{"_id":"6a97a55d64cb31cd5d0df756","slug":"delhi-s-monsoon-pattern-shifted-june-was-weak-while-july-and-august-saw-heavy-rainfall-2026-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली मौसम: मानसून का बदला मिजाज, जून कमजोर, जुलाई-अगस्त में झमाझम हुई बारिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली मौसम: मानसून का बदला मिजाज, जून कमजोर, जुलाई-अगस्त में झमाझम हुई बारिश
Wed, 02 Sep 2026 09:56 AM IST
Vijay Singh Pundir
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Wed, 02 Sep 2026 09:56 AM IST
दिल्ली में मानसून के आगमन की सामान्य तारीख 29 जून है। इस बार मानसून दो जुलाई को पहुंचा, लेकिन इसके बाद बारिश की रफ्तार तेज रही। जुलाई में 258 मिमी और 26 अगस्त तक अगस्त में 354.1 मिमी बारिश दर्ज की गई।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली में मानसून का पैटर्न पिछले तीन साल में तेजी से बदला है। अब जून में प्री-मानसून बारिश कमजोर रह रही है, जबकि जुलाई और अगस्त में कम अवधि के दौरान तेज बारिश के स्पेल बढ़ रहे हैं। वर्ष 2023 में जुलाई में रिकॉर्ड बारिश के बाद अगस्त सूखा रहा था, लेकिन 2024 से जुलाई-अगस्त दोनों महीनों में लगातार सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हो रही है। इस साल 26 अगस्त तक इन दोनों महीनों में करीब 612 मिमी बारिश हो चुकी है।
विज्ञापन
दिल्ली में मानसून के आगमन की सामान्य तारीख 29 जून है। इस बार मानसून दो जुलाई को पहुंचा, लेकिन इसके बाद बारिश की रफ्तार तेज रही। जुलाई में 258 मिमी और 26 अगस्त तक अगस्त में 354.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। मानसून अवधि में अब तक बारिश 653.9 मिमी तक पहुंच चुकी है।
विज्ञापन
2023 में जुलाई में 507.1 मिमी बारिश हुई थी, जो सामान्य से 141 प्रतिशत अधिक थी और 2003 के बाद जुलाई की सबसे ज्यादा बारिश थी। इसके विपरीत अगस्त में महज 91.8 मिमी बारिश हुई। इसके बाद 2024 से बारिश का वितरण बदला। जुलाई लगभग सामान्य रहा, लेकिन अगस्त में 390.3 मिमी बारिश हुई। 2025 में जुलाई और अगस्त दोनों में अधिक बारिश हुई और अगस्त में 400.1 मिमी पानी बरसा, जो 15 साल में इस महीने का सर्वाधिक आंकड़ा था।
विज्ञापन
2026 में भी यही प्रवृत्ति जारी है। चार से आठ अगस्त के बीच पांच दिन में 224.7 मिमी बारिश हुई, जबकि 25 अगस्त को 24 घंटे में 99.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार तीसरे साल अगस्त में बारिश 350 मिमी का आंकड़ा पार कर चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से बनने वाली प्रणालियों के कारण मानसून ट्रफ सक्रिय है। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव भी बढ़ा है। इससे कम समय में तेज बारिश हो रही है। इसका सीधा असर जलभराव और यमुना के जलस्तर पर पड़ रहा है। सितंबर में भी सामान्य से अधिक बारिश का अनुमान है।
एमसीडी ने 35 से ज्यादा स्थानों को जलभराव के लिहाज से अति संवेदनशील घोषित किया है।
2024 से बदला पैटर्न : जुलाई में बारिश लगभग सामान्य, अगस्त में लगातार सरप्लस
वर्ष 2024 में जुलाई में 203.7 मिमी बारिश सामान्य के आसपास रही, लेकिन अगस्त में 390.3 मिमी यानी 67 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। 2025 में जुलाई में 259.3 मिमी और अगस्त में 400.1 मिमी बारिश दर्ज हुई। इस साल 26 अगस्त तक जुलाई-अगस्त में करीब 612 मिमी बारिश हो चुकी है।
जुलाई-अगस्त का चार साल का आंकड़ा
महीना सामान्य 2023 2024 2025 2026
जुलाई 209.7 507.1 203.7 259.3 258
अगस्त 226.8 91.8 390.3 400.1 354.1
(नोट : 2026 का आंकड़ा 26 अगस्त तक का)
जून में प्री-मानसून कमजोर
इस बार जून में सिर्फ 41.8 मिमी बारिश हुई। मानसून के देर से पहुंचने के बावजूद जुलाई-अगस्त की तेज बारिश ने शुरुआती कमी पूरी कर दी।