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जमुई नाबालिग प्रकरण: तस्वीर शेयर करने पर सीएमओ के स्टेनो पर एफआईआर, पॉक्सो समेत इन धाराओं में केस
Fri, 25 Sep 2026 09:44 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Fri, 25 Sep 2026 09:44 PM IST
जमुई की नाबालिग पीड़िता और उसके परिजनों की तस्वीर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने के मामले में पटना के सचिवालय थाना में सीएमओ के आशुलिपिक सागर प्रसाद समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में बीएनएस, पॉस्को एक्ट और आईटी एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं।
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प्राथमिकी की कॉपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार के जमुई में नाबालिग लड़की और उसके साथी के साथ हुई छेड़छाड़ व मारपीट की घटना की पीड़िता और उसके परिजनों की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर सार्वजनिक करने के मामले में बड़ी कानूनी कार्रवाई हुई है। इस संबंध में पटना के सचिवालय थाना में मुख्यमंत्री कार्यालय के एक कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
25 सितंबर को सोशल मीडिया पर डाली गई तस्वीर
प्राथमिकी के अनुसार, 19 सितंबर 2026 को जमुई जिले में एक नाबालिग लड़की और उसके साथी के साथ छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार और मारपीट की घटना सामने आई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर कानूनी कार्रवाई की जा रही थी। इसी बीच 25 सितंबर 2026 को पीड़िता और उसके परिजनों की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपलोड कर दी गई। इसके बाद तस्वीर अन्य सोशल मीडिया मंचों पर भी तेजी से वायरल होने लगी।
पीड़िता की पहचान उजागर करने का आरोप
तस्वीर सार्वजनिक होने से पीड़िता की पहचान उजागर होने का आरोप है। प्राथमिकी में इसे उसकी निजता और गरिमा के हनन के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन बताया गया है।
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सीएमओ के आशुलिपिक पर लगा आरोप
मामले के सत्यापन के दौरान पुलिस के अनुसार, संवेदनशील तस्वीर मुख्यमंत्री कार्यालय के आशुलिपिक सागर प्रसाद द्वारा 'X' प्लेटफॉर्म पर अपलोड की गई थी। इसके बाद सचिवालय थाने में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक अमिता कुमारी के आवेदन के आधार पर सचिवालय थाना कांड संख्या 200/26 दर्ज किया गया।
BNS, POCSO और IT Act की धाराओं में केस
प्राथमिकी आरोपी सागर प्रसाद सहित पोस्ट को वायरल करने वाले अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 73, पॉक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 23 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66(ई) और 67 के तहत दर्ज की गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सचिवालय थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर सीमा कुमारी को सौंपी गई है। पुलिस अब तस्वीर को सोशल मीडिया पर अपलोड करने और आगे प्रसारित करने से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
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25 सितंबर को सोशल मीडिया पर डाली गई तस्वीर
प्राथमिकी के अनुसार, 19 सितंबर 2026 को जमुई जिले में एक नाबालिग लड़की और उसके साथी के साथ छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार और मारपीट की घटना सामने आई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर कानूनी कार्रवाई की जा रही थी। इसी बीच 25 सितंबर 2026 को पीड़िता और उसके परिजनों की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपलोड कर दी गई। इसके बाद तस्वीर अन्य सोशल मीडिया मंचों पर भी तेजी से वायरल होने लगी।
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पीड़िता की पहचान उजागर करने का आरोप
तस्वीर सार्वजनिक होने से पीड़िता की पहचान उजागर होने का आरोप है। प्राथमिकी में इसे उसकी निजता और गरिमा के हनन के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन बताया गया है।
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सीएमओ के आशुलिपिक पर लगा आरोप
मामले के सत्यापन के दौरान पुलिस के अनुसार, संवेदनशील तस्वीर मुख्यमंत्री कार्यालय के आशुलिपिक सागर प्रसाद द्वारा 'X' प्लेटफॉर्म पर अपलोड की गई थी। इसके बाद सचिवालय थाने में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक अमिता कुमारी के आवेदन के आधार पर सचिवालय थाना कांड संख्या 200/26 दर्ज किया गया।
BNS, POCSO और IT Act की धाराओं में केस
प्राथमिकी आरोपी सागर प्रसाद सहित पोस्ट को वायरल करने वाले अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 73, पॉक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 23 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66(ई) और 67 के तहत दर्ज की गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सचिवालय थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर सीमा कुमारी को सौंपी गई है। पुलिस अब तस्वीर को सोशल मीडिया पर अपलोड करने और आगे प्रसारित करने से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।