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क्या फॉक्सवैगन ने भारत में ईवी प्रोजेक्ट के निवेश पर लगाई रोक?: जेएसडब्ल्यू के साथ साझेदारी पर टिकी निगाहें

Sat, 24 Oct 2026 11:12 AM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Sat, 24 Oct 2026 11:12 AM IST
सार
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  • जर्मन कार निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन एजी ने भारत को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है।
  • कंपनी ने भारतीय बाजार के लिए अपने इलेक्ट्रिक वाहन प्रोग्राम में होने वाले निवेश को फिलहाल रोक दिया है।

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Volkswagen Puts India EV Investment on Hold as JSW Partnership Talks Continue
Volkswagen - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

जर्मनी की दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन (Volkswagen) ने भारत में इलेक्ट्रिक कारों के अपने प्रस्तावित प्रोग्राम में आगे का निवेश फिलहाल रोक दिया है। कंपनी अरबपति उद्योगपति सज्जन जिंदल के जेएसडब्ल्यू समूह (JSW Group) के साथ संभावित साझेदारी को लेकर बातचीत कर रही है। फॉक्सवैगन तब तक इस प्रोजेक्ट पर अतिरिक्त रकम खर्च करने से बच रही है, जब तक साझेदारी और उससे जुड़ी कारोबारी योजना को लेकर अधिक स्पष्टता नहीं मिल जाती। 

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मामले से परिचित लोगों का कहना है कि, फॉक्सवैगन ने चीन के लिए शुरुआती तौर पर विकसित किए गए कम लागत वाले इलेक्ट्रिक वाहन आर्किटेक्चर के आधार पर भारत में इस प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए डिजाइन संबंधी काम पूरा कर लिया है। हालांकि, कंपनी निवेश को लेकर अंतिम फैसला लेने से पहले स्पष्ट बिजनेस प्लान का इंतजार कर रही है। इन लोगों ने सार्वजनिक रूप से बात करने की अनुमति नहीं होने के कारण अपनी पहचान जाहिर नहीं की। 

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फॉक्सवैगन समूह और जेएसडब्ल्यू समूह के प्रतिनिधियों ने इस संबंध में भेजे गए अलग-अलग सवालों का जवाब नहीं दिया। 


Volkswagen ने भारत में EV निवेश पर रोक क्यों लगाई?

  • फॉक्सवैगन का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब कंपनी वैश्विक स्तर पर लागत घटाने की रणनीति पर काम कर रही है। यूरोप में कमजोर मांग और चीनी वाहन निर्माताओं से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी अपने खर्च को लेकर अधिक सतर्क रुख अपना रही है।
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  • फॉक्सवैगन ने निवेश में लगभग 15 फीसदी कटौती करने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही कंपनी ने लागत कम करने के व्यापक प्रयासों के तहत हजारों कर्मचारियों की नौकरियां खत्म करने की योजनाएं भी पेश की हैं। 
  • ब्लूमबर्ग न्यूज की पहले की रिपोर्ट के मुताबिक, फॉक्सवैगन ने भारत में इलेक्ट्रिक कारों के विकास की लागत एक-तिहाई कम करने का फैसला पिछले साल ही कर लिया था। उस समय कंपनी स्थानीय साझेदार की तलाश कर रही थी। अब अतिरिक्त निवेश को धीमा करने से भारत में इलेक्ट्रिक कार बाजार में प्रतिस्पर्धी बनने की उसकी योजना में देरी हो सकती है।


JSW Group के साथ Volkswagen की साझेदारी में क्या योजना है?

