फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   raghopur vaishali boat accident 13 children dead dilapidated makeshift boat administrative negligence

बिहार न्यूज: पहले शिकायतें अनसुनी, फिर 13 मौतें… राघोपुर में जुगाड़ की नाव ने उजागर की लापरवाही

Wed, 14 Oct 2026 11:50 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वैशाली Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Wed, 14 Oct 2026 11:50 AM IST
सार
Register For Event

वैशाली जिले के राघोपुर स्थित रामपुर श्यामचंद पंचायत में नाव हादसे में 13 मासूमों की मौत के बाद प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब तीन साल पहले बाढ़ के दौरान मुखिया के सौजन्य से उपलब्ध कराई गई जुगाड़ की नाव जर्जर हो चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद उसका इस्तेमाल जारी था।

विज्ञापन
raghopur vaishali boat accident 13 children dead dilapidated makeshift boat administrative negligence
राघोपुर हादसे ने खोली सिस्टम की पोल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वैशाली जिले के रामपुर श्यामचंद पंचायत में 13 मासूमों की मौत के बाद प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस जुगाड़ की नाव को जर्जर होने के कारण इस्तेमाल से बाहर कर देना चाहिए था, उसी नाव से ग्रामीण ढाब पार कर रहे थे। आरोप है कि करीब तीन साल पहले बाढ़ के दौरान अंचल प्रशासन की ओर से स्थानीय मुखिया के सौजन्य से ग्रामीणों को यह नाव उपलब्ध कराई गई थी। समय के साथ नाव पूरी तरह क्षतिग्रस्त और जर्जर हो गई, लेकिन न तो उसकी मरम्मत कराई गई और न ही उसे हटाने की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने कई बार अंचल अधिकारी से इसकी शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार, इसी नाव से करीब 100 मीटर का रास्ता पार कर भोज खाने जा रहे लोगों के साथ मंगलवार रात दर्दनाक हादसा हो गया। बीच ढाब में नाव पलट गई और 13 मासूमों की जान चली गई।

विज्ञापन

तीन साल से चल रही थी जर्जर नाव, शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

ग्रामीणों के मुताबिक, बाढ़ के समय आने-जाने और जरूरत के कामों के लिए नाव उपलब्ध कराई गई थी। शुरुआत में इसका इस्तेमाल बाढ़ के दौरान किया जाता था, लेकिन करीब तीन साल में नाव की हालत बेहद खराब हो गई। इसके बावजूद ग्रामीण उसी नाव के सहारे ढाब के उस पार आते-जाते रहे।

विज्ञापन

आरोप है कि नाव की जर्जर हालत की जानकारी स्थानीय प्रशासन को थी। ग्रामीणों ने कई बार अंचल अधिकारी से इसकी शिकायत की थी, लेकिन न तो नाव की मरम्मत कराई गई और न ही उसे इस्तेमाल से हटाने की पहल हुई। अब हादसे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि जब नाव इतनी खराब हालत में थी, तो उसे चलने क्यों दिया गया? समय रहते कार्रवाई होती तो क्या 13 मासूमों की जान बचाई जा सकती थी?

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

raghopur vaishali boat accident 13 children dead dilapidated makeshift boat administrative negligence
अस्पताल में लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
अंधेरे में मोबाइल की रोशनी से चला बचाव अभियान

घटनास्थल पर घना अंधेरा होने के कारण बचाव कार्य में काफी परेशानी हुई। ग्रामीण मोबाइल और टॉर्च की रोशनी के सहारे पानी में उतरे और डूबे बच्चों को बाहर निकालने लगे। हादसे की भयावहता के बीच स्थानीय युवकों ने बच्चों को पानी से निकालकर कंधों पर उठाया और खटिया पर लादकर सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद बच्चों को आनन-फानन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राघोपुर फतेहपुर ले जाया गया। इस दौरान पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। ग्रामीणों ने सीमित संसाधनों और अंधेरे के बावजूद बच्चों को बचाने की पूरी कोशिश की।

अस्पताल पहुंचीं डीएम वर्षा सिंह, परिजनों को गले लगाकर रो पड़ीं

हादसे में 13 मासूमों की मौत के बाद जब जिलाधिकारी वर्षा सिंह अस्पताल पहुंचीं, तो वहां का मंजर देखकर वह खुद को रोक नहीं पाईं। वह मृत बच्चों के परिजनों से मिलीं और उन्हें गले लगाकर रोने लगीं। डीएम को इस तरह भावुक देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। एक तरफ परिवार अपने बच्चों को खोने के गम में डूबे थे, तो दूसरी तरफ पूरे गांव में मातम पसरा था। जिस भोज में शामिल होने के लिए बच्चे और ग्रामीण निकले थे, वह सफर कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया।

raghopur vaishali boat accident 13 children dead dilapidated makeshift boat administrative negligence
शोकाकुल परिजन - फोटो : अमर उजाला
हादसे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश, अंचल अधिकारी पर कार्रवाई की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि जर्जर नाव की शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने समय रहते कोई कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। इस हादसे ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की आवाजाही के लिए इस्तेमाल होने वाले साधनों की सुरक्षा और प्रशासन की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह जांच का विषय है कि नाव की वास्तविक स्थिति क्या थी, शिकायतों के बावजूद उसे इस्तेमाल से बाहर क्यों नहीं किया गया और हादसे को रोकने के लिए समय रहते कदम क्यों नहीं उठाए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed