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जीडीपी को 84 अरब डॉलर तक बढ़ा सकता है एआई: ट्रेनिंग में भारत दुनिया से आगे, रिपोर्ट में और क्या खुलासे?
Thu, 05 Nov 2026 03:53 AM IST
देवेश त्रिपाठी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Thu, 05 Nov 2026 03:53 AM IST
कॉग्निजेंट इंडिया के एक अध्ययन के मुताबिक, भारत में एआई के व्यापक इस्तेमाल से जीडीपी में सालाना 28 से 84 अरब डॉलर तक की बढ़ोतरी हो सकती है। सर्वे में शामिल 97 प्रतिशत कर्मचारियों ने एआई टूल्स से उत्पादकता बढ़ने की बात कही, जबकि औसतन 15 प्रतिशत सुधार दर्ज किया गया।
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एआई के इस्तेमाल से भारत को होगा बड़ा आर्थिक फायदा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
भारत में एआई के बड़े स्तर पर इस्तेमाल से ना सिर्फ उत्पादकता बढ़ेगी, बल्कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में भी हर साल 28 से 84 अरब डॉलर तक का इजाफा हो सकता है। आईटी सेवा कंपनी कॉग्निजेंट इंडिया ने एक अध्ययन में यह दावा किया है।
कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वे में शामिल 97% कर्मचारियों ने एआई टूल्स के इस्तेमाल से उत्पादकता में सुधार की बात स्वीकार की है, जिसमें औसतन 15% की वृद्धि दर्ज की गई। लेकिन चिंता की बात यह है कि एआई टूल्स की उपलब्धता मात्र 36 फीसदी कर्मचारियों के पास ही है।
भारत की जीडीपी में कैसे होगी बढ़ोतरी?
यह अध्ययन 10 उद्योगों के 700 एंटरप्राइज कर्मचारियों और 75 वरिष्ठ अधिकारियों के बयानों पर आधारित है। अध्ययन के अनुसार, एआई से होने वाला आर्थिक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि व्यवसाय कितने बड़े स्तर पर एआई को अपनाते हैं और कर्मचारियों की उत्पादकता में हुआ सुधार मापे जाने योग्य आर्थिक उत्पादन में परिवर्तित होता है या नहीं।
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कॉग्निजेंट इंडिया के मुताबिक, यदि एआई को पूरे कार्यबल में अपना लिया जाए और सभी उत्पादकता लाभ सीधे आर्थिक उत्पादन में योगदान दें, तो भारत की जीडीपी में सालाना 83 अरब डॉलर तक का सैद्धांतिक लाभ हो सकता है। हालांकि, कॉग्निजेंट ने स्पष्ट किया है कि यह आंकड़ा पूर्वानुमान नहीं है। कंपनी के अध्यक्ष राजेश वॅरियर ने कहा, एआई की वास्तविक क्षमता हासिल करने के लिए कंपनियों को इसके व्यापक इस्तेमाल, निरंतर कौशल विकास पर जोर देना होगा। एजेंसी
एआई ट्रेनिंग में भारत आगे
कॉग्निजेंट इंडिया के अध्ययन में कर्मचारियों की दक्षता और टूल्स की उपलब्धता में बड़ा अंतर देखा गया है। भारत में सर्वेक्षण में शामिल 74% कर्मचारियों ने एआई प्रशिक्षण पूरा कर लिया है, जो वैश्विक औसत (56%) से काफी अधिक है। इसके बावजूद, व्यावसायिक नेताओं का अनुमान है कि वर्तमान में केवल 36% कर्मचारियों के पास ही वास्तव में एआई टूल्स तक पहुंच उपलब्ध है।
किस सेक्टर को कितना लाभ?
