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Uttarakhand SIR: प्रदेश के तीन जिलों में वोट काटने की सबसे ज्यादा आपत्तियां, इस नाम को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा

Tue, 25 Aug 2026 08:09 AM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Tue, 25 Aug 2026 08:09 AM IST
सार
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उत्तराखंड में मतदाता सूची को लेकर दर्ज आपत्तियों ने चुनाव आयोग का ध्यान तीन जिलों पर केंद्रित कर दिया है। बड़ी संख्या में एक ही नाम से आपत्तियां दर्ज होने के बाद आयोग ने इन जिलों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है।

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SIR Uttarakhand Voter List Nainital US Nagar and Haridwar Record Highest Objections Over Deletion of Names
एसआईआर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

उत्तराखंड के तीन जिलों नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार में वोट काटने की फॉर्म-10 में सबसे ज्यादा आपत्तियां सामने आई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने इन जिलों में विशेष निगरानी के लिए नौ आईएएस-पीसीएस बतौर पर्यवेक्षक तैनात किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि वोटर और आपत्तिकर्ता को नोटिस जारी कर सुनवाई किए बिना निस्तारण नहीं होगा।

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एक व्यक्ति पांच या इससे अधिक आपत्तियां दर्ज कर सकता है। ऊधमसिंह नगर जिले की किच्छा विधानसभा में अकेले राजेश तिवारी के नाम से 5906 आपत्तियां दर्ज हुई हैं। इसी प्रकार, कई और विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में एक ही नाम से आपत्तियां सामने आई हैं। अनुपस्थित या स्थायी तौर पर शिफ्ट श्रेणी में 40,906 मामले दर्ज हुए हैं।

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2,575 मतदाताओं के स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट होने की अलग से शिकायत दर्ज की गई हैं। 40,906 लोगों के घर पर न मिलने या दूसरी जगह शिफ्ट होने की आपत्तियां चुनाव आयोग के अधिकारियों के सामने चुनौती है। इन मामलों में अब यह सत्यापित करना जरूरी होगा कि संबंधित मतदाता वास्तव में उसी विधानसभा क्षेत्र में निवास कर रहा है या नहीं। यदि मतदाता दूसरी जगह स्थायी रूप से जा चुका है तो पुराने पते की मतदाता सूची में उसका नाम बने रहना भी सवाल खड़ा करता है। आयोग के सामने ये भी चुनौती है कि आपत्तियों के पीछे कोई राजनीतिक षड्यंत्र न हो।

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लापरवाह अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी : मुख्य निर्वाचन अधिकारी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सोमवार को कुमाऊं-गढ़वाल के मंडल आयुक्तों सहित देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल एवं ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा की।

बैठक के दौरान तीनों जिलाधिकारियों ने दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण के संबंध में अब तक की कार्रवाई के साथ ही आगे की रणनीति पर जिलेवार विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी दावे एवं आपत्तियों की नियमानुसार सुनवाई की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए यथोचित कार्रवाई की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर राजनीतिक दलों और मीडिया के साथ नियमित संवाद करते रहें।

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समीक्षा बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलों के डीईओ को फॉर्म-6, फॉर्म-7 एवं फॉर्म-8 के निस्तारण के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन बूथों पर चार प्रतिशत से अधिक परिवर्धन और दो प्रतिशत से अधिक अपमार्जन की संभावना है, ऐसे बूथों का संबंधित ईआरओ व्यक्तिगत निरीक्षण करते हुए नियमानुसार कार्रवाई करें। उन्होंने गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप और कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत से जिला भ्रमण के बारे में फीडबैक भी लिया।


 

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