राजस्थान: नागौर में पटाखों के गोदाम में भीषण धमाका, दो लोगों की मौत; 2 किमी दूर तक सुनाई दी आवाज
राजस्थान के नागौर जिले के बड़ली इलाके में गुरुवार को पटाखों के गोदाम में जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।
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राजस्थान के नागौर जिले के बड़ली इलाके में गुरुवार सुबह पटाखों के गोदाम में हुए भीषण विस्फोट में दो युवकों की मौत हो गई। दोनों मृतक आपस में चचेरे भाई थे और नागौर शहर के बाजरवाड़ा इलाके के रहने वाले थे। धमाका इतना जोरदार था कि गोदाम की छत उड़ गई और आसपास के मकानों की दीवारों में दरारें आ गईं। घटनास्थल से करीब 100 फीट दूर खड़ी बस के शीशे तक टूट गए। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी के कारण विस्फोट होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि धमाके की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
शॉर्ट सर्किट की चिंगारी से धमाके की आशंका
नागौर के सीओ जतिन जैन के अनुसार, पटाखों के गोदाम की फैक्ट्री के खुले आंगन में बिजली का पोल भी लगा हुआ है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट होने से निकली चिंगारी के कारण विस्फोट हुआ होगा। हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।
FSL टीम ने जुटाए पोटेशियम नाइट्रेट और केमिकल के नमूने
धमाके की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने गोदाम से अलग-अलग केमिकल और पोटेशियम नाइट्रेट के नमूने एकत्र किए, ताकि विस्फोट के कारणों का पता लगाया जा सके। धमाका इतना भीषण था कि दोनों मृतकों के शरीर के हिस्से दूर तक बिखर गए। FSL टीम ने गोदाम में तलाशी अभियान चलाकर शवों के टुकड़ों को भी एकत्र किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शरीर के हिस्से करीब 15 फीट दूर तक जा गिरे थे।
बस के शीशे टूटे, मकानों की दीवारों में आई दरारें
विस्फोट का असर गोदाम के आसपास के इलाके में भी देखने को मिला। घटनास्थल से करीब 100 फीट दूर खड़ी एक बस के शीशे टूट गए, जबकि आसपास के मकानों की दीवारों में दरारें आ गईं। गोदाम की छत की पट्टियां भी धमाके के कारण नीचे गिर गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट की आवाज करीब आधा किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए।
गोदाम में रखा था पटाखों का स्टॉक, लाइसेंस की जांच
जानकारी के मुताबिक, गोदाम के एक हिस्से में तैयार पटाखों का स्टॉक रखा हुआ था। गोदाम मालिक के पास पटाखों के भंडारण का स्थायी लाइसेंस होने की बात सामने आई है। हालांकि, लाइसेंस के तहत कितनी मात्रा में पटाखे रखने की अनुमति थी और घटनास्थल पर वास्तव में कितने पटाखे व पोटेशियम नाइट्रेट रखे गए थे, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। प्रशासन अब लाइसेंस और गोदाम में रखे विस्फोटक पदार्थों की मात्रा की जांच कर रहा है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि भंडारण के लिए तय नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
भीड़ हटाने के दौरान पथराव, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
हादसे के बाद गुरुवार सुबह करीब 11:15 बजे गोदाम के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। पुलिस ने भीड़ को घटनास्थल से हटाने की कोशिश की तो कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। मामले में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर जांच और राहत कार्य में जुटी हैं। FSL की रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही विस्फोट की असली वजह और गोदाम में रखे पटाखों के स्टॉक से जुड़ी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।