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बिहार: अंतरजातीय प्रेम विवाह से नाराज पिता ने जिंदा बेटी का बनाया पुतला, अर्थी निकालकर किया दाह संस्कार

Tue, 15 Sep 2026 05:19 PM IST
पूर्णिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया Published by: पूर्णिया ब्यूरो Updated Tue, 15 Sep 2026 05:19 PM IST
सार
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पूर्णिया के चपय गांव में अंतरजातीय प्रेम विवाह से नाराज पिता ने अपनी बेटी से रिश्ता खत्म करने का एलान करते हुए उसके पुतले की अर्थी निकाली और दाह संस्कार की रस्म निभाई। ढोल-बाजे के साथ निकाली गई पुतले की अर्थी और ग्रामीणों की मौजूदगी में हुई इस रस्म की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है।

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Bihar Father Performs Alive Daughter Last Rites After She Marries Against His Will
जिंदे में शव यात्री निकालते परिजन दाह संस्कार करते परिजन - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पूर्णिया जिले में एक अजीबोगरीब और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। अंतरजातीय प्रेम विवाह से आहत एक पिता ने अपनी जीवित बेटी का पुतला बनाकर उसकी बाकायदा अर्थी निकाली और पूरे विधि-विधान के साथ उसका दाह संस्कार कर दिया। घटना जिले के नगर प्रखंड अंतर्गत गंगेली पंचायत के चपय गांव की है। इस अनोखे और कड़े कदम की पूरे क्षेत्र में जमकर चर्चा हो रही है।
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प्रेम विवाह के बाद परिवार से नाराजगी
स्थानीय लोगों के अनुसार, केनगर के चपय गांव निवासी मनोज गोस्वामी की पुत्री रिया कुमारी का गांव के ही दिलीप पासवान के पुत्र मिलन पासवान से लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। प्रेम प्रसंग की जानकारी गांव वालों को भी थी। दोनों के परिवार नाराज थे, जिसके कारण दोनों ने भागकर शादी कर ली थी। चूंकि मामला अंतरजातीय विवाह का था, इसलिए लड़की का परिवार इस शादी के सख्त खिलाफ था। बेटी के इस फैसले से परिवार के लोग काफी आहत और आक्रोशित थे।
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बेटी का पुतला बनाकर निकाली अर्थी
बेटी के इस कदम से दुखी पिता मनोज गोस्वामी ने समाज और ग्रामीणों की मौजूदगी में बेटी से हमेशा के लिए रिश्ता खत्म करने का ऐलान कर दिया। उन्होंने जीवित बेटी का एक पुतला बनवाया और ढोल-बाजे के बीच उसकी अर्थी निकालकर पूरे गांव में परिभ्रमण कराया। इसके बाद गांव के बाहर पुतले को मुखाग्नि देकर दाह संस्कार की रस्म निभाई गई। पिता ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने खून-पसीने की कमाई से बेटी को पढ़ाया-लिखाया था, लेकिन उसके इस कदम से परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा मिट्टी में मिल गई। इसलिए अब उनके लिए बेटी मर चुकी है।
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ग्रामीण भी रहे मौजूद
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान गांव के कई लोग मौके पर मौजूद रहे। दाह संस्कार के समय राधेश्याम गोस्वामी, शशिधर गिरी, अनिल गोस्वामी, डब्लू यादव, नवीन गोस्वामी, राजाराम गोस्वामी और बिशन देव यादव सहित कई ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। फिलहाल, यह घटना पूरे इलाके में कौतूहल और चर्चा का विषय बनी हुई है।
 
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