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म्यूचुअल फंड में बढ़ा निवेश: स्मॉलकैप-मिडकैप बने पसंद, लार्जकैप से निकला पैसा; क्या है निवेशकों की नई पसंद?

Fri, 11 Sep 2026 06:21 AM IST
निर्मल कांत बोनस डेस्क, नई दिल्ली।
बोनस डेस्क, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 11 Sep 2026 06:21 AM IST
सार
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शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद अगस्त में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश बढ़ा है। स्मॉलकैप और मिडकैप फंड निवेशकों की पहली पसंद बने रहे, जबकि लार्जकैप से लगातार दूसरे महीने पैसा निकला। सोना और मल्टी-एसेट फंड भी आकर्षण का केंद्र रहे, क्या निवेशकों की रणनीति बदल रही है? पढ़िए रिपोर्ट

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इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश - फोटो : amarujala.com

विस्तार

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों का रुझान एक बार फिर इक्विटी म्यूचुअल फंड्स की ओर तेजी से बढ़ा है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में इक्विटी म्यूचुअल फंड में 18.7 फीसदी निवेश बढ़ा, जिसमें मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स ने निवेशकों का मजबूत आकर्षण बनाए रखा। लार्ज-कैप फंड्स में लगातार दूसरे महीने शुद्ध निकासी देखी गई, जबकि गोल्ड ईटीएफ के प्रवाह में तेज उछाल दर्ज हुआ। मल्टी-एसेट फंड भी निवेशकों के बीच लोकप्रिय बने रहे।
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स्मॉल कैप फंड्स मुख्य मार्केट कैप श्रेणियों में सबसे आगे रहे, जिनमें अगस्त में 7,973.33 करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि जुलाई में यह 7,767.50 करोड़ रुपये था। इसके बाद मिड-कैप फंड्स रहे, जिनका निवेश पिछले महीने के 6,192.31 करोड़ रुपये से बढ़कर 6,989.40 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। लार्ज और मिड-कैप फंड्स ने 3,872.79 करोड़ रुपये जुटाए, जबकि फ्लेक्सी-कैप फंड्स को 5,059.42 करोड़ रुपये का निवेश मिला। इन श्रेणियों में यह मजबूत निवेश निरंतर एसआईपी भागीदारी के साथ आया।
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मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड बने डाइवर्सिफिकेशन का जरिया : मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड्स ने निवेशकों का महत्वपूर्ण रुझान बनाए रखा और अगस्त में 3,670.97 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हासिल किया। यह जुलाई के 3,753.38 करोड़ रुपये की तुलना में मामूली कम था। अगस्त में व्यापक हाइब्रिड श्रेणी को कुल 10,045.34 करोड़ रुपये मिले। इसमें आर्बिट्राज फंड्स की हिस्सेदारी 3,789.02 करोड़ रुपये की रही, जबकि बैलेंस्ड एडवांटेज फंड्स से 227.90 करोड़ रुपये की निकासी हुई।
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लार्जकैप फंड्स लाल निशान में : लार्ज-कैप फंड उन कुछ प्रमुख इक्विटी श्रेणियों में शामिल रहे, जहां अगस्त में शुद्ध निकासी देखी गई। इस श्रेणी से 1,147.36 करोड़ रुपये की निकासी हुई, हालांकि यह जुलाई में हुई 1,321.69 करोड़ रुपये की निकासी से कुछ कम थी। यह लार्ज-कैप फंडों से शुद्ध निकासी का लगातार दूसरा महीना रहा।
-अगस्त के अंत में इस श्रेणी का कुल एयूएम 4.14 लाख करोड़ रुपये रहा, जो जुलाई में 4.16 लाख करोड़ था।

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गोल्ड ईटीएफ में ऊंची छलांग : गोल्ड ईटीएफ में अगस्त के दौरान 2,596.70 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया, जो जुलाई के 1,558.75 करोड़ रुपये से काफी अधिक है।


इनकी प्रबंधन अधीन परिसंपत्ति भी 1.73 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.91 लाख करोड़ रुपये हो गया। महीने के दौरान सिल्वर ईटीएफ ने भी 1,270.63 करोड़ रुपये जुटाए। 

इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश 4 माह के उच्च पर
इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं में अगस्त में 29,329 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया। यह चार महीने में सबसे अधिक है। जुलाई में 24,697 करोड़ रुपये का निवेश आया था। इस लिहाज से अगस्त में निवेश करीब 19% अधिक रहा। म्यूचुअल फंड उद्योग की प्रबंधनाधीन संपत्ति अगस्त के अंत में बढ़कर 87.07 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो जुलाई में 85.75 लाख करोड़ रुपये थी।
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