  • फॉक्सवैगन और जेएसडब्ल्यू ग्रुप ने पिछले महीने घोषणा की थी कि वे भारत में यात्री वाहनों के विकास, निर्माण और मार्केटिंग के लिए संभावित संयुक्त उद्यम की संभावनाएं तलाश रहे हैं। इस पहल में भारत के बाजार के साथ निर्यात के लिए वाहन तैयार करने की योजना भी शामिल है। 
  • प्रस्तावित सहयोग के दायरे में इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) वाले वाहन, बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (BEV), प्लग-इन हाइब्रिड और हाइब्रिड मॉडल शामिल हैं। हालांकि, साझेदारी की अंतिम संरचना और निवेश से जुड़ी विस्तृत योजना पर अभी स्पष्टता का इंतजार है। 
  • फॉक्सवैगन का लक्ष्य भारत के बड़े और तेजी से बढ़ते कार बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करना है। फिलहाल देश में कंपनी की हिस्सेदारी सीमित है और उसकी अधिकांश मौजूदगी स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया प्रा. लिमिटेड (Skoda Auto Volkswagen India Pvt. Ltd.) के माध्यम से है।


भारत में फॉक्सवैगन की इलेक्ट्रिक कारों की योजना क्या है?

  • फॉक्सवैगन समूह फिलहाल भारत में अपने फॉक्सवैगन और स्कोडा (Skoda) ब्रांडों के तहत कोई बैटरी इलेक्ट्रिक कार नहीं बेचता। इसके उलट, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और जेएसडब्ल्यू की साझेदार SAIC मोटर (SAIC Motor) की एमजी (MG) ब्रांड जैसी कंपनियां इलेक्ट्रिक कार बाजार में अपनी जगह मजबूत करने में जुटी हैं। 
  • विदेशी वाहन निर्माता विनफास्ट (VinFast), टेस्ला (Tesla) और बीवाईडी (BYD) भी भारतीय ईवी बाजार में हिस्सेदारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। 
  • फॉक्सवैगन के लिए भारत में स्थानीय साझेदार के साथ काम करना लागत घटाने और अपनी इलेक्ट्रिक कारों को प्रतिस्पर्धी कीमत पर पेश करने की दिशा में अहम हो सकता है। कंपनी करीब दो साल से ऐसे भारतीय साझेदार की तलाश कर रही है, जिसके साथ विकास लागत साझा की जा सके। इससे पहले महिंद्रा के साथ बातचीत सफल नहीं हो पाई थी। 


Volkswagen की CMP 21 EV तकनीक भारत में कैसे इस्तेमाल हो सकती है?

  • मामले से परिचित लोगों के मुताबिक, Volkswagen भारत में अपने CMP 21 इलेक्ट्रिक वाहन आर्किटेक्चर के एक संस्करण को लाने पर विचार कर रही है। यह आर्किटेक्चर कम लागत वाले इलेक्ट्रिक वाहन विकसित करने की योजना का हिस्सा हो सकता है।
  • हालांकि, भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धी कीमत हासिल करने के लिए कंपनी को स्थानीय स्तर पर अधिक कंपोनेंट्स की सोर्सिंग करनी होगी और वाहनों का निर्माण भारत में ही करना होगा। इससे लागत कम करने में मदद मिल सकती है।
  • फिलहाल, इस आर्किटेक्चर पर आधारित किसी भारतीय मॉडल की लॉन्च टाइमलाइन या अंतिम उत्पादन योजना की पुष्टि नहीं हुई है। आगे की प्रगति संभावित साझेदारी और स्पष्ट कारोबारी योजना पर निर्भर करेगी।


भारत में इलेक्ट्रिक कारों की मांग कितनी तेजी से बढ़ रही है?

  • भारत का इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल बाजार अभी अपेक्षाकृत छोटा है, लेकिन किफायती मॉडल की उपलब्धता बढ़ने से बिक्री तेजी से आगे बढ़ रही है।
  • भारत के वाहन पंजीकरण डेटाबेस के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों की बिक्री पिछले साल के इसी महीने की तुलना में लगभग दोगुनी होकर 35,000 यूनिट से अधिक पहुंच गई।
  • बाजार में बढ़ती मांग फॉक्सवैगन जैसी कंपनियों के लिए अवसर पेश करती है। हालांकि, स्थानीय उत्पादन, प्रतिस्पर्धी कीमतों और निवेश संबंधी फैसलों के बीच संतुलन बनाना कंपनी के लिए अहम होगा। जेएसडब्ल्यू समूह के साथ संभावित साझेदारी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है, लेकिन भारत में फॉक्सवैगन की ईवी योजना को आगे बढ़ाने के लिए अभी कारोबारी स्पष्टता जरूरी है।
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