरर्स को शामिल करेंगी।
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सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ने क्या बताया?
लॉकहीड मार्टिन में ग्लोबल बिजनेस डेवलपमेंट और स्ट्रैटेजी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डैन टेनी ने समाचार एजेंसी पीटीआईके एक सवाल के जवाब में कहा, 'टाटा के साथ हमारी लंबी पार्टनरशिप है, जो C-130J एयरक्राफ्ट के पार्ट्स और एम्पेनेज (एयरक्राफ्ट का पिछला हिस्सा) बनाती है। यह एक बहुत मजबूत क्षमता है जिसे हमारी मौजूदा बोली में और बढ़ाया जाएगा।'
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'हम इसे लेकर बहुत उत्साहित हैं'
उन्होंने कहा, 'हम भारत में प्रोडक्शन और अन्य चीजों के साथ उस क्षमता को बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।' टीएएसएल ने लॉकहीड मार्टिन के साथ पार्टनरशिप की है, जबकि महिंद्रा ने इस कॉन्ट्रैक्ट के लिए ब्राजील की एम्ब्रेयर के साथ हाथ मिलाया है। टेनी ने कहा, 'इसलिए हम इसे लेकर बहुत उत्साहित हैं। भारत उस एयरक्राफ्ट और उससे आगे की एडवांस्ड क्षमताओं को सक्षम करने में एक बेहतरीन पार्टनर रहा है।'
कितने एयरक्राफ्ट बनाए जाएंगे?
उन्होंने कहा कि अगर लॉकहीड मार्टिन और टीएएसएल उस बोली में सफल होते हैं, तो नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। टेनी ने कहा, 'इसलिए हम ऐसा करने की सोच रहे हैं।' लॉकहीड मार्टिन ने कहा कि उसके प्रस्ताव में 12 एयरक्राफ्ट 'फ्लाई-अवे' कंडीशन (उड़ने के लिए तैयार हालत) में और 48 भारत में बनाए जाएंगे।
कंपनी ने भारतीय वायु सेना (IAF) के मौजूदा 12 C-130J एयरक्राफ्ट के बेड़े को भी उसी एडवांस्ड कॉन्फिगरेशन में अपग्रेड करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे वायु सेना को संभावित रूप से 72 एयरक्राफ्ट का एक कॉमन बेड़ा मिल सकता है।
आईएएफ के मौजूदा C-130J बेड़े ने 58,000 से अधिक उड़ान घंटे पूरे कर लिए हैं। इसका इस्तेमाल लद्दाख में ऊंचाई वाले इलाकों में ऑपरेशन, नेपाल में बाढ़ के दौरान मानवीय मिशन और 2023 में सूडान से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए किया गया है।