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बिहार: गंडक नदी का जलस्तर बढ़ा, फिलहाल बड़ा खतरा टला; अगले 48 घंटे अहम, लगातार हो रही निगरानी
Thu, 27 Aug 2026 10:57 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Thu, 27 Aug 2026 10:57 AM IST
Bihar Flood Alert: नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार में जारी अलर्ट के बीच मुजफ्फरपुर में गंडक नदी के जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर रख रहा है। वाल्मीकिनगर गंडक बराज से पानी के डिस्चार्ज में रात के बाद कमी आई है। रेवा घाट पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। हालांकि अगले 48 घंटे संवेदनशील माने जा रहे हैं और तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी व रात्रि पेट्रोलिंग जारी है।
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बिहार में बाढ़ के हालात
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बिहार के कई जिलों में जारी अलर्ट के बीच फिलहाल बड़ा खतरा टल गया है। हालांकि अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील माने जा रहे हैं। इसे देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मुजफ्फरपुर के अलावा वैशाली, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और सारण के कुछ हिस्से गंडक नदी से प्रभावित होते हैं।
वाल्मीकिनगर गंडक बराज से छोड़े जाने वाले पानी के डिस्चार्ज में रात करीब एक बजे के बाद लगातार कमी आई। सुबह करीब आठ बजे 93 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। पश्चिम चंपारण में प्रवेश करने के बाद गंडक नदी का पानी अन्य जिलों से होते हुए वैशाली और सारण की सीमा के पास सोनपुर के समीप गंगा नदी में मिलता है।
रात में तेजी से घटा बराज से पानी का डिस्चार्ज
राज्य के जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रात 12 बजे वाल्मीकिनगर बराज से 1,50,200 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा था। इसके बाद इसमें लगातार कमी आई। रात तीन बजे यह 88,300 क्यूसेक, सुबह चार बजे 81,400 क्यूसेक और 4:30 बजे 79,700 क्यूसेक पर पहुंच गया। इसके बाद सुबह 5:30 बजे से डिस्चार्ज में फिर वृद्धि दर्ज की गई। छह बजे 88,300 क्यूसेक, सात बजे 92,900 क्यूसेक और सुबह आठ बजे तक 93,000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया।
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बीते 12 घंटे में गिरावट से फिलहाल राहत
मुजफ्फरपुर जिले में भी गंडक नदी के जलस्तर में फिलहाल गिरावट दर्ज की गई है। रेवा घाट पर गंडक नदी का खतरे का निशान 54 मीटर है, जबकि वर्तमान जलस्तर करीब 53.02 मीटर दर्ज किया गया है।
आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गंडक क्षेत्र के प्रखंडों में लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। संवेदनशील तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी के साथ रात में पेट्रोलिंग की व्यवस्था भी की गई है।
तीन प्रखंडों में प्रशासन की विशेष नजर
गंडक से प्रभावित होने वाले साहेबगंज, पारू और सरैया प्रखंडों में प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। संबंधित पंचायतों में माइकिंग कर लोगों को अलर्ट रहने की अपील की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर राहत और बचाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम कुमार गौरव हालात की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और संबंधित एसडीएम तथा अंचल अधिकारियों से लगातार जानकारी ले रहे हैं। संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
कंट्रोल रूम एक्टिव, तटबंधों पर रात-दिन पेट्रोलिंग
संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन विभाग का कंट्रोल रूम सक्रिय रखा है। यहां से लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है। तटबंधों और कटाव वाले इलाकों में निगरानी के साथ रात्रि पेट्रोलिंग भी जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग ले रहा सभी जिलों से रिपोर्ट
नेपाल और तिब्बत सीमा के पास आई बाढ़ के बाद बिहार को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बिहार में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग के आला अधिकारी तिरहुत प्रमंडल के सभी जिलों के जिलाधिकारियों से तैयारियों और मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट ले रहे हैं।
माइकिंग कर लोगों से अपील, पैनिक होने की जरूरत नहीं
बाढ़ और कटाव की आशंका वाले क्षेत्रों में जिला प्रशासन की ओर से लगातार माइकिंग कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। निचले इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों से किसी तरह की अफवाह या पैनिक से बचने और जरूरत पड़ने पर जारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की अपील की है।
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वाल्मीकिनगर गंडक बराज से छोड़े जाने वाले पानी के डिस्चार्ज में रात करीब एक बजे के बाद लगातार कमी आई। सुबह करीब आठ बजे 93 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। पश्चिम चंपारण में प्रवेश करने के बाद गंडक नदी का पानी अन्य जिलों से होते हुए वैशाली और सारण की सीमा के पास सोनपुर के समीप गंगा नदी में मिलता है।
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रात में तेजी से घटा बराज से पानी का डिस्चार्ज
राज्य के जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रात 12 बजे वाल्मीकिनगर बराज से 1,50,200 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा था। इसके बाद इसमें लगातार कमी आई। रात तीन बजे यह 88,300 क्यूसेक, सुबह चार बजे 81,400 क्यूसेक और 4:30 बजे 79,700 क्यूसेक पर पहुंच गया। इसके बाद सुबह 5:30 बजे से डिस्चार्ज में फिर वृद्धि दर्ज की गई। छह बजे 88,300 क्यूसेक, सात बजे 92,900 क्यूसेक और सुबह आठ बजे तक 93,000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया।
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बीते 12 घंटे में गिरावट से फिलहाल राहत
मुजफ्फरपुर जिले में भी गंडक नदी के जलस्तर में फिलहाल गिरावट दर्ज की गई है। रेवा घाट पर गंडक नदी का खतरे का निशान 54 मीटर है, जबकि वर्तमान जलस्तर करीब 53.02 मीटर दर्ज किया गया है।
आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गंडक क्षेत्र के प्रखंडों में लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। संवेदनशील तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी के साथ रात में पेट्रोलिंग की व्यवस्था भी की गई है।
तीन प्रखंडों में प्रशासन की विशेष नजर
गंडक से प्रभावित होने वाले साहेबगंज, पारू और सरैया प्रखंडों में प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। संबंधित पंचायतों में माइकिंग कर लोगों को अलर्ट रहने की अपील की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर राहत और बचाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम कुमार गौरव हालात की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और संबंधित एसडीएम तथा अंचल अधिकारियों से लगातार जानकारी ले रहे हैं। संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
कंट्रोल रूम एक्टिव, तटबंधों पर रात-दिन पेट्रोलिंग
संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन विभाग का कंट्रोल रूम सक्रिय रखा है। यहां से लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है। तटबंधों और कटाव वाले इलाकों में निगरानी के साथ रात्रि पेट्रोलिंग भी जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग ले रहा सभी जिलों से रिपोर्ट
नेपाल और तिब्बत सीमा के पास आई बाढ़ के बाद बिहार को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बिहार में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग के आला अधिकारी तिरहुत प्रमंडल के सभी जिलों के जिलाधिकारियों से तैयारियों और मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट ले रहे हैं।
माइकिंग कर लोगों से अपील, पैनिक होने की जरूरत नहीं
बाढ़ और कटाव की आशंका वाले क्षेत्रों में जिला प्रशासन की ओर से लगातार माइकिंग कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। निचले इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों से किसी तरह की अफवाह या पैनिक से बचने और जरूरत पड़ने पर जारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की अपील की है।