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Bilaspur: नेशनल हाइवे-49 बनेगा फोरलेन, बिलासपुर-रायगढ़-ओडिशा कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार, होंगे ये फायदें
Fri, 20 Mar 2026 03:53 PM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Fri, 20 Mar 2026 03:53 PM IST
Bilaspur National Highway-49: छत्तीसगढ़ के दूसरे सबसे बड़े शहर बिलासपुर के लिये खुशखबरी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
विस्तार
Bilaspur National Highway-49: छत्तीसगढ़ के दूसरे सबसे बड़े शहर बिलासपुर के लिये खुशखबरी है। नगर के लिये बेहद महत्वपूर्ण नेशनल हाइवे एनएच-49 के बाकी हिस्से को फोरलेन बनाने के लिये पहल शुरू हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक मार्ग को उन्नत करने के लिए शहर के अकलतरा के तरौद चौक से रायगढ़ होते हुए ओडिशा सीमा तक फोरलेन मार्ग निर्माण की योजना बनाई है।
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इस प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए मंत्रालय ने इंडियन टेक्नो कंपनी को वर्क ऑर्डर दिया है। कंपनी ने भी तकनीकी सर्वे और डिजाइनिंग का कार्य शुरू कर दिया है। डीपीआर फाइनल होने के बाद निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
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155 किलोमीटर की परियोजना को मंजूरी
राज्य सरकार ने ने 155 किलोमीटर लंबी इस परियोजना को मंजूरी दे दी है। इसमें तरौद चौक अकलतरा से रायगढ़ तक 115 किलोमीटर और रायगढ़ से ओडिशा सीमा तक 40 किलोमीटर का हिस्सा शामिल है। परियोजना की अनुमानित लागत 1200 से 1500 करोड़ रुपये आंकी गई है।
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अंतरराज्यीय व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
बता दें कि यह मार्ग औद्योगिक शहर रायगढ़ को ओडिशा से जोड़ेगा। फोरलेन बनने के बाद अंतरराज्यीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी फायदा होगा। वहीं परिवहन लागत में कमी आने से यह मार्ग क्षेत्रीय आर्थिक विकास का प्रमुख आधार सिद्द होगा। वर्तमान में इस मार्ग पर टू-लेन सड़क होने की वजह से भारी वाहनों का अधिक दबाव रहता है। इस वजह से अक्सर जाम की स्थिति देखने को मिलती है, लेकिन फोरलेन बनने के बाद यातायात बेहतर होगा। वहीं यात्री कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
सबसे बड़ी और खास बात ये है कि इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सड़क किनारे विकसित होने वाली सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देंगी। यह प्रोजेक्ट केवल यातायात सुधार ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। नई सड़क को आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के अनुसार डिजाइन किया जा रहा है। दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित कर उन्हें खत्म किया जाएगा। साथ ही डिवाइडर, संकेतक और बेहतर लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी, जिससे यात्रा सुरक्षित और आरामदायक बन सके।
डीपीआर पर काम शुरू
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता रविन्द्र खाम्बरा ने बताया कि तरौद चौक से ओडिशा सीमा तक फोरलेन सड़क के लिए डीपीआर बनाने का काम चल रहा है। आईटीएल कंपनी को सर्वे की जिम्मेदारी दी गई है। परियोजना से क्षेत्र की बेहतर कनेक्टिविटी होगी।