उत्पादकता बढ़ी, वित्तीय रिटर्न मिलना बाकी
अध्ययन में यह बात सामने आई है कि कर्मचारियों की बढ़ी हुई उत्पादकता अभी तक अधिकांश कंपनियों के लिए सीधे वित्तीय रिटर्न में नहीं बदल पाई है। जहां 35% अधिकारियों ने वर्कफोर्स की उत्पादकता में सुधार की बात मानी, वहीं 84% नेताओं ने कहा कि एआई से लागत में कोई कमी नहीं आई है और 91% ने स्वीकारा कि इसका राजस्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
निवेश पर रिटर्न स्पष्ट न होने के कारण 37% कंपनियों ने अपने एआई पहलों को रोक दिया है। कंपनी के अनुसार, एआई से आर्थिक लाभ पाने के लिए कर्मचारियों को टूल्स की व्यापक पहुंच व प्रशिक्षण जरूरी है।
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कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वे में शामिल 97% कर्मचारियों ने एआई टूल्स के इस्तेमाल से उत्पादकता में सुधार की बात स्वीकार की है, जिसमें औसतन 15% की वृद्धि दर्ज की गई। लेकिन चिंता की बात यह है कि एआई टूल्स की उपलब्धता मात्र 36 फीसदी कर्मचारियों के पास ही है।
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भारत की जीडीपी में कैसे होगी बढ़ोतरी?
यह अध्ययन 10 उद्योगों के 700 एंटरप्राइज कर्मचारियों और 75 वरिष्ठ अधिकारियों के बयानों पर आधारित है। अध्ययन के अनुसार, एआई से होने वाला आर्थिक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि व्यवसाय कितने बड़े स्तर पर एआई को अपनाते हैं और कर्मचारियों की उत्पादकता में हुआ सुधार मापे जाने योग्य आर्थिक उत्पादन में परिवर्तित होता है या नहीं।
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कॉग्निजेंट इंडिया के मुताबिक, यदि एआई को पूरे कार्यबल में अपना लिया जाए और सभी उत्पादकता लाभ सीधे आर्थिक उत्पादन में योगदान दें, तो भारत की जीडीपी में सालाना 83 अरब डॉलर तक का सैद्धांतिक लाभ हो सकता है। हालांकि, कॉग्निजेंट ने स्पष्ट किया है कि यह आंकड़ा पूर्वानुमान नहीं है। कंपनी के अध्यक्ष राजेश वॅरियर ने कहा, एआई की वास्तविक क्षमता हासिल करने के लिए कंपनियों को इसके व्यापक इस्तेमाल, निरंतर कौशल विकास पर जोर देना होगा। एजेंसी
एआई ट्रेनिंग में भारत आगे
कॉग्निजेंट इंडिया के अध्ययन में कर्मचारियों की दक्षता और टूल्स की उपलब्धता में बड़ा अंतर देखा गया है। भारत में सर्वेक्षण में शामिल 74% कर्मचारियों ने एआई प्रशिक्षण पूरा कर लिया है, जो वैश्विक औसत (56%) से काफी अधिक है। इसके बावजूद, व्यावसायिक नेताओं का अनुमान है कि वर्तमान में केवल 36% कर्मचारियों के पास ही वास्तव में एआई टूल्स तक पहुंच उपलब्ध है।
किस सेक्टर को कितना लाभ?
|
उद्योग |
उत्पादन वृद्धि |
|---|---|
|
मैन्युफैक्चरिंग |
82% |
|
हेल्थकेयर |
38% |
|
कम्युनिकेशंस |
31% |
|
टेक्नोलॉजी |
28% |
|
बैंकिंग |
28% |
|
रिटेल-एफएमसीजी |
18% |
उत्पादकता बढ़ी, वित्तीय रिटर्न मिलना बाकी
अध्ययन में यह बात सामने आई है कि कर्मचारियों की बढ़ी हुई उत्पादकता अभी तक अधिकांश कंपनियों के लिए सीधे वित्तीय रिटर्न में नहीं बदल पाई है। जहां 35% अधिकारियों ने वर्कफोर्स की उत्पादकता में सुधार की बात मानी, वहीं 84% नेताओं ने कहा कि एआई से लागत में कोई कमी नहीं आई है और 91% ने स्वीकारा कि इसका राजस्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
निवेश पर रिटर्न स्पष्ट न होने के कारण 37% कंपनियों ने अपने एआई पहलों को रोक दिया है। कंपनी के अनुसार, एआई से आर्थिक लाभ पाने के लिए कर्मचारियों को टूल्स की व्यापक पहुंच व प्रशिक्षण जरूरी है।