{"_id":"6aaa70369d6a6156d8008323","slug":"yuvraj-singh-urges-india-to-avoid-massive-changes-ahead-of-2027-odi-world-cup-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्या 2027 विश्वकप से पहले टीम इंडिया में होंगे बड़े बदलाव?: युवराज की चयनकर्ताओं को खास सलाह, जानें क्या कहा","category":{"title":"Cricket","title_hn":"क्रिकेट","slug":"cricket"}}
क्या 2027 विश्वकप से पहले टीम इंडिया में होंगे बड़े बदलाव?: युवराज की चयनकर्ताओं को खास सलाह, जानें क्या कहा
Wed, 16 Sep 2026 04:02 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Wed, 16 Sep 2026 04:02 PM IST
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह ने 2027 वनडे विश्व कप से पहले टीम में बड़े बदलाव नहीं करने की सलाह दी है। उनका मानना है कि अभी से खिलाड़ियों के समूह पर भरोसा कर उन्हें पर्याप्त मैच खेलने का मौका देना चाहिए। उन्होंने परिस्थितियों के अनुसार सही संयोजन और मैच विजेताओं को टीम में रखने पर जोर दिया।
विज्ञापन
युवराज सिंह
- फोटो : ANI
विस्तार
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह ने 2027 वनडे विश्व कप को लेकर भारतीय टीम को एक अहम सलाह दी है। उनका मानना है कि विश्व कप में सफलता हासिल करने के लिए भारत को अभी से अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम तैयार करनी चाहिए और फिर उस टीम के खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखना चाहिए। उन्होंने आखिरी समय में बड़े बदलाव करने से बचने की बात कही है।
भारत के 2027 वनडे विश्व कप का सफर 27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू होने वाली तीन मैचों की घरेलू वनडे सीरीज से होगा। ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने कई सवाल हैं। इनमें पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के अंतरराष्ट्रीय भविष्य का सवाल भी शामिल है। दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विश्व कप को देखते हुए तेज गेंदबाजी ऑलराउंडरों पर भी ध्यान है और चोटों से जूझ रहे हार्दिक पांड्या को लेकर चर्चा हो रही है।
'आखिरी समय में बड़े बदलाव नहीं करने चाहिए'
युवराज ने टीम के खिलाड़ियों को पर्याप्त मैच खेलने का मौका देने पर जोर दिया। उनका मानना है कि अगले एक साल में खिलाड़ियों को साथ खेलने का पर्याप्त अवसर मिलना जरूरी है, क्योंकि टी20 क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव के बीच वनडे मैचों की संख्या कम हुई है। उन्होंने क्रिकइंफो से कहा, 'उन्हें एक साल बाद होने वाले विश्व कप के लिए अभी से उसी टीम को तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि आप आखिरी समय में बड़े बदलाव नहीं करना चाहते। आपके खिलाड़ी चाहे 16 हों या 20, यह महत्वपूर्ण है कि सभी को मैच खेलने का समय मिले। अब जाहिर तौर पर टी20 ज्यादा और 50 ओवर के मैच कम हैं। जितने भी मैच हैं, उनमें खिलाड़ियों को विश्व कप की तैयारी के लिए पर्याप्त मैच खेलने का मौका मिलना जरूरी है।' युवराज ने अपने अनुभव के आधार पर कहा कि भारत को आखिरी समय में बदलाव करने से नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, 'हर बार भारत तब लड़खड़ाया है, जब उसने आखिरी समय में या टूर्नामेंट के दौरान बड़े बदलाव किए हैं। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम उस टीम के साथ बने रहें, जिसके बारे में हमें विश्वास है कि वह 2027 विश्व कप जीत सकती है। उस समय तक उन खिलाड़ियों का साथ देना चाहिए, चाहे वे सफल हों या असफल। टीम पर भरोसा बहुत महत्वपूर्ण है।'
टीम चयन में कई सवाल, रोहित और हार्दिक पर नजर
27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू होने वाली वनडे सीरीज भारतीय टीम के लिए विश्व कप की लंबी तैयारी का शुरुआती चरण होगी। चयनकर्ताओं के सामने टीम संयोजन को लेकर कई सवाल हैं। पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का अंतरराष्ट्रीय भविष्य इनमें प्रमुख सवाल है। वहीं, विश्व कप दक्षिण अफ्रीका में खेला जाना है, इसलिए तेज गेंदबाजी ऑलराउंडरों की भूमिका पर भी ध्यान दिया जा रहा है। चोटों से प्रभावित हार्दिक पांड्या भी इसी चर्चा के केंद्र में हैं।
भारत सीमित ओवरों की क्रिकेट में ऑलराउंडरों को टीम में जगह देकर बल्लेबाजी में गहराई बढ़ाने पर भी जोर देता रहा है। हालांकि युवराज ने कहा कि सिर्फ ऑलराउंडरों की संख्या पर ध्यान देने के बजाय ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए जो मैच का रुख बदलने में सक्षम हों।
'आपको अपनी सर्वश्रेष्ठ संयोजन के साथ जाना होगा'
युवराज के मुताबिक हर टीम की जरूरत और खिलाड़ियों का संयोजन अलग होता है। इसलिए भारत को अपनी परिस्थितियों और जरूरत के अनुसार टीम तैयार करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'हर देश के पास अलग तरह के खिलाड़ी होते हैं। कुछ टीमों में ज्यादा ऑलराउंडर होते हैं, कुछ के पास विशेषज्ञ बल्लेबाज और गेंदबाज ज्यादा होते हैं। आपको अपने सर्वश्रेष्ठ संयोजन के साथ जाना होगा। सर्वश्रेष्ठ संयोजन हमेशा 12, 13 या 14 खिलाड़ियों का होगा और 15वें खिलाड़ी का चयन परिस्थितियों के अनुसार किया जा सकता है। आप अतिरिक्त स्पिनर, तेज गेंदबाज या ऑलराउंडर खिलाना चाहते हैं या नहीं, आपको सर्वश्रेष्ठ टीम के साथ जाना होगा।' उन्होंने आगे कहा, 'आपको अपने शीर्ष 11 मैच विजेताओं के साथ जाना होगा, जिनके बारे में आपको लगता है कि वे मैच जिता सकते हैं।'
ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण देकर समझाया
युवराज ने विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की सफलता का उदाहरण भी दिया। उनके मुताबिक ऑस्ट्रेलिया की विश्व कप जीतने वाली टीमों में ऐसे कई खिलाड़ी रहे हैं, जो व्यक्तिगत रूप से मैच का रुख बदल सकते थे। उन्होंने कहा, 'इसी वजह से ऑस्ट्रेलिया सफल रहा है। मेरा मानना है कि जब भी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने विश्व कप जीता, उनके पास बहुत सारे मैच विजेता रहे, जो व्यक्तिगत तौर पर मैच निकाल सकते थे। किसी खास दिन उनमें से एक खिलाड़ी काम कर देता था और जब पूरी टीम मुश्किल में होती थी, तो वे मिलकर मैच निकाल लेते थे।'
पिछले दो टी20 विश्व कप से सीखने की बात
युवराज ने भारत के पिछले दो टी20 विश्व कप अभियानों का भी उदाहरण दिया। भारत ने 2024 और 2026 में लगातार दो पुरुष टी20 विश्व कप जीते। इसके अलावा भारतीय टीम 2023 वनडे विश्व कप के फाइनल तक भी पहुंची थी। युवराज ने कहा, 'पिछले दो टी20 विश्व कप में हमने भी ऐसा ही किया है। हमने 2023 के 50 ओवर के विश्व कप का फाइनल भी खेला था। इसलिए सफेद गेंद की क्रिकेट में हमारे अंदर काफी निरंतरता रही है। उन्हें भी ऐसा ही करना चाहिए। पहले सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने और फिर आखिरी दो नॉकआउट मुकाबलों में खेलने के बारे में सोचना चाहिए।' उन्होंने आगे कहा, 'अभी यह काफी दूर की बात है। ध्यान ऐसी टीम तैयार करने पर होना चाहिए, जो साथ हो और किसी भी परिस्थिति में लड़ने के लिए तैयार हो।'
कनाडा सुपर 60 के ब्रांड एंबेसडर बने युवराज
युवराज को हाल ही में कनाडा सुपर 60 का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। यह पेशेवर टी10 क्रिकेट लीग है। इसका दूसरा सत्र 29 सितंबर से चार अक्तूबर तक वैंकूवर के बीसी प्लेस में खेला जाएगा। टूर्नामेंट में छह टीमों की पुरुष प्रतियोगिता और तीन टीमों की महिला प्रतियोगिता होगी। युवराज ने लीग को लेकर कहा, 'कनाडा सुपर 60 मुझे काफी रोमांचक लगता है। यह टी20 से भी छोटा और तेज प्रारूप है। वहां मेरा काफी पंजाबी समुदाय है। उन्हें कुछ शीर्ष खिलाड़ियों को लाइव क्रिकेट खेलते देखने का मौका मिलेगा। मैं उनसे स्थानीय लोगों को भी मैच देखने के लिए लाने का आग्रह करूंगा।'
उन्होंने कहा, 'कई माता-पिता हमेशा अपने बच्चों को क्रिकेट खेलने के लिए भारत वापस लाने की बात करते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि इन बच्चों के लिए इन लीग में खेलना एक शानदार मंच है। मैं इस खेल को लेकर काफी जुनूनी हूं और दुनिया के उन हिस्सों में क्रिकेट को आगे बढ़ाने की पूरी कोशिश करना चाहता हूं, जहां यह लोकप्रिय नहीं है।' पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान भी इस टूर्नामेंट में एक टीम के सह-मालिक हैं।
विज्ञापन
भारत के 2027 वनडे विश्व कप का सफर 27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू होने वाली तीन मैचों की घरेलू वनडे सीरीज से होगा। ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने कई सवाल हैं। इनमें पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के अंतरराष्ट्रीय भविष्य का सवाल भी शामिल है। दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विश्व कप को देखते हुए तेज गेंदबाजी ऑलराउंडरों पर भी ध्यान है और चोटों से जूझ रहे हार्दिक पांड्या को लेकर चर्चा हो रही है।
विज्ञापन
'आखिरी समय में बड़े बदलाव नहीं करने चाहिए'
युवराज ने टीम के खिलाड़ियों को पर्याप्त मैच खेलने का मौका देने पर जोर दिया। उनका मानना है कि अगले एक साल में खिलाड़ियों को साथ खेलने का पर्याप्त अवसर मिलना जरूरी है, क्योंकि टी20 क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव के बीच वनडे मैचों की संख्या कम हुई है। उन्होंने क्रिकइंफो से कहा, 'उन्हें एक साल बाद होने वाले विश्व कप के लिए अभी से उसी टीम को तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि आप आखिरी समय में बड़े बदलाव नहीं करना चाहते। आपके खिलाड़ी चाहे 16 हों या 20, यह महत्वपूर्ण है कि सभी को मैच खेलने का समय मिले। अब जाहिर तौर पर टी20 ज्यादा और 50 ओवर के मैच कम हैं। जितने भी मैच हैं, उनमें खिलाड़ियों को विश्व कप की तैयारी के लिए पर्याप्त मैच खेलने का मौका मिलना जरूरी है।' युवराज ने अपने अनुभव के आधार पर कहा कि भारत को आखिरी समय में बदलाव करने से नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, 'हर बार भारत तब लड़खड़ाया है, जब उसने आखिरी समय में या टूर्नामेंट के दौरान बड़े बदलाव किए हैं। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम उस टीम के साथ बने रहें, जिसके बारे में हमें विश्वास है कि वह 2027 विश्व कप जीत सकती है। उस समय तक उन खिलाड़ियों का साथ देना चाहिए, चाहे वे सफल हों या असफल। टीम पर भरोसा बहुत महत्वपूर्ण है।'
टीम चयन में कई सवाल, रोहित और हार्दिक पर नजर
27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू होने वाली वनडे सीरीज भारतीय टीम के लिए विश्व कप की लंबी तैयारी का शुरुआती चरण होगी। चयनकर्ताओं के सामने टीम संयोजन को लेकर कई सवाल हैं। पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का अंतरराष्ट्रीय भविष्य इनमें प्रमुख सवाल है। वहीं, विश्व कप दक्षिण अफ्रीका में खेला जाना है, इसलिए तेज गेंदबाजी ऑलराउंडरों की भूमिका पर भी ध्यान दिया जा रहा है। चोटों से प्रभावित हार्दिक पांड्या भी इसी चर्चा के केंद्र में हैं।
भारत सीमित ओवरों की क्रिकेट में ऑलराउंडरों को टीम में जगह देकर बल्लेबाजी में गहराई बढ़ाने पर भी जोर देता रहा है। हालांकि युवराज ने कहा कि सिर्फ ऑलराउंडरों की संख्या पर ध्यान देने के बजाय ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए जो मैच का रुख बदलने में सक्षम हों।
'आपको अपनी सर्वश्रेष्ठ संयोजन के साथ जाना होगा'
युवराज के मुताबिक हर टीम की जरूरत और खिलाड़ियों का संयोजन अलग होता है। इसलिए भारत को अपनी परिस्थितियों और जरूरत के अनुसार टीम तैयार करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'हर देश के पास अलग तरह के खिलाड़ी होते हैं। कुछ टीमों में ज्यादा ऑलराउंडर होते हैं, कुछ के पास विशेषज्ञ बल्लेबाज और गेंदबाज ज्यादा होते हैं। आपको अपने सर्वश्रेष्ठ संयोजन के साथ जाना होगा। सर्वश्रेष्ठ संयोजन हमेशा 12, 13 या 14 खिलाड़ियों का होगा और 15वें खिलाड़ी का चयन परिस्थितियों के अनुसार किया जा सकता है। आप अतिरिक्त स्पिनर, तेज गेंदबाज या ऑलराउंडर खिलाना चाहते हैं या नहीं, आपको सर्वश्रेष्ठ टीम के साथ जाना होगा।' उन्होंने आगे कहा, 'आपको अपने शीर्ष 11 मैच विजेताओं के साथ जाना होगा, जिनके बारे में आपको लगता है कि वे मैच जिता सकते हैं।'
ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण देकर समझाया
युवराज ने विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की सफलता का उदाहरण भी दिया। उनके मुताबिक ऑस्ट्रेलिया की विश्व कप जीतने वाली टीमों में ऐसे कई खिलाड़ी रहे हैं, जो व्यक्तिगत रूप से मैच का रुख बदल सकते थे। उन्होंने कहा, 'इसी वजह से ऑस्ट्रेलिया सफल रहा है। मेरा मानना है कि जब भी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने विश्व कप जीता, उनके पास बहुत सारे मैच विजेता रहे, जो व्यक्तिगत तौर पर मैच निकाल सकते थे। किसी खास दिन उनमें से एक खिलाड़ी काम कर देता था और जब पूरी टीम मुश्किल में होती थी, तो वे मिलकर मैच निकाल लेते थे।'
पिछले दो टी20 विश्व कप से सीखने की बात
युवराज ने भारत के पिछले दो टी20 विश्व कप अभियानों का भी उदाहरण दिया। भारत ने 2024 और 2026 में लगातार दो पुरुष टी20 विश्व कप जीते। इसके अलावा भारतीय टीम 2023 वनडे विश्व कप के फाइनल तक भी पहुंची थी। युवराज ने कहा, 'पिछले दो टी20 विश्व कप में हमने भी ऐसा ही किया है। हमने 2023 के 50 ओवर के विश्व कप का फाइनल भी खेला था। इसलिए सफेद गेंद की क्रिकेट में हमारे अंदर काफी निरंतरता रही है। उन्हें भी ऐसा ही करना चाहिए। पहले सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने और फिर आखिरी दो नॉकआउट मुकाबलों में खेलने के बारे में सोचना चाहिए।' उन्होंने आगे कहा, 'अभी यह काफी दूर की बात है। ध्यान ऐसी टीम तैयार करने पर होना चाहिए, जो साथ हो और किसी भी परिस्थिति में लड़ने के लिए तैयार हो।'
कनाडा सुपर 60 के ब्रांड एंबेसडर बने युवराज
युवराज को हाल ही में कनाडा सुपर 60 का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। यह पेशेवर टी10 क्रिकेट लीग है। इसका दूसरा सत्र 29 सितंबर से चार अक्तूबर तक वैंकूवर के बीसी प्लेस में खेला जाएगा। टूर्नामेंट में छह टीमों की पुरुष प्रतियोगिता और तीन टीमों की महिला प्रतियोगिता होगी। युवराज ने लीग को लेकर कहा, 'कनाडा सुपर 60 मुझे काफी रोमांचक लगता है। यह टी20 से भी छोटा और तेज प्रारूप है। वहां मेरा काफी पंजाबी समुदाय है। उन्हें कुछ शीर्ष खिलाड़ियों को लाइव क्रिकेट खेलते देखने का मौका मिलेगा। मैं उनसे स्थानीय लोगों को भी मैच देखने के लिए लाने का आग्रह करूंगा।'
उन्होंने कहा, 'कई माता-पिता हमेशा अपने बच्चों को क्रिकेट खेलने के लिए भारत वापस लाने की बात करते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि इन बच्चों के लिए इन लीग में खेलना एक शानदार मंच है। मैं इस खेल को लेकर काफी जुनूनी हूं और दुनिया के उन हिस्सों में क्रिकेट को आगे बढ़ाने की पूरी कोशिश करना चाहता हूं, जहां यह लोकप्रिय नहीं है।' पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान भी इस टूर्नामेंट में एक टीम के सह-मालिक हैं।