फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   saran-teacher-mlc-election-18-candidates-11-get-below-10-first-preference-votes

सारण शिक्षक एमएलसी चुनाव: 10 प्रस्तावकों के समर्थन से नामांकन, फिर भी कई प्रत्याशियों को मिले बेहद कम वोट

Thu, 29 Oct 2026 06:29 PM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा Published by: सारण ब्यूरो Updated Thu, 29 Oct 2026 06:29 PM IST
सार
Register For Event

सारण शिक्षक एमएलसी चुनाव के नतीजों में दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। चुनाव मैदान में उतरे 18 उम्मीदवारों में से 11 को पहली वरीयता के 10 से भी कम वोट मिले, जबकि चार प्रत्याशियों को एक भी मत नहीं मिला।

विज्ञापन
saran-teacher-mlc-election-18-candidates-11-get-below-10-first-preference-votes
18 उम्मीदवारों में से 11 को पहली वरीयता के 10 से भी कम वोट मिले। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार विधान परिषद के सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणाम में एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। मंगलवार देर रात तक घोषित नतीजों में निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. राहुल राज ने जीत दर्ज कर सबका ध्यान खींचा। वहीं, पहली वरीयता के मतों की गिनती में कई अन्य प्रत्याशियों को बेहद कम वोट मिले। आंकड़ों के अनुसार, चुनाव मैदान में उतरे 18 उम्मीदवारों में से 11 प्रत्याशी दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके, जबकि चार उम्मीदवारों को पहली वरीयता का एक भी मत नहीं मिला।

विज्ञापन

10 प्रस्तावकों के समर्थन से होता है नामांकन
विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में उम्मीदवारों के नामांकन के लिए निर्धारित नियमों के तहत कम से कम 10 प्रस्तावकों की आवश्यकता होती है। ये प्रस्तावक संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता होने चाहिए। ऐसे में नामांकन के समय उम्मीदवार के समर्थन में कम से कम 10 मतदाताओं का प्रस्तावक बनना जरूरी होता है।

विज्ञापन

हालांकि, नामांकन के दौरान किसी उम्मीदवार के प्रस्तावक बनने का यह अर्थ नहीं है कि वे मतदान के समय भी उसी उम्मीदवार को पहली वरीयता देंगे। मतदान गुप्त होता है और मतदाता अपनी पसंद के अनुसार किसी भी प्रत्याशी को वरीयता दे सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

पहली वरीयता के मतों में चौंकाने वाले आंकड़े
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 18 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। पहली वरीयता के मतों की गिनती के बाद सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, 11 प्रत्याशियों को 10 से कम वोट मिले। वहीं, चार उम्मीदवार ऐसे रहे, जिन्हें पहली वरीयता का एक भी मत नहीं मिला। इन आंकड़ों ने चुनाव में उम्मीदवारों के समर्थन और उनकी वास्तविक चुनावी स्थिति को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। नामांकन के समय प्रस्तावकों का समर्थन हासिल करने वाले कुछ प्रत्याशियों को मतदान में बेहद कम मत मिलना चुनावी प्रक्रिया का एक उल्लेखनीय पहलू रहा।

प्रस्तावक और पहली वरीयता के वोट का क्या है संबंध?
चुनाव में किसी उम्मीदवार के प्रस्तावक बनने और उसे पहली वरीयता का मत देने के बीच सीधा संबंध मानना सही नहीं होगा। प्रस्तावक नामांकन प्रक्रिया में उम्मीदवार का समर्थन करता है, लेकिन मतदान के दौरान उसका मत किस प्रत्याशी को गया, इसकी जानकारी गुप्त मतदान के कारण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं होती।



ये भी पढ़ें- स्नातक एमएलसी चुनाव: वाराणसी में सपा के आशुतोष सिन्हा के सिर सजा जीत का ताज, कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल

इसलिए किसी उम्मीदवार को शून्य या बेहद कम प्रथम वरीयता के मत मिलने से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि उसके प्रस्तावकों ने उसे वोट नहीं दिया। हालांकि, चुनाव परिणाम के ये आंकड़े उम्मीदवारों को मिले वास्तविक प्रथम वरीयता के समर्थन की तस्वीर जरूर सामने रखते हैं। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणाम में डॉ. राहुल राज की जीत के साथ-साथ कम मत पाने वाले प्रत्याशियों के आंकड़े भी चर्चा का विषय बने हुए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed