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मारुति सुजुकी 2008 से बना रही है E20 ईंधन अनुकूल कारें: एमडी हिसाशी ताकेउची का बड़ा एलान
Mon, 31 Aug 2026 07:07 PM IST
Amar Sharma
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amar Sharma
Updated Mon, 31 Aug 2026 07:07 PM IST
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2008 से निर्मित उसके सभी वाहन E20 फ्यूल के अनुकूल हैं। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने सोमवार को वार्षिक आम बैठक के दौरान यह जानकारी दी।
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Maruti Suzuki Car Compatible With E20 Fuel
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
मारुति सुजुकी इंडिया (Maruti Suzuki India) की वार्षिक आम बैठक के दौरान शेयरधारकों के सवालों का जवाब देते हुए प्रबंध निदेशक और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने आश्वासन दिया कि वर्ष 2008 के बाद से निर्मित मारुति सुजुकी की सभी कारें E20 ईंधन के अनुकूल हैं।
ताकेउची ने स्पष्ट किया, "मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारे मौजूदा सभी उत्पाद E20 कंपैटिबल हैं। वास्तव में, हमने 2008 के उत्पादन वर्ष से ही इथेनॉल के साथ अपनी गाड़ियों की अनुकूलता में सुधार कर लिया था। इसलिए 2008 के बाद के हमारे सभी मॉडल्स E20 ईंधन पर आसानी से चल सकते हैं।"
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ताकेउची ने स्पष्ट किया, "मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारे मौजूदा सभी उत्पाद E20 कंपैटिबल हैं। वास्तव में, हमने 2008 के उत्पादन वर्ष से ही इथेनॉल के साथ अपनी गाड़ियों की अनुकूलता में सुधार कर लिया था। इसलिए 2008 के बाद के हमारे सभी मॉडल्स E20 ईंधन पर आसानी से चल सकते हैं।"
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मारुति सुजुकी ने अगले पांच वर्षों के लिए कितना कैपेक्स तय किया है?
कंपनी ने अपने परिचालन और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए पूंजीगत व्यय (कैपैक्स) के बजट में भारी बढ़ोतरी की है:- वार्षिक बढ़ोतरी: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कंपनी ने कैपेक्स में एक ही साल में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी की योजना बनाई है, जो पिछले साल के लगभग 10,000 करोड़ रुपये से बढ़कर इस साल 14,000 करोड़ रुपये हो जाएगा।
- 5 साल का कुल निवेश: वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2030-31 तक कंपनी ने कुल 77,500 करोड़ रुपये के कैपेक्स प्लान तैयार किया है। गौरतलब है कि पिछले साल पैरेंट कंपनी सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष तोशीहिरो सुजुकी ने अगले 5-6 वर्षों में भारत में 70,000 करोड़ रुपये के निवेश का संकेत दिया था।
R to L, Hisashi Takeuchi, MD & CEO and Partho Banerjee, SEO, with New Maruti Suzuki Dzire
- फोटो : Maruti Suzuki
इस ₹77,500 करोड़ के भारी-भरकम फंड का उपयोग किन क्षेत्रों में किया जाएगा?
निवेश की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए हिसाशी ताकेउची ने बताया कि इस पूंजी का उपयोग कंपनी के चौतरफा विस्तार के लिए किया जाएगा:- उत्पादन और आरएंडडी: मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के विस्तार, नए मॉडल्स के विकास और एडवांस्ड आरएंडडी गतिविधियों में।
- सेल्स व इंफ्रास्ट्रक्चर: प्लांट्स के आधुनिकीकरण, मार्केटिंग और सेल्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने में।
- लॉजिस्टिक्स व ग्रीन इनिशिएटिव: लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को सुदृढ़ करने और कार्बन-न्यूट्रल उपायों को लागू करने में।
कार्बन-न्यूट्रल मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी को लेकर कंपनी के क्या लक्ष्य हैं?
पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मारुति सुजुकी कार्बन-न्यूट्रल मैन्युफैक्चरिंग हासिल करने के लिए कई ठोस कदम उठा रही है:- सोलर पावर कैपेसिटी: कंपनी अपनी इन-हाउस सोलर क्षमता को FY26 के 79.1 मेगावॉट से बढ़ाकर वर्ष 2030-31 तक 211.3 मेगावॉट करेगी। इससे कंपनी की कुल बिजली आवश्यकताओं का लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा कवर होगा।
- ग्रीन बिजली की खरीद: शेष बिजली की आवश्यकता को पूरा करने के लिए कंपनी मुख्य रूप से सौर और पवन ऊर्जा के माध्यम से ग्रीन इलेक्ट्रिसिटी खरीदेगी।
- बायोमास प्लांट्स: कंपनी अपने मानेसर, खरखौदा और गुजरात के साणंद स्थित नए प्लांट में बायोमास प्लांट्स भी स्थापित करेगी।