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चित्रकोट समेत प्रमुख पर्यटन स्थलों में मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं: बनेंगे 15 मिनी सर्किट हाउस, जानें प्लान
Wed, 14 Oct 2026 07:29 AM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Wed, 14 Oct 2026 07:29 AM IST
छत्तीसगढ़ प्रमुख पर्यटन स्थलों पर विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। देश का नियाग्रा कहे जाने वाला चित्रकोट जलप्रपात, तिब्बतियों का गढ़ मैनपाट, सिरपुर सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों का कायाकल्प किया जायेगा। जल्द ही इन स्थलों पर आधुनिक सुविधायें मिलेंगी। मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के तहत पहले चरण में चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सिरपुर, हसदेव बांगो जलाशय और राजिम को विकसित किया जायेगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala Digital
विस्तार
छत्तीसगढ़ प्रमुख पर्यटन स्थलों पर विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। देश का नियाग्रा कहे जाने वाला चित्रकोट जलप्रपात, तिब्बतियों का गढ़ मैनपाट, सिरपुर सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों का कायाकल्प किया जायेगा। जल्द ही इन स्थलों पर आधुनिक सुविधायें मिलेंगी। मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के तहत पहले चरण में चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सिरपुर, हसदेव बांगो जलाशय और राजिम को विकसित किया जायेगा। इस संबंध में सीएम मुख्यमंत्री साय ने महानदी भवन मंत्रालय में पर्यटन विभाग की हाई लेवल समीक्षा बैठक में कार्य योजना पर बैठक ली।
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इसके साथ ही मायाली-बगीचा, चंपारण, सतरेंगा, तीरथगढ़, देवरानी-जेठानी, कबीर चबूतरा, केंदई, महामाया और चिल्फी घाटी सहित अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में भी सुविधाओं का विस्तार किया जायेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पर्यटन का विकास केवल किसी स्थान के सौंदर्यीकरण या अधोसंरचना निर्माण तक सीमित न रहे बल्कि इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलें। पर्यटन स्थलों के आसपास रहने वाले युवाओं, महिलाओं, हस्तशिल्पियों, कलाकारों और छोटे व्यवसायियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर पैदा हों। स्थानीय खानपान, हस्तशिल्प, लोककला और संस्कृति को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़कर आय के साधन बढ़ाये जायें।
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एक हजार करोड़ की कार्ययोजना
बैठक में पर्यटन विभाग के सचिव ने मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के तैयार मिशन के तहत पर्यटन विकास के लिए 500 करोड़ रुपए की मूल मिशन निधि प्रस्तावित की गई है। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी), कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर), केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और विभागीय अभिसरण के माध्यम से एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि जुटाने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
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मिलेंगी ये सुविधायें
इन स्थलों में बेहतर सड़क संपर्क, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, सुव्यवस्थित पार्किंग, पर्यटक सहायता केंद्र, डिजिटल सूचना प्रणाली, प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा जैसी आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ विकसित किया जाएगा। पर्यटन स्थलों की विशिष्टता को ध्यान में रखते हुए उनके विकास में स्थानीय वास्तुकला, संस्कृति और प्राकृतिक परिवेश के संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।
खुलेंगे रोजगार के अवसर
एक हजार नए पर्यटन उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही 250 महिला स्व-सहायता समूहों को पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की योजना है। इसके अतिरिक्त 600 आतिथ्य एवं पर्यटक सहायता कर्मियों तथा 500 टूर गाइड और फ्रंटलाइन कर्मियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य तय किया गया है। ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, पारंपरिक हस्तशिल्प, लोककला, पर्यटन मार्गदर्शन, परिवहन और अन्य सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे पर्यटन से होने वाली आय का बड़ा हिस्सा स्थानीय अर्थव्यवस्था में पहुंचेगा और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर मिलेंगे।
चार प्रमुख और 15 मिनी पर्यटन सर्किट होंगे विकसित
मिशन के अंतर्गत चार प्रमुख पर्यटन सर्किट और 15 मिनी पर्यटन सर्किट विकसित करने की योजना है। प्रमुख पर्यटन मार्गों पर लगभग 15 से 20 वे-साइड सुविधाएं तथा करीब 500 पर्यटन संकेतक स्थापित किए जाएंगे। इससे पर्यटकों को पर्यटन स्थलों तक पहुंचने और अपनी यात्रा को सुविधाजनक तरीके से नियोजित करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन सर्किट तैयार करते समय प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक, पुरातात्विक और जनजातीय पर्यटन स्थलों को इस तरह जोड़ा जाए कि पर्यटक एक ही यात्रा में छत्तीसगढ़ की विविधता का व्यापक अनुभव प्राप्त कर सकें।