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शिक्षा से सशक्त, अनुभव से समृद्ध
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर और हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से पत्रकारिता डिप्लोमा की शैक्षणिक बुनियाद के साथ, मैंने अपने करियर को हमेशा एक नई दृष्टि दी है। वर्तमान में, पत्रकारिता जगत में 15 वर्षों से अधिक का एक लंबा, समृद्ध और जीवंत अनुभव मेरे साथ है, जिसमें से बीते साढ़े 9 वर्षों से मैं अमर उजाला डिजिटल में निरंतर अपनी सक्रिय भूमिका निभा रही हूं। 


शब्दों से सरोका ... ...और पढ़ें

शिक्षा से सशक्त, अनुभव से समृद्ध
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर और हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से पत्रकारिता डिप्लोमा की शैक्षणिक बुनियाद के साथ, मैंने अपने करियर को हमेशा एक नई दृष्टि दी है। वर्तमान में, पत्रकारिता जगत में 15 वर्षों से अधिक का एक लंबा, समृद्ध और जीवंत अनुभव मेरे साथ है, जिसमें से बीते साढ़े 9 वर्षों से मैं अमर उजाला डिजिटल में निरंतर अपनी सक्रिय भूमिका निभा रही हूं। 


शब्दों से सरोकार तक
मेरे लिए पत्रकारिता केवल खबरों को कागज़ या स्क्रीन पर लिखने तक सीमित नहीं है, यह लेखन, आवाज़, बेबाक प्रस्तुति और फील्डवर्क का एक ऐसा सटीक संतुलन है, जिसे मैं एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग के ज़रिये दर्शकों तक हूबहू पहुंचाती हूँ। कैमरे के सामने शब्दों की मर्यादा को बनाए रखते हुए बेबाक और निष्पक्ष प्रस्तुति देना मेरी सबसे बड़ी काबिलियत है। 

कंटेंट से संस्कृति तक
इसी हुनर के चलते अमर उजाला डिजिटल के मंच पर विशेष कार्यक्रम लेखक और लेखनी के सफल संचालन और प्रस्तुति की मुख्य ज़िम्मेदारी मेरे कंधों पर है।
धर्मनगरी हरिद्वार की पावन मिट्टी से ताल्लुक रखने के कारण, सनातन धर्म और लोक-संस्कृति के प्रति मेरा अगाध प्रेम है। लोक-भाषा को वैश्विक मंच देने के प्रयास में, मैं गढ़वाली भाषा के विशेष बुलेटिन रंत रैबार के निर्माण और प्रोडक्शन का ज़िम्मा पूरी निष्ठा से संभाल रही हूं।

समय के साथ अपडेट, मूल्यों के साथ अडिग
डिजिटल मीडिया के इस तेज़ दौर में, मेरा यह अटूट विश्वास है कि सार्थक पत्रकारिता सनसनी से दूर रहकर ही की जा सकती है। गंभीर से गंभीर विषय को सहज-सरल भाषा में पिरोकर दर्शकों से सीधा संवाद साधना और सांस्कृतिक मूल्यों के साथ रचनात्मकता बनाए रखना ही मेरे इस डेढ़ दशक लंबे सफर का मूलमंत्र है। स्वभाव से एक सतत जागरूक खोजी होने के नाते, जीवन में हर दिन कुछ नया सीखने, उसे आत्मसात करने और खुद को समय के साथ अपडेट रखने का सिलसिला आज भी जारी है।

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