ED Raid: धमतरी में ईडी-ईओडब्ल्यू का छापा; भारतमाला परियोजना से जुड़े ठेकेदार दीपेश गांधी के यहां दबिश
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घर पर पहुंचकर टीम दस्तावेज और कागजातों की जांच पड़ताल कर रही है। टीम के साथ फोर्स के जवान भी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई कथित भारतमाला परियोजना से संबंधित बताई जा रही है। हालांकि ईडी और ईओडब्ल्यू ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
फिलहाल दस्तावेज और कागजों की जांच पड़ताल चल रही है। इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। जांच के बाद ही टीम इस मामले में बयान जारी करेगी।
बताया जाता है कि सुबह ईडी की टीम करीब तीन गाड़ियों में सवार होकर आमापारा वार्ड के एक घर में पहुंची। भारतमाला परियोजना के तहत यह छापा मारा गया है। धमतरी शहर सहित आमापारा वार्ड में उस वक्त हड़कम मच गया जब ईडी की टीम पहुंचने की सूचना लोगों को मिली। आमापारा वार्ड निवासी ठेकेदार दीपेश गांधी के घर ईडी की टीम तीन कार में सवार होकर सुरक्षा बलों के साथ पहुंची और अहम दस्तावेज खंगालने में जुटी रही।
मिली जानकारी के अनुसार, दीपेश का संबंध अभनपुर के कारोबारी नीरज गांधी के परिवार से है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है यह छापा भारतमाला परियोजना से जुड़े मामले हो सकता है। हालांकि टीम के पहुंचने के समय दीपेश शहर से बाहर बताए गए, जिसके चलते अधिकारियों की उनसे सीधी मुलाकात नहीं हो पाई है। फिलहाल ईडी की टीम अभी भी अपने कार्रवाई में जुटी हुई है।
रायपुर समेत पांच जिलों में छापेमारी
ईडी ने प्रदेश के पांच जिलों में छापेमारी की है। इनमें रायपुर, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग और अंबिकापुर शामिल है। डीएमएफ घोटाले से जुड़े कारोबारियों के यहां छापेमारी की गई है। ईडी की टीम ने रायपुर के वल्लभनगर के कारोबारी शाश्वत लुणावत, सरगुजा में कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश गुप्ता और धमतरी में दीपेश गांधी के फर्म पर दविश दी और कागजातों की जांच पड़ताल की।