बिहार: 16 साल पुराने दुष्कर्म-हत्याकांड में पांच दोषियों को उम्रकैद, प्रत्येक पर 50 हजार रुपये जुर्माना
बेगूसराय की अदालत ने वर्ष 2010 के दुष्कर्म और हत्या मामले में पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। सभी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अभियोजन पक्ष ने मुकदमे में 14 गवाहों की गवाही कराई।
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बेगूसराय जिले में करीब 16 साल पुराने दुष्कर्म और हत्या के मामले में अदालत ने पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम संजय कुमार की अदालत ने चेरियाबरियारपुर थाना कांड संख्या 07/2010 की सुनवाई पूरी करने के बाद यह फैसला सुनाया। अदालत ने सभी पांच दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सजा पाने वालों में चेरियाबरियारपुर थाना क्षेत्र के एकंबा निवासी मोहम्मद ईशा, मोहम्मद अख्तर, मोहम्मद शकील, मोहम्मद समसे और मोहम्मद मजलिस शामिल हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक बहोर दास ने मामले में कुल 14 गवाहों की गवाही कराई। अभियोजन के अनुसार, गवाहों की गवाही और अनुसंधान के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपितों की संलिप्तता साबित हुई।
ट्यूशन के बाद खेत की ओर गई थी किशोरी, सुबह मिला शव
मामला 4 फरवरी 2010 का है। अभियोजन के मुताबिक, सूचिका की बेटी ट्यूशन पढ़ने के बाद शाम करीब 5:30 बजे शौच के लिए खेत की ओर गई थी। इसी दौरान उसकी मां नमाज पढ़ने चली गईं। नमाज पढ़कर घर लौटने पर उन्हें बेटी नहीं मिली। शुरुआत में उन्होंने सोचा कि बेटी आसपास कहीं गई होगी। इसी उम्मीद में वह सो गईं।
अगली सुबह तक किशोरी घर नहीं लौटी तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। बाद में उसका शव एक खेत में अर्द्धनग्न अवस्था में मिला। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
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प्राथमिकी में नहीं था किसी आरोपित का नाम
मामले में एक अहम तथ्य यह रहा कि सूचिका ने प्राथमिकी में किसी भी आरोपित का नाम नहीं दिया था। हालांकि, पुलिस अनुसंधान के दौरान पांचों आरोपितों की संलिप्तता सामने आने की बात अभियोजन पक्ष ने अदालत में रखी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने 14 गवाहों की गवाही कराई।
सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने पांचों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। फरवरी 2010 में हुई इस घटना के मामले में करीब 16 साल बाद आए फैसले से मुकदमे की लंबी न्यायिक प्रक्रिया पूरी हुई।