फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   madhepura singheshwar temple sawan last monday crowd devotees injured jalabhishek

Bihar: सिंहेश्वर मंदिर में ‘भगदड़’ की खबर पर प्रशासन का बड़ा बयान, डीएम बोले- न टूटी बैरिकेडिंग, न मची भगदड़

Mon, 24 Aug 2026 10:01 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मधेपुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मधेपुरा Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Mon, 24 Aug 2026 10:01 AM IST
सार
Register For Event

सावन की अंतिम सोमवारी पर मधेपुरा के सिंहेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ी भीड़ को लेकर जिलाधिकारी अभिषेक रंजन और एसपी संदीप सिंह ने स्थिति स्पष्ट की है। डीएम ने कहा कि मंदिर परिसर में भगदड़ जैसी कोई स्थिति नहीं बनी और लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग भी नहीं टूटी।

विज्ञापन
madhepura singheshwar temple sawan last monday crowd devotees injured jalabhishek
लोगों को लेकर जाते हुए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सावन की अंतिम सोमवारी पर मधेपुरा के प्रसिद्ध सिंहेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ी भीड़ को लेकर सामने आई भगदड़ और बैरिकेडिंग टूटने की खबरों पर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। मधेपुरा के जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने कहा कि मंदिर परिसर में भगदड़ जैसी कोई स्थिति नहीं बनी और न ही लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग कहीं से टूटी है। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर निर्धारित एसओपी के तहत मुख्य गेट को बीच-बीच में बंद कर भीड़ को व्यवस्थित किया गया। मंदिर के बाहर पर्याप्त जगह होने के कारण श्रद्धालुओं को वहां फैलाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया।

विज्ञापन


डीएम ने बताया कि भीड़ के बीच कुछ श्रद्धालु डिहाइड्रेशन के कारण अस्वस्थ हुए, जिन्हें मंदिर परिसर में बनाए गए मेडिकल कैंप में उपचार दिया गया। इसके अलावा सीढ़ी से पैर फिसलने और बैरिकेडिंग में पैर फंसने के कारण एक-दो श्रद्धालुओं को हल्की चोट लगी। उनका भी मौके पर इलाज कराया गया।

विज्ञापन

डीएम बोले- नहीं टूटी लोहे की बैरिकेडिंग

जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने स्पष्ट किया कि मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाई गई लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि बैरिकेडिंग कहीं से नहीं टूटी है। भीड़ बढ़ने की स्थिति में प्रशासन ने निर्धारित एसओपी के अनुसार मुख्य प्रवेश द्वार को कुछ समय के लिए बंद किया और श्रद्धालुओं को कतार में व्यवस्थित किया। उन्होंने बताया कि प्रशासन की टीम लगातार स्थिति पर नजर रख रही थी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए व्यवस्था संभाली गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

एसपी बोले- न बैरिकेडिंग टूटी, न भगदड़ मची

मधेपुरा के एसपी संदीप सिंह ने भी स्पष्ट किया कि मंदिर परिसर में न तो बैरिकेडिंग टूटी और न ही भगदड़ मची। उन्होंने मीडिया, न्यूज पोर्टल और यूट्यूबर्स से अपील की कि किसी भी खबर को प्रसारित करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें और बिना सत्यापन भ्रामक खबरें प्रसारित न करें। एसपी ने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर मुख्य गेट को बंद किया जाता है और लोगों को क्यू में व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाता है। इसी व्यवस्था के तहत अंतिम सोमवारी पर भीड़ को नियंत्रित किया गया।

महिला के सिर में मामूली चोट, पुलिसकर्मी को आई मोच

एसपी संदीप सिंह ने बताया कि भीड़ के दौरान एक महिला के फिसलने से उसके सिर में सतही चोट आई थी। उसका उपचार कराया गया। इसके अलावा ड्यूटी के दौरान एक पुलिसकर्मी के पैर में मोच आ गई, जिसके बाद उसे भी इलाज के लिए भेजा गया।
प्रशासन के अनुसार, घटना में किसी बड़े हादसे की स्थिति नहीं बनी और श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से जलाभिषेक कराने की व्यवस्था जारी रही।

तीन साल से एसओपी के तहत हैं मेडिकल और सुरक्षा इंतजाम

एसपी ने बताया कि सिंहेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल कैंप की व्यवस्था पिछले तीन वर्षों से निर्धारित एसओपी के तहत की जा रही है। अंतिम सोमवारी पर भी इन सभी व्यवस्थाओं को सक्रिय रखा गया था।
उन्होंने बताया कि मेडिकल कैंप में अस्वस्थ होने वाले श्रद्धालुओं को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया। प्रशासन और पुलिस की टीम लगातार मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भीड़ की स्थिति पर नजर रखती रही।

प्रशासन ने आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की

जिलाधिकारी और एसपी ने श्रद्धालुओं और आम लोगों से अपील की है कि सिंहेश्वर मंदिर की व्यवस्था या किसी घटना से जुड़ी जानकारी के लिए केवल प्रशासन और पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।


अधिकारियों ने कहा कि बिना पुष्टि के किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाने से लोगों में अनावश्यक भ्रम और परेशानी पैदा हो सकती है। प्रशासन का कहना है कि अंतिम सोमवारी पर बढ़ी भीड़ को निर्धारित एसओपी के अनुसार नियंत्रित किया गया और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed