रेखा आर्या प्रकरण: 18 दिन से फरार गिरधारी, गिरफ्तारी के लिए वारंट तक नहीं, कोर्ट में आवेदन भी नहीं
मामले में जांच की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कंपनियों में कथित फर्जीवाड़े से जुड़े मूल दस्तावेज भी पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। जांच के दौरान पांच कंपनियों के कुछ दस्तावेजों की फोटोकॉपी मिली थी।
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कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। मुकदमा दर्ज हुए 18 दिन बीत चुके हैं, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अब तक न्यायालय से वारंट हासिल नहीं कर पाई है। हैरानी की बात यह है कि वारंट जारी कराने के लिए अदालत में आवेदन तक नहीं किया गया है। एसआईटी अब जल्द वारंट लेने की बात कह रही है।
मामले में जांच की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कंपनियों में कथित फर्जीवाड़े से जुड़े मूल दस्तावेज भी पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। जांच के दौरान पांच कंपनियों के कुछ दस्तावेजों की फोटोकॉपी मिली थी। एसआईटी ने इन्हें कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के सामने रखा तो उन्होंने दस्तावेजों को सही मानने से इन्कार कर दिया। ऐसे में फर्जी हस्ताक्षर के जरिये उन्हें निदेशक पद से हटाने के आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस को अभी ठोस साक्ष्य जुटाने हैं।
एसआईटी प्रभारी जया बलोनी के मुताबिक, कंपनियों के मूल दस्तावेज सतेंद्र के पास होने की संभावना है। वह गिरधारी साहू का करीबी बताया जा रहा है। उसके आवास पर नोटिस चस्पा किया गया है, लेकिन वह अपने ठिकाने पर नहीं मिला। उसके सामने न आने से दस्तावेजों की बरामदगी भी नहीं हो पा रही है।
जल्द वारंट और इनाम की तैयारी
एसआईटी प्रभारी का कहना है कि जल्द न्यायालय से गिरधारी साहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट लिया जाएगा। इसके बाद उस पर इनाम घोषित कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। गौरतलब है कि रेखा आर्या ने 15 अक्तूबर को कैंट कोतवाली में पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट, आपराधिक षड्यंत्र और एससी-एसटी एक्ट समेत कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें पहली शादी छिपाने, जातिसूचक शब्द कहने, फर्जी हस्ताक्षर से कंपनी के निदेशक पद से हटाने और हत्या की साजिश रचने जैसे आरोप लगाए गए हैं।