सरकार का फैसला: त्योहारी सीजन में अतिरिक्त चीनी बेचेंगी मिलें, क्या कीमतों पर लगेगी लगाम?
केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को अक्तूबर में उत्पादित चीनी अक्तूबर और नवंबर 2026 में बेचने की अनुमति दी है। यह मासिक कोटे से अतिरिक्त होगी, जिससे त्योहारी सीजन में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित होगी और कीमतें नियंत्रण में रहेंगी।
विस्तार
केंद्र सरकार ने त्योहारी सीजन में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने चीनी मिलों को अक्तूबर 2026 में उत्पादित चीनी को अक्तूबर और नवंबर 2026 के दौरान बेचने की अनुमति दी है। यह बिक्री उनके नियमित मासिक कोटे के अतिरिक्त होगी। खाद्य मंत्रालय ने इस संबंध में सभी मिलों को एक निर्देश जारी किया है।
मंत्रालय के निर्देशानुसार, यदि कोई चीनी मिल अक्तूबर में 1,000 टन चीनी का उत्पादन करती है, तो वह इस पूरी मात्रा को अक्तूबर या नवंबर में बेच सकती है। यह विशेष छूट घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से दी गई है। खाद्य मंत्रालय हर पखवाड़े घरेलू बाजार में बिक्री के लिए चीनी की मात्रा आवंटित करता है। अक्तूबर के पहले पखवाड़े के लिए 13 लाख टन चीनी आवंटित की गई थी। वहीं, अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े के लिए 14 लाख टन का कोटा तय किया गया है।
सरकार के इस फैसले का मुख्य मकसद क्या है?
सरकार का यह कदम त्योहारी सीजन के दौरान चीनी की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उठाया गया है। इस निर्णय से बाजार में चीनी की आपूर्ति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे चीनी की थोक और खुदरा कीमतों को नियंत्रण में रखने में मदद मिलेगी। ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (एआईएसटीए) के अध्यक्ष प्रफुल विठलानी ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम त्योहारी सीजन में घरेलू बाजार की आपूर्ति को काफी बढ़ाएगा।
क्या चीनी की उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतें नियंत्रित रहेंगी?
प्रफुल विठलानी ने यह भी बताया कि देश की कई चीनी मिलों ने इस सप्ताह गन्ने की पेराई शुरू कर दी है। यह निर्धारित समय से लगभग एक महीने पहले का कदम है। बाजार में चीनी की अधिक आवक से पूरे देश में इसकी आरामदायक उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और चीनी की कीमतें स्थिर बनी रहेंगी। यह निर्णय देश भर के ग्राहकों के लिए फायदेमंद साबित होगा।