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राज और नीति : दिल्ली में बढ़ता मध्य प्रदेश का रुतबा

Fri, 21 Aug 2026 06:01 AM IST
Suresh Tiwari सुरेश तिवारी
Updated Fri, 21 Aug 2026 06:01 AM IST
सार
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भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में मध्य प्रदेश से जुड़े आठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। लाल सिंह आर्य, गजेंद्र पटेल, कविता पाटीदार, वीडी शर्मा, बंशीलाल गुर्जर और अन्य नेताओं को अहम पद मिले हैं। प्रशासनिक स्तर पर दीप्ति गौड़ मुखर्जी को उच्च शिक्षा सचिव और अनुराग जैन को नीति आयोग का सीईओ बनाया गया है।

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Politics and Policy: Madhya Pradesh's growing status in Delhi
राज और नीति : मप्र में सियासी और प्रशासनिक हलचल बताता कॉलम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश की राजधानी दिल्ली में हाल ही में राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से अहम बदलाव हुए। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई टीम में मध्य प्रदेश से जुड़े आठ लोगों को शामिल कर मध्य प्रदेश के महत्व को काफी बढ़ाया है। इन आठ लोगों में लाल सिंह आर्य को उपाध्यक्ष, गजेंद्र पटेल को महामंत्री, कविता पाटीदार को मंत्री, वीडी शर्मा को प्रकोष्ठ संकुल संयोजक, बंशीलाल गुर्जर को किसान मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष और आशीष उषा अग्रवाल को राष्ट्रीय मीडिया सह संयोजक नियुक्त किया है। इसके अलावा दो अन्य नेता मध्य प्रदेश से जुड़े हुए हैं जिन्हें नितिन ने अपनी राष्ट्रीय टीम में शामिल किया है। ये हैं- तरुण चुघ राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी-(वैसे वे पंजाब के हैं लेकिन इस समय मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं) और इंदौर के प्रदीप भंडारी, जिन्हें राष्ट्रीय मीडिया सह संयोजक बनाया गया है। इसी तरह, प्रशासनिक तौर पर भी केंद्र में मध्य प्रदेश का रुतबा बढ़ा है। नीट परीक्षा के विवाद के बाद देश में सबकी नजर है उच्च शिक्षा विभाग पर है और इस विभाग का दायित्व मध्य प्रदेश कैडर की 1993 बैच की आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को सौंपा गया है। उन्हें इस विभाग का सचिव बनाया गया है। मध्य प्रदेश कैडर में 1989 बैच के आईएएस अधिकारी पूर्व मुख्य सचिव अनुराग जैन को भी हाल ही में नीति आयोग का सीईओ बनाया गया है। 
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रिटायरमेंट के बाद एक साथ दो जवाबदारी  
मध्य प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास में शायद यह पहला मामला होगा जब एक पूर्व आईएएस अधिकारी को रिटायरमेंट के बाद दो महत्वपूर्ण जवाबदारी एक साथ मिल रही है। हम बात कर रहे हैं 2007 बैच के आईएएस अधिकारी संजय गुप्ता की, वे वर्तमान में कोऑपरेटिव ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष हैं और उन्हें बने हुए अभी कोई तीन-चार महीने ही हुए हैं। उन्हें अब राज्य सरकार ने एमपी रेरा का मेंबर भी बना दिया है। ऐसे में उनके सामने यह प्रश्न खड़ा हुआ है कि वे वर्तमान पद पर ही बने रहें या रेरा के मेंबर बनें। दोनों ही पद में शर्त यही है कि वे 65 वर्ष तक ही इस पद पर बने रहेंगे। पता चला है कि मुख्यमंत्री ने संजय गुप्ता की कार्य प्रणाली से प्रभावित होकर उन्हें रेरा का मेंबर बनाया है। माना जा रहा है कि वे शायद यहां ज्यादा उपयोगी सिद्ध होंगे। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि संजय गुप्ता कॉपरेटिव ट्रिब्यूनल में बने रहते हैं या रेरा के सदस्य के रूप में ज्वाइन करते हैं।  वैसे रेरा के नव नियुक्त अध्यक्ष पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शैलेंद्र सिंह और अपील प्राधिकरण के प्रशासनिक सदस्य पूर्व आईएएस अधिकारी रविंद्र सिंह ने रेरा में पदभार ग्रहण कर लिया है, लेकिन अभी संजय गुप्ता ने पदभार ग्रहण नहीं किया है।  
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भोपाल की बढ़ती साख 
भारतीय विदेश सेवा में 1993 बैच के अधिकारी सोमेंदु बागची को हाल ही में केंद्र सरकार ने स्विट्जरलैंड में भारत का एंबेसडर नियुक्त किया है। बागची मध्य प्रदेश से जुड़े हैं। उनके पिता स्वर्गीय बीके बागची मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के जाने-माने अधिकारी रह चुके हैं। 1992 बैच के आईएएस अधिकारी संजय जाजू वर्तमान में तेलंगाना के मुख्य सचिव हैं। यहीं के प्रभाकर राघवन वर्तमान में गूगल के उपाध्यक्ष हैं और आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन, प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव परशुराम, ब्रिगेडियर सोमेश सेठ, भेल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रदीप उपाध्याय भी भोपाल में पढ़े हैं।
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रीवा कलेक्टर ने प्रस्तुत की नई मिसाल
रीवा जिले के कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई मिसाल प्रस्तुत की। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय में स्वयं ध्वजारोहण करने के बजाय अपने स्टेनो से यह राष्ट्रीय कार्य करवाया। कलेक्टर सूर्यवंशी का मानना है कि गर्व के इन क्षणों का मौका सभी को मिलना चाहिए। 2012 बैच के आईएएस अधिकारी नरेंद्र सूर्यवंशी की इस पहल की चौतरफा सराहना हो रही है।

अफसरों के दो गुटों में बंटने की चर्चा 
भोपाल स्थित वन भवन में पहली बार इस बात की बड़ी चर्चा है कि यहां के अफसर दो गुटों में बंटे नजर आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों गुटों की टी-पार्टी अलग-अलग होने लगी है। देखना होगा कि आगामी दिनों में यह गुटबाजी बढ़ती है या फिर मेल मिलाप होता है। 

अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।  
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